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आपदा की दृष्टि से जनपद संवेदनशील: भरत

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राइंका नगरासू के नौनिहालों को दिया आपदा का प्रशिक्षण
रुद्रप्रयाग। रुद्रा रिसर्च डेवपलमेंट फाउंडेशन चमोली के तत्वावधान में आपदा प्रबंधन के सहयोग से राइंका नगरासू में एक दिवसीय आपदा प्रबंधन एवं खोज बचाव को लेकर जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्रों को आपदा एवं खोज बचाव का डेमो दिखाकर विस्तार से जानकारी दी गई।

राइका नगरासू के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विधायक भरत सिंह चौधरी ने इस पहल की सराहना करते हुए छात्रों को इस प्रकार के कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की बात कही। कहा कि जनपद आपदा की दृष्टि से काफी संवेदनशील है, जिससे समय-समय पर यहां पर विभिन्न प्रकार प्राकृतिक आपदाएं घटित होती रहती है। इन आपदाओं से निपटने के लिए सभी को प्रशिक्षित होना जरूरी है।

प्रशिक्षित होकर हम अपने आप के साथ अन्य लोगों की जानें बचा सकते है। संस्था के सचिव डीपी शैली ने आपदा प्रबंधन एवं खोज बचाव व प्राथमिक चिकित्सा की महत्ता व उपयोगिता पर जोर दिया तथा छात्रों को इस कार्यक्रम के माध्यम से अपने अंदर आत्मविश्वास व विवेक से कार्य करने क्षमता को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। संस्था के प्रतिनिधि गौरीशंकर पोखिरयाल ने प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रशिक्षको को आपदा के प्रकार, कारण एवं खोज बचाव की जानकारी दी।

प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को खोज बचाव के गुर सिखाने के साथ ही रैपलिंग, क्लाबिंग, प्राथमिक उपचार का डेमो के माध्यम से पूरी जानकारी दी गई। आपदा के समय हमें किस प्रकार से रेस्क्यू एवं प्राथमिक उपचार देना है। इस कार्यक्रम में एसडीआरएफ का सहयोग भी मिला। इस अवसर पर गौरीशंकर पोखिरयाल, आलोक नेगी, चन्द्रप्रकाश, मदन सिंह राणा, सुमन प्रकाश, गिरीश चन्द्र समेत कई छात्र व शिक्षक उपस्थित थे।

वहीं जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के सहयोग से मां सोसायटी ऑफ एजुकेशन एण्ड रूरल डेवलपमेन्ट पोखरी चमोली के तत्वावधान में मदमहेश्वर घाटी के मनसूना क्षेत्र में छः दिवसीय आपदा प्रबन्धन प्रशिक्षण का विधिवत शुभारम्भ किया गया। प्रशिक्षण के पहले दिन नौनिहालों कांे आपदा के गुर सिखाये गये।

कार्यक्रम में तहसीलदार जयबीर राम बधाणी ने कहा कि आपदा के समय यदि आम जमानस सजग रहे तो आपदा से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मद्महेश्वर घाटी का आपदा से पुराना नाता रहा है, इसलिए आगामी बरसात में सभी को सजग रहना होगा। खण्ड विकास अधिकारी यशपाल टम्टा ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से हिमालय भू भाग जोन पांच में आता है।

इसलिए इस भू भाग पर हर समय देवी आपदाओं का भय बना रहता है। खण्ड शिक्षा अधिकारी रवि कुमार ने कहा कि प्रशिक्षकों द्वारा नौनिहालों को जो आपदा का प्रशिक्षण दिया गया है उसकी जानकारी नौनिहालों को गहनता से लेनी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधान मनसूना राजकुमारी राणा ने कहा कि मनसूना क्षेत्र में आपदा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, इसका लाभ यहां के आपदा प्रभावितों को अवश्य मिलेगा।

संस्था के सचिव डॉ मातवर रावत ने बताया कि एक दिन का आपदा प्रशिक्षण राइंका मनसूना के नौनिहालों कों दिया गया। शेष पांच दिन का प्रशिक्षण मनसूना के ग्राम पंचायतों, महिला मंगल दलों व युवक मंगल दलों को दिया जायेगा। इस अवसर पर आपदा विषय पर अनेक जानकारियां देने वाले विद्यालय के नौनिहाल कुमारी मनीषा, आर्यन दुर्गपाल व अभिषेक को स्मृति चिन्ह विद्यालय के प्रधानाचार्य के एल वर्मा ने दिया।

इस मौके पर ग्राम विकास अधिकारी धनपाल सिह नेगी, उप प्रधान कमला देवी, महिला ममद अध्यक्ष उमा देवी, क्षेत्रीय युवा अधिकारी राधिका झा, मोहन सिह बिष्ट, महेश चन्द्र नौटियाल, शिखर राणा, वेदप्रकाश, विक्रम रावत, अमन रावत सहित कई नौनिहाल मौजूद थे।