Home कविता कहानी दिल से मेरू उत्तराखंड

संवेदना: सिमरन एक यन बालिका जु शारिरिक अस्वस्थ

उदय दिनमान डेस्कः ह्वोण का बाद भी कलम किताब से भौत गैरी दगडि कर्दि।तमाम कोशिश कना बाद भी शरीर स्वास्थ्य मा खास सुधार नी च  सामान्य बच्चों चार हिटण घूमण मा दिक्कत  च।सिमरन फिर भी हिम्मत नि हारी अर जीवन की जीवटता का कांडा-मूंडा छंट्ये तै कविता कहानी लिखण पर लगी च। माँ सरस्वती कि […]

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स्मार्टफोन(अतुकान्त)

मी छौ स्मार्टफोनह्वे जब मेरु अविष्कारदुन्या खुणि छौ चमत्कारमी छौ चीज बड़ी कामा कीखास जरूरत बणि गऊआज हर इन्साना कीज्ञान बढ़ाण माकरदू मी सहयोगहर क्वी कन्नूमेरू उपयोगदगड्या ह्वाया रिश्तेदारदूर ह्वा या नजदीकदिन ह्वा या रातएक हैका सेकरान्दू मी बातकठिण से कठिणसवालों जवाब खोजी बतान्दूतुम्हरा गीत, कविता, फोटोसम्भाली धैरी दीन्दूक्य क्या बणि जान्दूमि तुम्हरा बानाअलारम बणि […]

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शत्रु सैना मा त्राही मचोन्दा…

शत्रु सैना मा त्राही मचोन्दा ,हर योद्धा हनुमन्त च यख..वीर भड़ों से भर्यूं हिमालय ,हर सैनिक जसवन्त च यख ।।आर्यव्रत की सीमा पर ..याद रौखी तू नजर गढ़े नायौ ड्येली-ड्येऴी मा भीम छनएक कदम भी अग्वड़ी बढे़ ना।नल नीलों से देश भर्यूं च ,राम सेतु तैयार ह्वयां छन ..तुमरा चर्यूं तितर्याल नी छां,दृड़ अंगद आधार […]

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शत्-शत् नमन, जै-जै वंदन माँ भारती कर्दि अभिनंदन

शत्-शत् नमन, जै-जै वंदनमाँ भारती कर्दि अभिनंदनदेश की सीमा जान लुटौंदाहर्यू भर्यूं रखदा जु चमनतौं अमर जवानों तैदेश का वीरों तैशत्-शत् नमनअभिनंदनदेश की रक्षा खातिर जौंनल्वे पाणी जन बगै दीनीजैं माट्यूं खांणो खाईंपाणी जखो पीनी,माँ का दूधों कर्ज चुकौणौ,जिदंगी करि अपर्ण।तौं अमर जवानों तैदेश का वीरों तैशत्-शत् नमनअभिनंदन जन्म भूमि कु कर्ज चुकौणौमातृभूमि तै फर्ज […]

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शत्रु सैना मा त्राही मचोन्दा…

शत्रु सैना मा त्राही मचोन्दा ,हर योद्धा हनुमन्त च यख..वीर भड़ों से भर्यूं हिमालय ,हर सैनिक जसवन्त च यख ।।आर्यव्रत की सीमा पर ..याद रौखी तू नजर गढ़े नायौ ड्येली-ड्येऴी मा भीम छनएक कदम भी अग्वड़ी बढे़ ना।नल नीलों से देश भर्यूं च ,राम सेतु तैयार ह्वयां छन ..तुमरा चर्यूं तितर्याल नी छां,दृड़ अंगद आधार […]

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खडु उठाऽ— अग्वाडि बढ़ा

स्वरोजगार की राह माजळमभूमि कि छांव मापहाड़ों की खुचळि मारीति रिवाज निभौण चला        खडु उठाऽ—- अग्वाडि बढ़ा  गढकुमौं का मान माउत्तराखंड सम्मान मागढभाषा स्वाभिमान माहिमाळै अभिमान मा               खडु उठाऽ — अग्वाडि बढ़ाहैरिभैरि सार माछैल पाखों धार मागौडी भैस्यूं गुठ्यार माद्यवतौं का मंडाण मा           खडु उठाऽ —  अग्वाडि बढ़ाघौर सुन्न पड़ी डंडयाळी माछज्जा की पठ्ठाली मासेरा रोपण्यूं […]

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देख दू सैरि दुनिया

-आत्मनिर्भर—देख दू  सैरि दुनिया कन हवैगि लाचारसोच सोच मनमा क्वी नयु विचार,अपडु धंधा अपडा हाथकर दू कुछ नई छ्वीं बात। उठ सियां मनख्यूं बिजाळआत्मनिर्भरता मशाल बाळ क्या होलू, कन होलूगैरै से कर सोच बिचारसच धर्म कर्म अर तप दगडिकर समाज मा, कुछ यन काममनख्यूं मैनतों मिल जौयख पूरू दाम। उठ सियां मनख्यूं बिजाळआत्मनिर्भरताा मशाल बाळ खुद […]

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बदली द्योखा तस्वीर दुनिया की

बदली द्योखा तस्वीर दुनिया कीसुंदर सा एक दृश्य बणौलारैबार हम प्रकृति कु दी कआवा सबि डाळा लगोलामिलि-जुलि पर्यावरण बचौला” “फैलण लग्यूं  दिनरात परदूषणबण हैर्याळी की आंई खैरीहवा पाणी मा जहर मिलणूमनखि पर्यावरण कु बण्यूं बैरी”        अंबिका राणा पालाकुराली

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“मेरू बचपन कु घर “

तिबारी मा बैठयू छाे मेंसौचणूं छाे एक बात,का गैन हाेला सी दिन !बैठयू छाे उदास,खौळा-चौक मा, खेल्या दिन ,का गे हाेला आज,आंखी मेरी भरी गैनी देखी  तिबार बालापन का दिन बीत्यां जखआज ह्येगि स्या खंध्वारदै-दादा न खवांया जख,भै बैंण्यूं कि याददग्ड्याें दगडी हँसी खुशी खेल्या कै त्याैहारछाजा सज्यां रन्दा जखकनु राैत्यालु चाैमासखुद लगणी मैतै ताें दिनाें कीकख […]