पार्टी नेताओं तक में अभी तक चुनावी चेहरे का रहस्य बरकरार

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haris
देहरादून। 2017 में उत्तराखंड की सत्ता पर काबिज होने के लिए भारतीय जनता पार्टी पूरी ताकत झोंक रही है। परिवर्तन यात्रा में उमड़ रही भीड़ से भाजपाई गद्गद हो भी रहे हैं। वहीं भाजपा समर्थक जनता अभी तक चुनावी चेहरे को लेकर असमंजसता की स्थिति में खड़ी है। हालांकि सूत्र कह रहे कि पार्टी नेताओं तक में अभी तक चुनावी चेहरे का रहस्य बरकरार है। वहीं 13 नवंबर और फिर 22 नवंबर को उत्तराखंड पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भले ही 2017 में जीत के लिए जनसभाओं में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के भीतर जोश का संचार कर दिया हो, मगर चुनावी चेहरे पर उनकी चुप्पी ने प्रदेश के स्थानीय नेताओं के चेहरे पर शिकन बढ़ाने का ही काम किया होगा।
उत्तराखंड के साथ ही पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भी 2017 में विधानसभा चुनाव जल्द ही होने जा रहे हैं। दोनों ही राज्यों में सत्ता हासिल करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व पूरा जोर लगाए हुए है। यूपी में तो खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनसभाएं संबोधित कर भाजपा की उपलब्ध्यिों से जनता को रूबरू करा रहे हैं। वहीं पर्वतीय भौगोलिक बाहुल्य क्षेत्र से लबालब उत्तराखंड राज्य में सत्ता सुख पाने के लिए भाजपा की बेताबी भी छिपाए नहीं छिप रही है। पिछले तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा ने चुनावी चेहरों के साथ ही विधानसभा चुनाव लड़े हैं। वहीं 2017 के चुनाव करीब ही हैं, मगर अभी तक भाजपा में चुनावी चेहरा सामने नहीं आ सका है। इसके पीछे कहीं न कहीं कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे मुख्यमंत्री का राजनैतिक वजूद हो सकता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की चुनावी रैलियों का इंतजार कर रहे स्थानीय कार्यकर्ताओं में यह बात भी घर किए हुए थी कि हो न हो इन रैलियों में ही प्रदेश के लिए चुनावी चेहरे के नाम की घोषणा हो सकती है।
13 और 22 नवंबर को क्रमश: दून और अल्मोड़ा में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने केंद्र सरकार की कामयाबियों का बखान करने के साथ ही हरीश सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए हमला बोला, मगर कहीं से भी चुनावी चेहरे का जिक्र नहीं किया। इसके पीछे कारण चाहे कुछ भी हो, मगर राजनैतिक कारणों को अगर देखा जाए तो फिलहाल प्रदेश में मुख्यमंत्री हरीश रावत की राजनैतिक छवि के अनुरूप भाजपा में कोई चेहरा नजर नहीं आ रहा। और जिस तरह मंगलवार की रैली में चार पूर्व मुख्यमंत्रियों भुवनचंद्र खंडूड़ी, भगत सिंह कोश्यारी, डा$ रमेश पोखरियाल निशंक और विजय बहुुगुणा समेत वरिष्ठ भाजपा नेता सतपाल महाराज समेत अन्य की मौजूद्गी के बावजूद शाह ने केंद्र की नीतियों का गुणगान किया, उससे इशारा मिलता है कि उत्तराखंड में चुनाव 2017 मोदी बनाम हरीश के बीच मुकाबला होने जा रहा है।