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शत्रु सैना मा त्राही मचोन्दा…

शत्रु सैना मा त्राही मचोन्दा ,हर योद्धा हनुमन्त च यख..वीर भड़ों से भर्यूं हिमालय ,हर सैनिक जसवन्त च यख ।।आर्यव्रत की सीमा पर ..याद रौखी तू नजर गढ़े नायौ ड्येली-ड्येऴी मा भीम छनएक कदम भी अग्वड़ी बढे़ ना।नल नीलों से देश भर्यूं च ,राम सेतु तैयार ह्वयां छन ..तुमरा चर्यूं तितर्याल नी छां,दृड़ अंगद आधार […]

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देख दू सैरि दुनिया

-आत्मनिर्भर—देख दू  सैरि दुनिया कन हवैगि लाचारसोच सोच मनमा क्वी नयु विचार,अपडु धंधा अपडा हाथकर दू कुछ नई छ्वीं बात। उठ सियां मनख्यूं बिजाळआत्मनिर्भरता मशाल बाळ क्या होलू, कन होलूगैरै से कर सोच बिचारसच धर्म कर्म अर तप दगडिकर समाज मा, कुछ यन काममनख्यूं मैनतों मिल जौयख पूरू दाम। उठ सियां मनख्यूं बिजाळआत्मनिर्भरताा मशाल बाळ खुद […]

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बदली द्योखा तस्वीर दुनिया की

बदली द्योखा तस्वीर दुनिया कीसुंदर सा एक दृश्य बणौलारैबार हम प्रकृति कु दी कआवा सबि डाळा लगोलामिलि-जुलि पर्यावरण बचौला” “फैलण लग्यूं  दिनरात परदूषणबण हैर्याळी की आंई खैरीहवा पाणी मा जहर मिलणूमनखि पर्यावरण कु बण्यूं बैरी”        अंबिका राणा पालाकुराली

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सोचणू छूं एक गीत लिखि द्यो

सोचणू छूं एक गीत लिखि द्योपहाड़ की खौर्यू परसुन्न पड्या ड्येर्यूं परबूड़ दादा दादी सांखी परतौंकी कमजोर ह्वोंदि आंखि परसोचणू छूं एक गीत लिखि द्योदादा का धुंवाण्यां ह्वक्का परअर दादी का क्वीला सजौंदा साज पर सोचणू छूं एक गीत लिखि द्यो ढोल दमौं की ताल परबीत्यां पुरांणा साल परद्यो-द्यवतौं शक्ति परआस्था विश्वास अर भक्ति पर […]

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कुमाऊंनी दंत काथ: एक पौंण एक जांठ

उदय दिनमान डेस्कः पुराण दिननैकि बात् भै कोंछा।यक् गों में यक् जमींदार भै वीकि द्वि च्याल भै। यक् चेलि भै चेलिक ब्या करि भै। चेलि आपण् सौरास् बटिक रिसै बेर आपणै म्यैते रौंणेर भै। किसानाक् जमैं यक् दिन आपणि दुल्हैंणि कें बुलौंणैक लिजी पछा सांस पडिनि बख्त ऐ चुप चाप भतर यक् क्वाड में भैगै। […]

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मिन भी लाइव औण

उदय दिनमान डेस्कः सब्बि धाणी देरादूण जैसे गीत के रचनाकार भाई वीरेन्द्र पंवार की कोरोनाकाल की ये रचना पोस्ट करने से खुद को रोक नहीं पा रहा। वीरेन्द्र पंवारजै दिन अंधेरी का यु काळा दिन चौळ जाला,जै दिन यु खुट्टौ का छाळा मौळ जाला,मिन भी लाइव औण—!जै दिन गफ्फा तक पौंछ जाली भूक,अर पाणी तक […]

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आज का पहाड़: मेरी जन्मभूमि, मेरी मातृभाषा, मेरु पहाड़

अशोक जोशी,नारायबगड, चमोली: साथियों कुछ सालों से उत्तराखंड विषय का गहन अध्ययन कर रहा हूं, और जब भी पढ़ता हूं अपने पहाड़ों के विषय में, पढ़ता हूं जब अपने गढ़वाल कुमाऊं के त्योहारों, मेलों, मंदिरों, जनजातियों, घाटियों, बुग्यालो , वेशभूषाओं , मातृभाषाओं, लोकगीतों , लोकनृत्यों, धार्मिक यात्राओं, चोटियों, पहाड़ी फलों, खाद्यान्नों, रीति-रिवाजों के विषय में […]

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सोशल मीडिया: पंचमू की ब्वारी और स्वरोजागर

उदय दिनमान डेस्कःपंचमू की ब्वारी आजकल सोशल मीडिया में कम ही आ रही है, जिस कारण वह अपनी बात सोशल मीडिया से नहीं रख पा रही है। उत्तराखंड में बढ़ते कोरोना मामले से उसकी भी चिंता बढ़ गयी है। पहाड़ में जिस तरह कोरोना अपना पैर पसार रहा है, वह उत्तराखंड की शांत वादियों के […]