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खडु उठाऽ— अग्वाडि बढ़ा

खडु उठाऽ— अग्वाडि बढ़ा              स्वरोजगार की राह मा            जळमभूमि कि छांव मा             पहाड़ों की खुचळि मा          रीति रिवाज निभौण चला                           खडु उठाऽ—- अग्वाडि बढ़ा                 गढकुमौं का मान मा              उत्तराखंड सम्मान मा             गढभाषा स्वाभिमान मा               हिमाळै अभिमान मा                             खडु उठाऽ — अग्वाडि बढ़ा                हैरिभैरि सार मा                छैल पाखों धार मा                गौडी भैस्यूं गुठ्यार मा               द्यवतौं […]

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ज्वोन सी मुखुडी वैंकी , काजल लगी आंखी

ज्वोन सी मुखुडी वैंकी ,काजल लगी आंखीसजी धजी बैठी च बेटुळिबाबा जी की  सांखी। चाै तरफ हँसी फैली ,खुशी अईं च बार,नाैनी आज बडी ह्वेगी ,ब्याें च तैंकू आज । काम की किसाणसगाैर की खान  वा ,मन मयालू छाै वैंकु ,कुछ इन्हीं छै वा। बाबा जी न  आज ,दीली  नाैनी दानफली फूली राजी खूशी रय्यां मेरी […]

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कन मामारी फैलै यूँ चीन्यूंन

कन मामारी फैलै यूँ चीन्यूंनबिमारी कै देखिनपर यन भिये देखी, सूंणीजैन मनखि लम्पसारघैल करिनबीमारी नौं कोरोनाभैर भितर संगति दौनस्कूल काॅलेज पढै-लिखैसबि चुप्प-मौन।सैर गयां मनखिघौर औणौ तरसणांकखि कैगि आंखी जग्वाळ मा फफडांणीक्वे विपदा मा पैदल भटकणां। आरती राणा छात्रा- पालाकुराली

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हे निर्दयों तुमतै दया भी नि आई

हे निर्दयों तुमतै दया भी नि आईचार रूपयों बाना ,तुमुन, मैं नोंचि-नोंचि  खयूं। न मैती वैन मेरा ,न वैन मेरा स्वरी,केन बोलि बेटी च!त कैन बौली ब्वारी ! कबि बेटी धर्म त, कभि ब्वारी कर्म निभै,स्वार्युन दस मनख्युं बीच पूछी,ब्वोल ब्वारी देजा मा क्या ल्याई? जरा जब मैंन आवाज उठैक्य दीनी मेरा मैत्युन दैज माहकलन्दी आवाजन बुलै। मेरा […]

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बदली द्योखा तस्वीर दुनिया की

“बदली द्योखा तस्वीर दुनिया कीसुंदर सा एक दृश्य बणौलारैबार हम प्रकृति कु दी कआवा सबि डाळा लगोलामिलि-जुलि पर्यावरण बचौला” “फैलण लग्यूं  दिनरात परदूषणबण हैर्याळी की आंई खैरीहवा पाणी मा जहर मिलणूमनखि पर्यावरण कु बण्यूं बैरी” अंबिका राणा पालाकुराली

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सोचणू छूं एक गीत लिखि द्यो

सोचणू छूं एक गीत लिखि द्योपहाड़ की खौर्यू परसुन्न पड्या ड्येर्यूं परबूड़ दादा दादी सांखी परतौंकी कमजोर ह्वोंदि आंखि परसोचणू छूं एक गीत लिखि द्योदादा का धुंवाण्यां ह्वक्का परअर दादी का क्वीला सजौंदा साज पर सोचणू छूं एक गीत लिखि द्यो ढोल दमौं की ताल परबीत्यां पुरांणा साल परद्यो-द्यवतौं शक्ति परआस्था विश्वास अर भक्ति पर […]

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नै पीढ़ी की कलम मा गढ़भाषा

उदय दिनमान डेस्कः नै पीढ़ी की कलम मा गढ़भाषा,  आज भौत सारा लोग जख गढवाली मा गीत संगीत का सुंण्णदरा छिन तखि भौत सारा नै छ्वाळि का ज्वान दगड्या अपडि भाषा की तरफां मुडी तै लिखण पढण की शुर्वात कना छिन। यि सब लगभग पंद्र साल बटि तीस बरस का हौंसिया ज्वान छिन ईं उमर […]

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संवेदना: सिमरन एक यन बालिका जु शारिरिक अस्वस्थ

उदय दिनमान डेस्कः ह्वोण का बाद भी कलम किताब से भौत गैरी दगडि कर्दि।तमाम कोशिश कना बाद भी शरीर स्वास्थ्य मा खास सुधार नी च  सामान्य बच्चों चार हिटण घूमण मा दिक्कत  च।सिमरन फिर भी हिम्मत नि हारी अर जीवन की जीवटता का कांडा-मूंडा छंट्ये तै कविता कहानी लिखण पर लगी च। माँ सरस्वती कि […]

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स्मार्टफोन(अतुकान्त)

मी छौ स्मार्टफोनह्वे जब मेरु अविष्कारदुन्या खुणि छौ चमत्कारमी छौ चीज बड़ी कामा कीखास जरूरत बणि गऊआज हर इन्साना कीज्ञान बढ़ाण माकरदू मी सहयोगहर क्वी कन्नूमेरू उपयोगदगड्या ह्वाया रिश्तेदारदूर ह्वा या नजदीकदिन ह्वा या रातएक हैका सेकरान्दू मी बातकठिण से कठिणसवालों जवाब खोजी बतान्दूतुम्हरा गीत, कविता, फोटोसम्भाली धैरी दीन्दूक्य क्या बणि जान्दूमि तुम्हरा बानाअलारम बणि […]

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शत्रु सैना मा त्राही मचोन्दा…

शत्रु सैना मा त्राही मचोन्दा ,हर योद्धा हनुमन्त च यख..वीर भड़ों से भर्यूं हिमालय ,हर सैनिक जसवन्त च यख ।।आर्यव्रत की सीमा पर ..याद रौखी तू नजर गढ़े नायौ ड्येली-ड्येऴी मा भीम छनएक कदम भी अग्वड़ी बढे़ ना।नल नीलों से देश भर्यूं च ,राम सेतु तैयार ह्वयां छन ..तुमरा चर्यूं तितर्याल नी छां,दृड़ अंगद आधार […]