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शत्-शत् नमन, जै-जै वंदन माँ भारती कर्दि अभिनंदन

शत्-शत् नमन, जै-जै वंदन
माँ भारती कर्दि अभिनंदन
देश की सीमा जान लुटौंदा
हर्यू भर्यूं रखदा जु चमन
तौं अमर जवानों तै
देश का वीरों तै
शत्-शत् नमन
अभिनंदन
देश की रक्षा खातिर जौंन
ल्वे पाणी जन बगै दीनी
जैं माट्यूं खांणो खाईं
पाणी जखो पीनी,
माँ का दूधों कर्ज चुकौणौ,
जिदंगी करि अपर्ण।
तौं अमर जवानों तै
देश का वीरों तै
शत्-शत् नमन
अभिनंदन
जन्म भूमि कु कर्ज चुकौणौ
मातृभूमि तै फर्ज निभौणौ
खडा सदानि अगने की लैन
छांति तांणी जोश का गीत
वंदेमातरम गांदि रैन।
जौंका परताप छैल
सुख शांति अर अमन।
तौं अमर जवानों तै
देश का वीरों तै
शत्-शत् नमन
अभिनंदन
हिन्द की सैना भितर-भैर
दुश्मन बैरी कि, नी च खैर,
जान की बाजी पौ-परांण
अंत समै तक माटी तिलक
देश का खातिर कै बलिदान
जौंन दीनी तन-मन,धन
तौं अमर जवानों तै
देश का वीरों तै
शत्-शत् नमन
अभिनंदन
अश्विनी गौड़ दानकोट, रूद्रप्रयाग

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