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आयुष्मान भारत का शुभारंभ, देश के स्वास्थ्य सेवाओं में योजना से आएगी क्रांति

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नई मंजिलों के लिए नए रास्ते भी जरूरी,राष्ट्रीय योजना का छग से शुभारंभ सौभाग्य की बात – डा. रमन सिंह

जांगला-रायपुर। केन्द्र सरकार की महती राष्ट्रीय योजना आयुष्मान भारत योजना की पहली हेल्थ वेलनेश सेंटर का आज यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुभारंभ किया। देश भर में इस तरह के 1.50 लाख सेंटर बनाया जाएगा। अपने उद्बोधन में उन्होंने स्थानीय भाषा का उपयोग करते हुए उपस्थितजनों का अभिवादन किया। उन्होंने कार्यक्रम की शुरूआत में अनेक विकास कार्यों का डिजिटल शुभारंभ किया। इसके अलावा उन्होंने वीडियो कान्फे्रसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर भानुप्रतापुर से दल्लीराजहरा तक चलने वाली नई टे्रन को रवाना किया। उन्होंने नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा में भी जुडऩे का आव्हान किया।

 

इसके पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज का यह दिन ऐतिहासिक है। यह पल काफी महत्वपूर्ण है, आज बाबा साहेब आम्बेडकर का 127वां जन्मदिन है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज का दिन और स्थान भी चयन किया है, यह काफी महत्वपूर्ण है। आज प्रारंभ होने वाली योजना महत्वपूर्ण योजना है। यह देश के स्वास्थ्य के क्षेत्र मेंं क्रांति लाने वाली योजना है, जिसका शुभारंभ आज प्रधानमंत्री अपने हाथों से करेंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों और देशवासियों की ओर से पीएम श्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि देश सेवा में अपनी हर सांस समर्पित करने वाले प्रधानमंत्री का वे प्रदेशवासियों की ओर से अभिनंदन करते हैं।

 

डा. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में देश की स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार होगा। उन्होंने बीजापुर से योजना का शुभारंभ करने पर आभार जताते हुए कहा कि श्री मोदी ने 40-45 मिनट का समय बीजापुरवासियों से मिलने में दिया, यह हमारा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी आज यहां एक नई ऊर्जा, उत्साह, उमंग लेकर आए हैं। उन्होंने प्रदेश में चल रहे कई जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले 4-5 माह के भीतर प्रदेश के 6 लाख 40 हजार घरों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता तोडऩे वाले संग्राहकों के जीवन में परिवर्तन लाने सरकार कृतसंकल्पित है।

 

पहले संग्राहकों को1800 रूपए मिलता था, अब 2500 रूपए मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आज तक किसी भी पीएम ने डीएमएफ में राज्य का सहयोग नहीं किया, लेकिन श्री मोदी ने इसे तत्काल किया। उन्होंने बताया कि हर पंचायत में इंटरनेट पहुंचाने की जिम्मेदारी भी सरकार ने उठाई है। इसके अलावा संपर्क बढ़ाने, सडक़ों का जाल बिछाने और जरूरतमंदों तक स्मार्ट होम योजना देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

नई टे्रन को मोदी ने दिखाई हरी झंडी :
इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मंच से ही वीडियो कान्फे्रसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर टे्रन रवाना किया गया। इसके अलावा डिटिजल शुभारंभ करते हुए बीजापुर अस्पताल में डायलीसिस सेंटर, नक्सल हिंसा से प्रभावित इलाकों में सडक़ों के लिए नई निर्माण कार्यों का शुभारंभ। ग्रामीण सडक़ योजना का शुभारंभ, पाईप लाइन योजना, भैरमगढ़ के निकट इंद्रावती नदी और मिंगाचल नदी पर नए पुल निर्माण का भी शुभारंभ किया। इसके अलावा बस्तर के गांव तक इंटरनेट की पहुंच बढ़ाने बस्तर नेट फेस-1 का भी डिजिटल शुभारंभ किया।

 

स्थानीय बोली में किया लोगों का अभिवादन :
श्री मोदी ने अपने उद्बोधन की शुरूआत हल्की भाषा से करते हुए उपस्थितजनों का अभिवादन किया। उन्होंने बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी, भैरमगढ़ के बाबा भैरमदेव आदि को प्रणाम करते हुए अपने उद्बोधन की शुरूआत की। श्री मोदी ने कहा कि मैं आज बीजापुर की धरती से अमर शहीद गंैदसिंह को याद करता हूं, जो बस्तर की धरती पर आज से लगभग 2 सौ साल पहले अंगे्रजों से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए। ऐसा ही एक नेतृत्व करीब-करीब 100 साल पहले महानायक वीर गुंडाधूर के रूप में भी यहां अवतरित हुए। श्री मोदी ने दोनों अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि बस्तर के लोकगीतों में आज भी इनकी शौर्यगाथा सुनाई देती है। इस धरती के वीर सपूतों और वीर बेटियों को मैं प्रणाम करता हूं। उन्होंने कहा कि यह धरती इसलिए भी महान है, क्योंकि यहां से कई शौर्य गाथाएं जुड़ी हुई है।

 

नई मंजिलों के लिए नए रास्तों की जरूरत :
श्री मोदी ने कहा कि स्थानीय चुनौतियों से मुकाबला करते हुए यहां के विकास के लिए प्रत्यनशील, यहां की सुरक्षा में अपना दिन-रात खपाने वाले अनेक जवानों ने अपने जान तक की परवाह नहीं की है। ये जवान सडक़ बनाने में, मोबाइल टॉवर लगाने में, गांव में स्कूल, अस्पताल बनाने में अपना अहम योगदान दे रहे हंै। विकास में जुटे सुरक्षाकर्मियोंं को अपनी जान भी गंवानी पड़ रही है। नक्सल हमलों में शहीद उन वीर जवानों के लिए स्मारक का निर्माण किया गया है। श्री मोदी ने कहा कि विकास के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले उन सभी वीर शहीदों को मैं नमन करता हूं।

 

उन्होंने कहा कि आज 14 अप्रैल का दिन देश के सवा सौ करोड़ लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आज भारत रत्न बाबा साहेब की 127वीं जयंती है। आज के दिन आपके बीच आकर आशीर्वाद लेने का अवसर मिलना मेरे के लिए सौभाग्य है। बाबा साहेब की जयंती अवसर पर हमारी सरकार ने श्यामाप्रसाद मुर्खी अर्बन मिशन की शुरूआत की, पीएम आवास योजना इसी छत्तीसगढ़ से किया था। आज यह सारी योजनाएं देश की प्रगति में अपना अमूल्य सहयोग देते हुए दूसरे राज्यों के लिए प्रेरणा का भी काम कर रही है।

 

आज एक बार फिर से छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना का पहला चरण और ग्राम स्वराज अभियान की शुरूआत हो रही है। केन्द्र सरकार ने पिछले चार साल में जो भी योजनाएं गरीब, दलित, पीडि़त, शोषित, वंचित, पिछड़े, महिलाओं और आदिवासियों को ताकत देने के लिए बनाई है, उन योजनाओं का लाभ इन लोगों तक पहुंचे, इस अभियान से यह सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम स्वराज अभियान आज से पूरे देश में 05 मई तक चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास की नई मंजिले पाने के लिए नए रास्ते अपनाने होंगे।

 

बाबा साहेब की ही देन की पिछड़े वर्ग का बेटा पीएम बना :
श्री मोदी ने कहा कि बाबा साहेब उच्च शिक्षित थे, वो चाहते तो दुनिया के समृद्ध देशों में बहुत शानदार जिंदगी जी सकते थे। लेकिन उन्होंने विदेशों में पढ़ाई पूरी करने के बाद वापस देश आए। उन्होंने अपना जीवन पिछड़े समाज के लिए, वंचित समुदाय के लिए, दलितों और आदिवासियों के लिए समर्पित कर दिया। दलितों को उनका अधिकार दिलाना चाहते थे, जो सदियों से वंचित थे, उन्हें सम्मान नागरिक की तरह जीने का अवसर दिलाने की जिद ठानी थी।

 

विकास की दौड़ में जो पीछे छूट गए या छोड़ दिया गया, ऐसे समुदायों में आज चेतना जगी है। विकास की भूख जगी है, अधिकार की आकांक्षा पैदा हुई है। ये चेतना बाबा साहेब की ही देन है। एक गरीब मां का बेटा, अति पिछड़े समाज से आने वाला आज देश का पीएम बना है तो यह भी बाबा साहेब की ही देन है। मेरे जैसे लाखों, करोड़ों लोगों की उम्मीदों को उनकी भावनाओं को अभिलाषाओं को जगाने में बाबा साहेब का बड़ा योगदान है।

 

देश के 115 जिले पिछड़े पर बीजापुर निकला आगे :
श्री मोदी ने कहा कि आजादी के इतने सालों बाद भी देश के 115 जिले पिछड़े जिलों की श्रेणी में आते हैं। इन जिलों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। प्रोत्साहन से कमजोर और पिछड़े भी दौड़ में आगे निकल जाते हैं। उन्होंने कहा कि बीजापुर नाम के साथ भी पिछड़ा जिले का लेबल लगा था। उन्होंने कहा कि तीन माह पूर्व उन्होंने शासन-प्रशासन से कहा था कि यदि तीन माह में कुछ करके दिखाएं तो वे जरूरत बीजापुर आएंगे। बीजापुर के स्थानीय प्रशासन ने यह कर दिखाया और यही वजह है कि वे आज बीजापुर आए हैं। उन्होंने कहा कि मैं आप सबको विश्वास दिलाने आया हूं कि बीजापुर अब पिछड़ा नही रहेगा।

 

रणनीति बनाकर करना होगा काम :
श्री मोदी ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र की अपनी-अपनी समस्या होती है। स्थानीय प्रशासन को इन समस्याओं के निराकरण के लिए रणनीति बनाकर काम करना होगा, छोटी-छोटी समस्याओं का निराकरण, विकास की नई इबारत लिखता है। विकास के क्या काम होने से समस्याएं दूर होंगी, इसकी चिंता स्थानीय प्रशासन को करनी होगी। विकास का प्लान खुद तैयार करना होगा। केन्द्र और राज्य की सरकार इस काम में कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी।

 

आयुष्मान योजना सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की योजना :
श्री मोदी ने कहा कि आज देश में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने वाली एक बड़ी योजना का शुभारंभ हुआ है। आयुष्मान भारत का पहला चरण बीजापुर से प्रारंभ किया गया है। अब बड़े बदलाव लाने का पूरा प्रयास होगा, 1.50 लाख गांवों में सब सेंटर और प्राथमिक सेंट को हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने युवाओं से आव्हान किया कि यह योजना हर आम आदमी समझ सकें,

 

इसलिए इस योजना का और केन्द्र का नाम भी स्थानीय भाषा में होना चाहिए, इसके लिए युवा वर्ग उन्हें नाम के लिए सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के 75वें वर्षगांठ तक याने वर्ष 2022 तक इस योजना को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। श्री मोदी ने बताया कि जो जिले पिछड़े हुए हंैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी । उन्होने कहा कि इस सेंटर से केवल बीमारी पर काबू पाना उद्देश्य नहीं है, बल्कि स्वस्थ्य समाज और देश का निर्माण करना भी है।

 

5 लाख तक होगा मुफ्त इलाज :
श्री मोदी ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना में गंभीर बीमारी की दशा में 5 लाख तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित होगा। इसमें बीपी, शुगर, हार्ट, कैंसर जैसी घातक बीमारी भी शामिल है। उन्होंने कहा कि समय रहते उपचार हो तो गंभीर बीमारी खत्म हो जाती है। हमारा प्रयास यही है कि तमाम जांच मुफ्त में हो। उन्होंने कहा कि योजना के दूसरे चरण में 50 करोड़ गरीब जनता को 5 लाख तक मुफ्त उपचार देने का है। इस पर तेजी से काम चल रहा है।

 

उन्होंने कहा कि परिवर्तन तब आता है तब प्रेरणा के साथ संसाधन का सही उपयोग हो। हमने अभिलाषी बीजापुर के साथ छत्तीसगढ़ की बात की है। यहां शासन-प्रशासन जनता के निकट पहुंचा है, छत्तीसगढ़ सरकार ने नए कीर्तिमान स्थापित किया है। बस्तर और सरगुजा में मेडिकल कालेज, इंजीनियरिंग कालेज, नए विश्वविद्यालय खुले हैं। शिक्षा की एक नई अलख जगी है। उन्होंने नगरनार स्टील प्लांट के जल्द शुरू होने की उम्मीद जताते हुए कहा कि इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

 

डायलिसिस सेंटर का किया शुभारंभ :
श्री मोदी ने इस अवसर पर बीजापुर में नए डायलिसिस केन्द्र का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि देश के 500 से ज्यादा अस्पतालों में निशुल्क डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है, इससे करीब 2.50 लाख मरीज उठा चुके हंै। प्रदेश के नक्शे में सबसे नीचे दिखने वाला सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर जिले में राज्य सरकार ने विकास का तानाबाना बुना है, यह प्रशंसा की बात है।

 

सडक़ों का बिछा जाल :
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बस्तर में विकास कार्यों को बढ़ावा देते हुए यहां 400 किमी नई सडक़ बनाई है। उन्होंने कहा कि पहुंच बढऩे से विकास आसान हो जाता है। जिन गांवों में मुश्किल से जीप पहुंच पाती थी, आज उन गांवों में नियमित बस सेवा शुरू हो गई है। जिन गांवों में अंधेरा छाया रहता था आज सौभाग्य और उजला योजना से विद्युतीकरण हो रहा है। सोलर पंपों के वितरण से यहां के किसानों की सिंचाई समस्या भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

 

दक्षिण से उगेगा विकास का सूर्य :
श्री मोदी ने कहा कि विकास के रास्ते में तेजी से चलते हुए अब बस्तर की तस्वीर बदल रही है। बीते समय में बस्तर की जो पहचान बनी थी वो अब बदल रहा है। बस्तर अब नए आर्थिक केन्द्र, पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। जल्द ही बस्तर हैदराबाद, नागपुर और विशाखापटटनम से सीधे जुड़ जाएगा।

 

न्यू इंडिया के साथ न्यू बस्तर लाखों लोगों के जीवन को आसान बनाएगा। उन्होंने कहा कि भले ही सूर्य पूर्व से उदय होता है, मगर छत्तीसगढ़ में विकास का सूर्य दक्षिण से याने बस्तर से उग रहा है, जो सालों से अंधेरा छाया था, वह विकास से अब दूर होगा। उन्होंने कहा कि बीजापुर में जिस तरह से विकास केन्द्र बनाया गया है, जहां सभी शासकीय काम एक स्थान पर होते हैं। ठीक इसी तरह से राज्य के आदिवासी और वनांचल इलाकों में 14 नए विकास केन्द्र बनाने की योजना है। इन केन्द्रों में स्कूल, अस्पताल, बैंक, पोस्ट आफिस, शासकीय राशन दुकान जैसी सभी सुविधाएं होंगी। उन्होंने कहा कि आज का जमाना इंटरनेट का है। बस्तर के गांव-गांव तक इंटरनेट की पहुंंच हो, इसके लिए केबल तारों का जाल बिछाया जा रहा है। इसके लिए बस्तर नेट फेस-1 का काम भी चल रहा है।

 

जल-जंगल-जमीन आपकी :
श्री मोदी ने कहा कि जल, जंगल और जमीन पर आपका अधिकार है, इस भावना को सरकार ने समझा है। यही वजह है कि खनिज और वनोपज के विषय पर बरसों पुराने नियमों में बदलाव किया गया है। पूर्व में बांस के विक्रय पर कई अड़चने आती थी, इसे खत्म कर दिया गया है। खनन से जुड़े पुराने कानूनों को बदला गया है, अब नियम बनाया गया है कि जिस इलाके में खनन होगा, उसकी आय का एक हिस्सा उसी इलाके के विकास में खर्च किया जाएगा। इसके लिए डीएमएफ बनाया गया है।

 

आदिवासी समाज के सम्मान में संग्रहालय का निर्माण :
श्री मोदी ने बताया कि आजादी की लड़ाई में आदिवासी समाज ने अपना उल्लेखनीय योगदान दिया है। आदिवासी समाज को गौरान्वित करने और गौरवशाली गाथाओं को जीवंत रखने और नई पीढ़ी को इससे अवगत कराने ऐसे इलाके जहां आदिवासी समाज की 20 हजार की आबादी हो अथवा कुल आबादी का 50 प्रतिशत हो, वहां-वहां संग्रहालय का निर्माण कराया जाएगा।

 

एसबीआई बैंक के नए ब्रांच का शुभारंभ :
श्री मोदी ने यहां भारतीय स्टेट बैंक के नए ब्रांच की भी शुयआत की। उन्होंने कहा कि आज बैंक का काम आम दिनचर्या से जुड़ गया है। पूर्व में यहां के लोगों को 20 किमी दूर जाकर बैंक का काम करवाना पड़ता था। नए ब्रांच खुल जाने से अब क्षेत्रवासियों को असानी होगी। उन्होंने कहा कि पोस्ट आफिस को भी इस काम से जोड़ा जा रहा है, अब जहां-जहां पोस्ट आफिस होगा, वहां बैंकिंग का भी काम होगा। उन्होंने कहा कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का लक्ष्य सरकार का है। है।

 

नक्सली लौटे समाज की मुख्यधारा में :
श्री मोदी ने अपने उद्बोधन के अंत में नक्सलियों से समाज की मुख्यधारा में जुडऩे का आव्हान करते हुए कहा कि हिंसा से कुछ हासिल नहीं होता। समाज को और देश को विकास की जरूरत है। इसमें सहभागिता के लिए प्रत्येक नागरिक को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के मुखिया जंगलों में छिपकर अपनी जान बचाए रहते हैं और आम युवा सामने रखकर बेमौसम मारा जाता है। आखिर इससे फायदा किसे हो रहा है।

 

उन्होंने युवाओं से आव्हान करते हुए कहा कि अपनी जिंदगी बर्बाद न करें, समाज की मुख्यधारा में जुडक़र विकास में अपनी सहभागिता दें। उन्होंने सुरक्षार्मियों का उदाहरण देते हुए कहा कि अपने घर-परिवार से सैकड़ों किलोमीटर दूर आप लोगों के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान करने वाले जवानों से सीख लें, आपके लिए अस्पताल, स्कूल, सडक़ बनाने वे दिन-रात जान की बाजी लगाए रहते हैं।