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अशोक जोशी स्नातक की पढै करदू एक ज्वान भुला

उदय दिनमान डेस्कः  अशोक गुरुकुल कांगडी हरिद्वार मा स्नातक कु छात्र च अर भौत ही लगनशील मैनती अर नेक सोच कु यु युवा गढवाली भाषा मा लिखण पढण की तरफ भी देखणू च।
    अशोक तै मैं ब्यक्तिगत मिळयूं नी छूं, पर गढभाषा का परति तेकू पिरेम इथ्ग्या कि बेबाक मैसे गढवाली लिखणै अपडि कोसिस की बात बतौंदि रंदू।

  बीस साल का उत्तराखंड का हमउमर अशोक जोशी जन नै छवाळि अपडि भाषा साहित्य संस्कृति की तरफ ह्यन्नी च कलम उठौणी जु सकारात्मक तस्वीर खैंचलि गढभाषा की।
 त या बेहतर तस्वीर हवे सकदि हमारी भाषा संस्कृति तै—–
 हिन्दी दगडि गढवाली रळौ-मिळो करीतै अशोक कु यु गीत रचना लिखी च देखा आशीर्वाद स्नेह  जरूर बरखांया ये भुला पर…

खडु उठाऽ— अग्वाडि बढ़ा

स्वरोजगार की राह मा
जळमभूमि कि छांव मा
पहाड़ों की खुचळि मा
रीति रिवाज निभौण चला
        खडु उठाऽ—- अग्वाडि बढ़ा
  
गढकुमौं का मान मा
उत्तराखंड सम्मान मा
गढभाषा स्वाभिमान मा
हिमाळै अभिमान मा
               खडु उठाऽ — अग्वाडि बढ़ा
हैरिभैरि सार मा
छैल पाखों धार मा
गौडी भैस्यूं गुठ्यार मा
द्यवतौं का मंडाण मा
           खडु उठाऽ —  अग्वाडि बढ़ा
घौर सुन्न पड़ी डंडयाळी मा
छज्जा की पठ्ठाली मा
सेरा रोपण्यूं सार मा
नौ नाजै की बार मा।
           खडु उठाऽ— अग्वाडि बढ़ा
घुघति का त्येवार मा
ईगास बग्वाळ मा
कोदे झंगोरे धांण मा
पहाड़ की पछांण मा।
             खडु उठाऽ —  अग्वाडि बढ़ा
ह्यूंद की लंबी रात मा
देवी द्यवतौं जात मा
भौज लैन भात मा
तिमला माळा पात मा।
               खडु उठाऽ —  अग्वाडि बढ़ा
पुरांणा दगड्यौं गैल मा
घुघती बसूति का खेल मा
उदस्यां मनै सास मा
दाना स्यांणौ की आश मा।
                खडु उठाऽ —-  अग्वाडि बढ़ा
बौंण पुंग्ण्यूं मोळयार मा
हैंसदा बुरांश धार मा

गौं मुलुक बर्यात मा
भेना-स्याळि का मजाक मा
मांगळों की भौंण मा
लौकदि कुयेडि सौंण मा।
                  खडु उठाऽ —-  अग्वाडि बढ़ा

अशोक जोशी, नारायबगड चमोली।

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