Home कविता दिल से

कन मामारी फैलै यूँ चीन्यूंन

बिमारी कै देखिन
पर यन भि
ये देखी, सूंणी
जैन मनखि लम्पसार
घैल करिन
बीमारी नौं कोरोना
भैर भितर संगति दौन
स्कूल काॅलेज पढै-लिखै
सबि चुप्प-मौन।
सैर गयां मनखि
घौर औणौ तरसणां
कखि कैगि आंखी जग्वाळ मा फफडांणी
क्वे विपदा मा पैदल भटकणां।
आरती राणा छात्रा- पालाकुराली

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