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पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के 20 से ज्यादा ठिकानों पर सीबीआई का छापा

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रोहतक। हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके करीबियों के 20 से ज्यादा ठिकानों पर सीबीआई ने रेड मारी है। छापेमारी मानेसर जमीन घोटाले के मामले में गुडग़ांव, पंचकूला, चंडीगढ़, दिल्ली, रोहतक में की गई है। हुड्डा के अलग-अलग ठिकानों पर सीबीआई की कार्रवाई सुबह 4 बजे से चल रही है। हुड्डा के चंडीगढ़ में हरियाणा निवास के फ्लैट पर सीबीआई के चार अफसर डॉक्यूमेंट खंगाल रहे हैं। वहीं रोहतक में हुड्डा निवास के साथ-साथ उनके पूर्व चीफ सेक्रेटरीरहे एमएल तायल व पूर्व ओएसडी छत्तर सिंह चौहान व रणसिंह मान के ठिकानों पर भी कार्रवाई चल रही है। दरअसल, कांग्रेस की तत्कालीन हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान करीब 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर उसे बिल्डर्स को सुपुर्द किया गया था। आरोप है कि सरकार ने इस बेशकीमती जमीन को बिल्डर्स को औने-पौने दाम पर बेच दिया था। 17 सितंबर 2015 को बीजेपी की खट्टर सरकार ने मामला सीबीआई को सौंपा। इसके बाद सीबीआई ने हरियाणा सरकार के अधिकारियों और प्राइवेट बिल्डर्स के खिलाफ जमीन अधिग्रहण में कथित अनियमितता को लेकर मामला दर्ज किया था। मामले के मुताबिक हरियाणा सरकार के ऑफिसर्स व प्राइवेट बिल्डर्स के बीच गठजोड़ था। दरअसल, हरियाणा सरकार ने आईएमटी मानेसर की स्थापना के लिए 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने के लिए मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला के ग्रामीणों को सेक्शन 4, 6 और 9 के नोटिस थमा दिए थे। इसके बाद प्राइवेट बिल्डर्स ने किसानों को अधिग्रहण की धमकी देकर जमीनों के सौदे शुरू कर दिए और उनकी जमीन कम कीमतों पर खरीद ली। इसी दौरान डायरेक्टर इंडस्ट्रीज ने 24 अगस्त 2007 को सरकारी नियमों की अवहेलना करते हुए बिल्डर द्वारा खरीदी गई जमीन को अधिग्रहण प्रोसेस से रिलीज कर दिया।

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