udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news सोने में बदल सकता है योगेश्वर का ओलंपिक पदक » Hindi News, Latest Hindi news, Online hindi news, Hindi Paper, Jagran News, Uttarakhand online,Hindi News Paper, Live Hindi News in Hindi, न्यूज़ इन हिन्दी हिंदी खबर, Latest News in Hindi, हिंदी समाचार, ताजा खबर, न्यूज़ इन हिन्दी, News Portal, Hindi Samachar,उत्तराखंड ताजा समाचार, देहरादून ताजा खबर

सोने में बदल सकता है योगेश्वर का ओलंपिक पदक

Spread the love

नई दिल्ली। ओलंपिक स्वर्ण जीतने का योगेश्वर दत्त का सपना पूरा होता दिख रहा है। भले ही रियो में वह पटखनी खा गए हों, लेकिन किस्मत के दांव पेंच से लंदन में जीता गया उनका पदक रजत के बाद अब सोने में तब्दील हो सकता है। 2012 के लंदन ओलंपिक के 60 किलो वर्ग में उपविजेता के बाद अब विजेता पहलवान भी डोप टेस्ट में पॉजीटिव पाया गया है। इस वजह से योगेश्वर को विजेता घोषित किया जा सकता है। कुछ दिन पहले ही रूसी पहलवान बेसिक कुदुखोव का सैंपल पॉजीटिव पाया जाने के बाद योगेश्वर दत्त के कांस्य पदक को रजत में तब्दील कर दिया गया था। कुदुखोव की 2013 में एक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी। अब 2012 के स्वर्ण पदक विजेता अजरबैजान के टोगरुल एस्गारोव का सैंपल भी पॉजीटिव पाया गया है। सूत्रों के अनुसार हालांकि विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी ‘वाडाÓ ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यूनाइटेड वल्र्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) को इसकी जानकारी नहीं दी है। भारतीय कुश्ती संघ के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उन्हें इस तरह की कोई जानकारी नहीं है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने बीजिंग-2008 और लंदन-2012 के विजेताओं के सैंपल को रखा हुआ था, जिनकी उच्च तकनीक के जरिए दोबारा जांच की जा रही है। हालांकि पदक मिलने से पहले योगेश्वर दत्त के सैंपल को भी फिर से जांचा जाएगा। इसके बाद ही उनके पदक को स्वर्ण में बदला जा सकेगा। कुछ ही दिन पहले जब योगेश्वर दत्त के कांस्य पदक को रजत में तब्दील किया गया था, तो उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा था कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वह रियो की हार पर दुखी हों या लंदन की जीत का जश्न मनाऊं। एक अच्छे खिलाड़ी के साथ-साथ बेहतर इंसान होने का परिचय देते हुए योगेश्वर ने ट्वीट किया था, ‘बेसिक कुदुखोव एक शानदार पहलवान थे। उनकी मृत्यु के बाद डोप टेस्ट में फेल हो जाना दुखद है। मैं खिलाड़ी के रूप में उनका सम्मान करता हूं। अगर हो सके तो यह पदक उन्हीं के पास रहने दें। उनके परिवार के लिए भी सम्मानपूर्ण होगा। मेरे लिए मानवीय संवेदना सर्वोपरि है।Ó
लंदन में रेपचेज में जीता था कांस्य
हरियाणा के इस पहलवान ने लंदन में प्यूर्टो रिको के फ्रैंकलिन गोमेज, ईरान के मौसूद इस्माइलपुर और उत्तर कोरिया के रि जोंग म्योंग को हराया था।
रियो में पहले ही दौर में बाहर
रियो ओलंपिक में पूरे देश को योगेश्वर से स्वर्ण पदक की उम्मीदें थीं, लेकिन वह पहले ही दौर में मंगोलिया के पहलवान गैंजोरिजिन से हारकर बाहर हो गए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.