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24 साल पहले हुए मामले की अब क्यूँ आई याद

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रुद्रप्रयाग। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के तत्कालीन रावल और मुख्य कार्याधिकारी पर साध्वी द्वारा लगाए गए आरोप कई सवाल छोड़ रही है। सबसे बड़ा सवाल यह गई कि आखिर 24 साल पहले साध्वी ने पुलिस में शिकायत क्यूँ नहीं की। अचानक इस तरह से मामले को उछालने के पीछे की वजह को भी जानना जरूरी है। कहीं रंजिशन या फिर किसी पद को कब्जे में लेने के लिए साध्वी को आगे करने का खेल तो नहीं रचा जा रहा।

 
श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्यकार्याधिकारी बीडी सिंह ने साध्वी के आरोपो का खंडन किया है। उनके अनुसार साध्वी ने तत्कालीन रावल विष्णु नंबूदरी पर छेड़छाड़ के जो आरोप लगाए हैं वह भी 24 साल पुराने हैं। मुख्य कार्याधिकारी सिंह ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है। इस बीच पुलिस ने साध्वी की शिकायत दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है।

 
मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह ने साध्वी द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद और साजिशन बताया है। उनके अनुसार इस मामले में उनका नाम नहीं घसीटा जाना चाहिए। उनके मुताबिक कुछ दिन पूर्व एक 65 वर्षीय साध्वी उनके पास आई और रावल पद्घिति को कोसने लगी। उसका कहना था कि नंबूदरी से मंदिर में पूजा नहीं करानी चाहिए।

 

सिंह का तर्क है कि उन्होंने साध्वी को समझाने की कोशिश की कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल न करें। वह साध्वी वष 1994 से 2002 के बीच यहां तैनात रहे तत्कालीन रावत के खिलाफ कह रही थी कि उक्त रावल ने उससे विवाह का प्रस्ताव भी दिया और उसकी संपत्ति के पीछे भी पड़ा रहा।

 
सीईओ सिंह ने उक्त साध्वी को समझाने का प्रयास किया कि 24 साल की बात को वह कैसे जान सकते हैं, क्योंकि तब वह यहां तैनात थे ही नहीं। उनके अनुसार उन्होंने साध्वी को बकायदा पुलिस में शिकायत करने के लिए कहा तो साध्वी ने उनका नाम भी इस मामले में घसीट लिया। सीईओ सिंह के अनुसार इस मामले की जांच उच्चस्तरीय होनी चाहिए।

 

उन्हें बेवजह इस मामले में घसीटा जा रहा है। इस बीच बदरीनाथ के थाना प्रभारी दीपक रावत ने बताया कि साध्वी की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच चल रही है।