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…औ लाटा ऐजा तू…

जिकुडि खुदांईत्वे बिना ससांई वौडा पछांण लगो,पुश्ता पैरा सळयोनै-नै उपज फसल उपजौ      —— औ लाटा  ऐजा तू—–अथाह धरती यख त्वे जागणीबीज सीजणू माटा मगोरोजगार की पौध डालहुण्त्यलू छंद यख पुर्यो।      ——– औ लाटा  ऐजा तू —–नाज का क्वन्का सिर्योसाग अर भुज्जी लगोटूटदि मकान्यूं चूं उगोपाणी टूटी नैर सळयो।       ——– औ लाटा  ऐजा तू —–सूखदि यख फसल […]

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औ लाटा ऐजा

औ लाटा ऐजाकुछ नयु करि जा,जिकुडि खुदांईत्वे बिना ससांई—–औ लाटा ऐजा——साग भुजि उगोवौडा पछांण लगो,पुश्ता पैरा सळयोनै-नै उपज फसल उपजो।—— औ लाटा ऐजा —–अथाह धरती यख त्वे जागणीबीज सीजणूं माटा मगो,रोजगार की पौध डालहुण्त्यलू छंद यख पुर्यो।——– औ लाटा ऐजा —–नाज का क्वन्का सिर्योसाग अर भुज्जी लगो,टूटदि मकान्यूं चूं उगोपाणी टूटी नैर सळयो।——– औ लाटा […]

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मैं पहाड़ छौं ….

मैं पहाड़ छौं ….एक पूर्ण भागवत छौं ,साक्यूं से शाश्वत छौं,कै खड़यन्त्रों का बीच घिर्यूं ,फिर भी मि जड़वत छौं ,हौं मैं पहाड़ छौं ..उपासना सेमवाल उपासना पर्वत प्रिया

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तुलसी पुज्यन्दी जख घर मा पीपळ तैं सेवा लगौन्दा..

उपासना सेमवाल काव्य संहिता तुलसी पुज्यन्दी जख घर मा पीपळ तैं सेवा लगौन्दा.. बट सावत्री की ह्वोन्दी पूजाबट वृक्ष तैं अर्ग चढ़ौन्दाप्रकृति ह्वन्दी आराध्य देबी .विश्व तैं हम यु सिखौन्दा …हम हर रोज प्रकृति पूजी तैं ..पर्यावरण बचौन्दा …पर्यावरण बचौन्दा …पैली रोपणी मा पूजा लगदी जख ..बीज की मुट्ठ भी धुप्योन्दापैली अन्न कु लगदु हर्यळकू […]

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मिन भी लाइव औण

उदय दिनमान डेस्कः सब्बि धाणी देरादूण जैसे गीत के रचनाकार भाई वीरेन्द्र पंवार की कोरोनाकाल की ये रचना पोस्ट करने से खुद को रोक नहीं पा रहा। वीरेन्द्र पंवारजै दिन अंधेरी का यु काळा दिन चौळ जाला,जै दिन यु खुट्टौ का छाळा मौळ जाला,मिन भी लाइव औण—!जै दिन गफ्फा तक पौंछ जाली भूक,अर पाणी तक […]

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दगड्या पहाड़ पर गीत कविता लिखणा

उदय दिनमान डेस्कः पहाड़ अर पहाड़ का रैबासी पर गीत कविता लिखण आसान नी च पर अजय राणा जन नौजवान दगड्या पहाड़ पर गीत कविता लिखणा,ये से बड़ी बात क्या ह्वे सकदि कि नै छवाळि अपडि जलड्यों तरफ जुडदि जांणा छिन।भौत बढ़िया कविता गीत लिखणा छिन अजय राणा जी पालाकुराली बटि।तन त पालाकुराली की माटी […]

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अशोक जोशी स्नातक की पढै करदू एक ज्वान भुला

उदय दिनमान डेस्कः  अशोक गुरुकुल कांगडी हरिद्वार मा स्नातक कु छात्र च अर भौत ही लगनशील मैनती अर नेक सोच कु यु युवा गढवाली भाषा मा लिखण पढण की तरफ भी देखणू च।    अशोक तै मैं ब्यक्तिगत मिळयूं नी छूं, पर गढभाषा का परति तेकू पिरेम इथ्ग्या कि बेबाक मैसे गढवाली लिखणै अपडि कोसिस की […]

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देखा गढभाषा मा नै छवाळि लिखणीं च

उदय दिनमान डेस्कः मन का भाव गंठयोंणी च, ईं कड़ी मा आज देखा मयाली (जखोली) बटि एक बालिका- ‘रिंकी काला’ की रचना—बालिका एमएससी सी की होनहार छात्रा च अर हिंदी बटि लिखण शुरु करीतै अब गढवाली भाषा की तरफ प्रेरित ह्वोणी च।“मेरू बचपन कु घर “तिबारी मा बैठयू छाे मेंसौचणूं छाे एक बात,का गैन हाेला […]

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भैजी कोरोना कु डर मनई तू घर मा रई

इंस्पेक्टर बड़कोट, श्री दिग्पाल सिंह कोहली की गढ़वाली भाषा मा कोरोना वायरस पर कविता भैजी कोरोना कु डर मनईतू घर मा रईअति जरूरी न हो त भैर न जईतू घर मा रईसाफ सफाई रखी बार बार हाथ धोईखांसी झींक आली त अपडू मूक ढकईभैजी कोरोना कु डर मनईतू घर मा रईगौं म भैर कु दगड़या […]

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लड़ै कठिण लड़णू मनखि

बीना बेंजवाल, रमाकांत बेंजवाल लड़ै कठिण लड़णू मनखिबलि वैश्विकतै चढ़णू मनखिअपणि सक्याऽ धीरज का बलदिन कोरोना गणणू मनखिखांसि-छींक छै छ्वीं साधारणकसूर ह्वेगि करोना कारण देखी अपणौ तैं ही आजजाणीऽ अजाण बणणू मनखिलड़ै कठिण……… गिच्चा मास्क जब हवा साफघड़ि-घड़ि धोण पड़णा हातफिर अपणि मा कै अपणैगति-मुक्ति कन्नौ डरणू मनखिलड़ै कठिण……….. कबि भूकु तीसु रै तैंकबि रेलै पटर्यूं […]