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 कॉल सेंटर पर फोन कर पूछिए जीएसटी के बारे में सवाल

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नई दिल्ली। अगर आपके मन में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर कोई सवाल है तो बस कॉल सेंटर फोन घुमाइये और आपको इसका जवाब मिल जाएगा। सरकार आम लोगों को जीएसटी के प्रति जागरुक बनाने के लिए जल्द ही व्यापक स्तर पर कार्यक्रम शुरु करने जा रही है जिसके तहत केंद्र और राज्यों में कॉल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसी तरह जीएसटी के आइटी सिस्टम ‘जीएसटी नेटवर्कÓ का भी एक कॉल सेंटर होगा जहां कोई भी कारोबारी रिटर्न फाइल करने से लेकर पंजीकरण के संबंध में तकनीकी जानकारी प्राप्त कर सकेगा। वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग के सचिव हसमुख अढिया का कहना है कि सरकार छोटे-छोटे मॉड्यूल्स तैयार कर रही है जिसमें सवाल-जवाब के रूप में जीएसटी के बारे में जानकारी दी जाएगी। अगले साल जनवरी से मार्च तक जागरुकता अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। इसके अलावा राज्यों और केंद्र के स्तर पर कॉल सेंटर बनाया जाएगा। इस तरह देशभर में कहीं भी किसी के मन में जीएसटी के बारे में कोई सवाल होगा तो वह कॉल सेंटर में फोन करके इस बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेगा। इसी तरह का एक कॉल सेंटर जीएसटीएन के लिए भी बनाया जाएगा। अगर किसी को रिटर्न फाइल करने में दिक्कत आ रही है तो वह इस कॉल सेंटर पर फोन करके जानकारी ले सकेगा। अढिया ने कहा कि कॉल सेंटर स्थापित करने के अलावा सरकार अलग-अलग शहरों में टाउन हॉल बैठकें करेगी। साथ ही समाचार माध्यमों में भी जीएसटी के बारे में प्रचार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि सरकार ने एक अप्रैल 2017 से जीएसटी लागू करने का लक्ष्य रखा है। इसके लागू होने पर केंद्र सरकार के केंद्रीय उत्पाद शुल्क, अतिरिक्त उत्पाद शुल्क, सेवा कर, अतिरिक्त सीमा शुल्क, विशेष अतिरिक्त सीमा शुल्क और राज्यों के वैट, मनोरंजन कर, केंद्रीय बिक्री कर, चुंगी और प्रवेश कर, क्रय कर, विलासिता कर और लॉटरी तथा सट्टेबाजी पर कर जैसे कई प्रकार के परोक्ष टैक्स समाप्त हो जाएंगे। जीएसटी लागू करने के लिए जरूरी संविधान (122वां) संशोधन विधेयक संसद तथा 50 प्रतिशत राज्यों की विधान सभाओं से पारित हो चुका है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने और अधिसूचना जारी होने के बाद यह अधिनियम का रूप ले लेगा।

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