udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news 900 वर्ष बाद अपने मूल गांव पहुंचे ग्रामीण !

900 वर्ष बाद अपने मूल गांव पहुंचे ग्रामीण !

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विकासनगर। 900 वर्ष पूर्व आपस में बिछड़े उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश के नौ गांवों के ग्रामीण बुधवार को रास्त गांव में आयोजित दाई मिलन समारोह में मिले। समारोह में दोनों राज्यों की अनूठी संस्कृति देखने को मिली।

 

परंपरागत हर गांव के लिए अलग-अलग बकरा भी भेंट किया गया। सिरमौर जिले के रास्त गांव में आयोजित तीन दिवसीय मां ठारी के महायज्ञ में 900 वर्ष पूर्व बिछड़े ग्रामीण मिले तो माहौल जश्न में बदल गया।

 

अपने मूल गांव में पहुंचे ग्रामीणों का उत्साह देखने लायक रहा। सर्वप्रथम ग्रामीणों ने पूजा में बैठकर अपनी अराध्या मां ठारी देवी की अराधना की। इसके बाद पंचायती आंगन में उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश की अनूठी संस्कृति देखने को मिली। ग्रामीणों ने अपने अपने गांवों की संस्कृति व लोक नृत्य का प्रदर्शन करते हुए खूब तालियां बटोरी।

 

देर शाम तक पंचायती आंगन लोक गीतों व नृत्य से गुलजार रहे। इसके उपरांत दाई समाज का सम्मान समारोह भी आयोजित हुआ। इसमें हर गांव के स्याणा व नम्बरदार को स्मृति चिन्ह व शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।

 

इस मौके पर जिला पंचायत सिरमौर के चेयरमेन दलीप सिंह चौहान, मोहन सिंह, मेहर सिंह, प्रेम सिंह, जवाहर सिंह, कर्ण सिंह, खजान सिंह, शूरवीर सिंह, मनीराम, किशन सिंह, कल्याण सिंह, सीताराम, दयाल सिंह, रामलाल, नेत्र सिंह, संतराम, प्रताप चौहान, सीयाराम, जालम सिंह आदि मौजूद रहे।

 

900 वर्ष बाद अपने मूल गांव रास्त पहुंचे नौ गांवों के ग्रामीणों का रास्त गांव वालों ने ढोल दमाऊ व फूल मालाओं से स्वागत किया। ग्रामीणों ने समस्त गांवों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्थाएं भी की। देर शाम पर्व पर विशेष रूप से हाथों में तलवारें लिए ग्रामीणों ने सामूहिक नृत्य कर खुशियां भी बांटी।