कविता सोशल मीडिया

लड़ै कठिण लड़णू मनखि

बीना बेंजवालरमाकांत बेंजवाल

लड़ै कठिण लड़णू मनखिबलि वैश्विकतै चढ़णू मनखिअपणि सक्याऽ धीरज का बलदिन कोरोना गणणू मनखिखांसि-छींक छै छ्वीं साधारणकसूर ह्वेगि करोना कारण देखी अपणौ तैं ही आजजाणीऽ अजाण बणणू मनखिलड़ै कठिण……… गिच्चा मास्क जब हवा साफघड़ि-घड़ि धोण पड़णा हातफिर अपणि मा कै अपणैगति-मुक्ति कन्नौ डरणू मनखिलड़ै कठिण……….. कबि भूकु तीसु रै तैंकबि रेलै पटर्यूं स्ये तैंकबि सड़क्यूं चलि मीलों पैदलसांस आखिरि गणणू मनखिलड़ै कठिण………. समझद छौ तनीऽ समाजकोरोना योद्धा बण्यां सी आजसोच पुराणी करी सैनीटाइजविचार नया गढ़णू मनखिलड़ै कठिण….. दुन्यै छोड़ी भागमभाग स्वार्थ लालचौ करी त्यागबैठी अपणा दगड़ा यूं दिनोंअफु तैं अफ्वी पढ़णू मनखिलड़ै कठिण……. अद्येखा बैरी देखी तागतदुगणा कन्नू अपणि हिकमतल्यौणौ मनख्याता आली सुबेरखाड अंध्याराऽ खणणू मनखिलड़ै कठिण….. ताळाबंदी देस दुन्या जबआॅनलाइन काम-धाम सबनया हिसाब से अपडेटबाटा नया बढ़णू मनखिलड़ कठिन……. दिखेणू दूरै बिटि हिमालछाळा ह्वे बगणा गंगाळ धर्ति का सब्रो देखी फलतसबीर भोळै गढ़णू मनखि। लड़ै कठिण…..

बीना बेंजवाल द्वारा इस दिन पोस्ट की गई सोमवार, 11 मई 2020

लड़ै कठिण लड़णू मनखिबलि वैश्विकतै चढ़णू मनखिअपणि सक्याऽ धीरज का बलदिन कोरोना गणणू मनखिखांसि-छींक छै छ्वीं साधारणकसूर ह्वेगि करोना कारण देखी अपणौ तैं ही आजजाणीऽ अजाण बणणू मनखिलड़ै कठिण……… गिच्चा मास्क जब हवा साफघड़ि-घड़ि धोण पड़णा हातफिर अपणि मा कै अपणैगति-मुक्ति कन्नौ डरणू मनखिलड़ै कठिण……….. कबि भूकु तीसु रै तैंकबि रेलै पटर्यूं स्ये तैंकबि सड़क्यूं चलि मीलों पैदलसांस आखिरि गणणू मनखिलड़ै कठिण………. समझद छौ तनीऽ समाजकोरोना योद्धा बण्यां सी आजसोच पुराणी करी सैनीटाइजविचार नया गढ़णू मनखिलड़ै कठिण….. दुन्यै छोड़ी भागमभाग स्वार्थ लालचौ करी त्यागबैठी अपणा दगड़ा यूं दिनोंअफु तैं अफ्वी पढ़णू मनखिलड़ै कठिण……. अद्येखा बैरी देखी तागतदुगणा कन्नू अपणि हिकमतल्यौणौ मनख्याता आली सुबेरखाड अंध्याराऽ खणणू मनखिलड़ै कठिण….. ताळाबंदी देस दुन्या जबआॅनलाइन काम-धाम सबनया हिसाब से अपडेटबाटा नया बढ़णू मनखिलड़ कठिन……. दिखेणू दूरै बिटि हिमालछाळा ह्वे बगणा गंगाळ धर्ति का सब्रो देखी फलतसबीर भोळै गढ़णू मनखि। लड़ै कठिण…..

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