Home दिल से पहाड़ मेरू उत्तराखंड

स्नातक स्नातकोत्तर शोध तक गढभाषा,गढभाषा मा एक बडी लपांग

उदय दिनमान डेस्कः भाषा संस्कृति साहित्य बचौंण का खातिर भाषा, शिक्षा तंत्र दगडि पेट बटि जुडण चैंणी च।मतलब भाषा समृद्ध तबे ह्वे सकदि जब भाषा शिक्षा दगडि रोजगार  भी द्यो मतलब भाषा समृद्ध तबे ह्वे सकदि जब भाषा शिक्षा दगडि रोजगार  भी द्यो, अर तैं भाषा तै टैम खपेतै काम कर्दरा भी मिलुन। आज भी भौत […]

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बेटी किले ना? जन विषय पर देखा लक्ष्मी कन लिखणीं च।

बेटी किले ना?                                जन विषय पर  देखा   लक्ष्मी कन              लिखणीं च।       कविता कैंतुरा दगडि लक्ष्मी भी पालाकुराली बटि चार सालों बै, बरौबर कलम चलौणी च अर मेरी गढभाषा कु पैलु प्रयोग भी यूँ द्वी […]

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अपड़ु बाळा पन त्याग करी जैन, पन्द्र बरस कि आयु मा।

तीलू रौंतेली—   अपड़ु बाळा पन    त्याग करी जैन,   पन्द्र बरस कि       आयु मा।    लाड़े लाड़ि      वीरोंखाळ         कि         प्यारी     तीलू रौंतेली ——  दुश्मनों तै, मारी जैंन   तब जे-तै अपणा भैयूं,           अर    बाबा जी कु, बदलो       पूरु करि त्वेन,   […]

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बजीरा लस्या बटि हौंसिया ज्वान- ‘सचिन’

भगवान नगेला की थाति  #बजीरा लस्या कु एक होनहार  हौंसिया ज्वान-   ‘सचिन रावत’       जु बड़ा जोश-उलार दगडि काम कनू च।एक तरफ समाज की विसंगतियों पर अपडा यूटयूब चैनल पर बन-बनि की वीडियो बणे तै प्रेरणा द्योणू च, त हैकि तरफां  गढवाली   कविता गीत गढभाषा मा लिखणू च।पंद्र-पच्चीस उमर मा भाषा संस्कृति तै मयाळुपन लीक नै छ्वाळि कु […]

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बदळ्दू जमानू:जब नौना रंदा छा हम छोटा – छोटा सि

जब नौना रंदा छा हम छोटा – छोटा सि,त नाक पर हमारा सिंगाणु रंदु छो,टाळा लगायां  पेंट पर और घौर्या नौं, ग्वांणु रंदु छो।आजा छोरा बबली – बंटीजास्मिन, गुड़िया नौं धर्यां छिन।  कोंगळि उमर  पांच सालअर हाथ  तौंका फोन सज्यां छन।बदळदा जमाना छोरो पर भीडिजिटल  ऐब ह्वयां छनसक्या – सामर्थ फुस्स पटाका,अर पडि-पडी म्वोळा जन मादेव ह्वयां छन।।पिठ्ठू ,गुत्थी,लुका- खोजी बचपन […]

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सिमरन :शारिरिक अस्वस्थ ह्वोण का बाद भी कलम किताब से भौत गैरी दगडि कर्दि

नौं -सिमरन पिताजी- वीर सिंह रावतमाताजी -सुनीता देवीगौं -रिंगेड, बैनोली जनपद रूद्रप्रयाग उमर-चौबीस बसंतपढै- हाइस्कूल अर अगने भी जारीसमाज तै रैबार – नशा मुक्त रा स्वस्थ रा।सिमरन एक यन बालिका जु शारिरिक अस्वस्थ  ह्वोण का बाद भी कलम किताब से भौत गैरी दगडि कर्दि।तमाम कोशिश कना बाद भी शरीर स्वास्थ्य मा खास सुधार नी च  सामान्य बच्चों चार […]

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धर्ती,पहाड़ गौं, खाळ-धार- सौं सिंगार की हंसुळि -गढरत्न नरेंद्र सिंह नेगी

धर्ती,पहाड़ गौं, खाळ-धार- सौं सिंगार की हंसुळि -गढरत्न नरेंद्र सिंह नेगी पौडी गौं मा 12 अगस्त 1949पिता उमराव सिंह अर माँ समुद्रा देवी का घर मा उत्तराखंड कु एक अनमोल रतन ह्वे, जैन गढवाली भाषा साहित्य अर संस्कृति तै नयु आयाम दीनी।जैका गीत अस्सी का दशक बटि आज इक्कीसवीं शताब्दीअर भोल जुगजुग तलक भी समाज […]

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उन्नीस सौ सैंतालिस का प्रभात का पर्व बटि आज द्वी हजार बीस

उन्नीस सौ सैंतालिस का प्रभात का पर्व बटि आज द्वी हजार बीस  अर अगने भी उमरभर सदानि यु देस यनि स्वतंत्र खुला बथौ मा, स्वतंत्र रौजणू पौजणू रोलू।    यी देश की माटी मा, गौं मुल्क, स्कूल, दफ्तर हर जगा कोणा-कोणों पंद्र अगस्त, स्वतंत्रत ह्वोण कु त्योहार खूब धूमधाम से मनाये जांदू। अंग्रेजुन बड़ी पिड़ा दीनी यी माटी […]

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‘ब्यो’- कंडाळि तै ब्यौ कि स्यांणि लगिन

–‘ब्यो’—-कंडाळि तै ब्यौ कि स्यांणि लगिनकंडाळि न बोलि मैन ब्यो कनइसकोस दगड़ि!समझ नि आई इसकोस तै!टोपलि उतारि खजाळिकनै मुंडमा,ब्योकु न्योतू द्योण बैठी सबुमा,छुंई लगणी पुंग्ण्यूं सार्यू मा,अमर्योत आई,  भट्टा ऐन,चचैंडा गोदड़ी भी।आलू पिंडाळु तैडुमौंण गाड़ी भैर,इसकोस भैजी की बुलाई मीटिंग मा,गोदड़ी ब्वनू किलै बुलाईहमुतै आज सारी मा,इसकोस ब्वन्नू भोल स्वयंबर चऐ जाया तुम सबि ब्यो […]

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खडु उठाऽ— अग्वाडि बढ़ा

स्वरोजगार की राह माजळमभूमि कि छांव मापहाड़ों की खुचळि मारीति रिवाज निभौण चला        खडु उठाऽ—- अग्वाडि बढ़ा  गढकुमौं का मान माउत्तराखंड सम्मान मागढभाषा स्वाभिमान माहिमाळै अभिमान मा               खडु उठाऽ — अग्वाडि बढ़ाहैरिभैरि सार माछैल पाखों धार मागौडी भैस्यूं गुठ्यार माद्यवतौं का मंडाण मा           खडु उठाऽ —  अग्वाडि बढ़ाघौर सुन्न पड़ी डंडयाळी माछज्जा की पठ्ठाली मासेरा रोपण्यूं […]