udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news अदृभूत रहस्यः सूखे खेत में मिट्टी के अंदर मछली-देखे वीडियो

अदृभूत रहस्यः सूखे खेत में मिट्टी के अंदर मछली-देखे वीडियो

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उदय दिनमान डेस्कः अदृभूत रहस्यः सूखे खेत में मिट्टी के अंदर मछली।यह पढकर आपको भी यह कविता याद आ रही होगी कि मछली जल की रानी है जीवन उसका पानी है हाथ लगाओ डर जाएगी बाहर निकालो मर जाएगी। लेकिन यहां ऐसा नहीं है एक प्रजाती की मछली पानी और जमीन दोने जगह पर रहती है। इसकी जानकारी आपको इस वीडियों को देखने के बाद लग जाएगी और आपके मन के भ्रम को भी तोड देगी कि मछली सिर्फ पानी में ही जिंदा रहती है। मछली जमीन में भी जिंदा रहती है। आप चौक गए ना हम भी पहले चौक गए थे लेकिन यह वीडियो देखने के बाद हमे भी यकीन हो गया कि मछली सिर्फ पानी में ही नहीं वल्कि जमीन के अंदर सूखे में भी रहती है।

आपको बता दें कि इस संसार में मछलियों की कम से कम 28,500 प्रजातियांयों का जिक्र हमे मिलता है और लगभग सभी पानी में अपना सारा जीवन व्यतीत करने वाली मछलियों के बारे में आपने और मैने पढा है लेकिन सोशल मीडिया पर यह वीडियो जो हकीकत बयां कर रहा है उससे आप भी सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि यह सत्य है। एक प्रजाती की मछली पानी और जमीन दोने जगह पर रहती है। यहां दिखए गए वीडियो में यह साफ खि रहा है कि कैसे करके इस मछली में खुद को ढाल रखा है।

 

मछलियों की कम से कम 28,500 प्रजातियां

मछली शल्कों वाला एक जलचर है जो कि कम से कम एक जोडा़ पंखों से युक्त होती है। मछलियाँ मीठे पानी के स्त्रोतों और समुद्र में बहुतायत में पाई जाती हैं। समुद्र तट के आसपास के इलाकों में मछलियाँ खाने और पोषण का एक प्रमुख स्रोत हैं। कई सभ्यताओं के साहित्य, इतिहास एवं उनकी संस्कृति में मछलियों का विशेष स्थान है। इस दुनिया में मछलियों की कम से कम 28,500 प्रजातियां पाई जाती हैं जिन्हें अलग अलग स्थानों पर कोई 2,18,000 भिन्न नामों से जाना जाता है।

इसकी परिभाषा कई मछलियों को अन्य जलीय प्रणी से अलग करती है, यथा ह्वेल एक मछली नहीं है। परिभाषा के मुताबिक़, मछली एक ऐसी जलीय प्राणी है जिसकी रीढ़ की हड्डी होती है (कशेरुकी जन्तु), तथा आजीवन गलफड़े (गिल्स) से युक्त होती हैं तथा अगर कोई डालीनुमा अंग होते हैं (लिंब) तो वे फ़िन के रूप में होते हैं।
कुछ मछलियाँ न केवल विशालकाय हैं, बल्कि इतनी खतरनाक है कि पूरे इंसान को निगल भी सकती हैं।

किलर कैटफिश
यह हिमालय की तलहटी में मिलने वाली एक विशाल और नरभक्षी कैटफिश प्रजाति है।

डीमन फिश –
जैसा कि इसका नाम है, यह दैत्याकार मछली है। यह दुनिया की सबसे खतरनाक मछलियों में से एक है। यह बड़े से बड़े जीवों को भी निगल जाती है। डीमन फिश अफ्रीका की कांगो नदी में पाई जाती है।

डेथ रे –
थाइलैंड की मीकांग नदी में जेरेमी ने दुनिया की सबसे बड़ी मछलियों में से एक डेथ रे को खोज निकाला। इसका वजन लगभग 7 सौ पाउंड है। इसके शरीर पर एक जहरीली और कांटेदार पूंछ होती है, जिसके प्रहार से इंसान की जान भी जा सकती है।

किलर स्नेकहेड –
मछली से ज्यादा गैंगस्टर लगने वाली यह मछली हवा में सांस लेती है और जमीन पर भी रेंग लेती है। अपनी ही प्रजाति के जीवों को यह शौक से खाती है। यह एशिया में मुख्य रूप से चीन और दक्षिण कोरिया में पाई जाती है।

कांगो किलर –
अफ्रीका की कांगो नदी में पाई जाने वाली कांगो किलर के खतरनाक होने का अंदाजा इस बात से लगा सकते है कि अफ्रीका में इसके बारे में एक लोककथा है, जिसमें कहा गया है कि यह मछली एक आत्मा के रूप में मछुआरों को ललचा कर उन्हें मौत की तरफ ले जाती है।

अलास्कन हॉरर –
अलास्का की बर्फीली झील में मिलती है महाकाय अलास्कन हॉरर। इसके बारे में प्रचलित लोककथाओं में इसे आदमखोर माना जाता है।

रिट वैली किलर –
अफ्रीका की रिट वैली में एक विशालकाय जीव रहता है -एम्पुटा या नाइल पर्च। यह अफ्रीका के ताजे पानी की सबसे बड़ी मछली है।

पिरान्हा –
वर्ष 1976 में यात्रियों से भरी बस अमेरिका के अमेजॉन नदी में गिर गई और कई लोगों की जान चली गई। जब शवों को बाहर निकाला गया, तो उनमें से कुछ को पिरान्हा मछलियों ने इतनी बुरी तरह खा लिया था कि उनकी पहचान उनके कपड़ों से हुई।

एलिगेटर गार –
यह सादे पानी की ऐसी मछली है, जो इंसानों पर आक्रामक हमले करती है। यह शार्क की तरह खतरनाक और मगरमच्छ की तरह विशाल है।

यूरोपिययन मैनईटर –
यह यूरोप के ताजे पानी वाली नदियों में अपनी थूथन उठाए घूमती रहती है। आक्रामक वैल्स कैटफिश इंसानों को भी अपना शिकार बना सकती है।

अमेजॉन असासिंस –
अमेजन की गहराइयों में रहने वाली असासिंस शिकार को अपनी जीभ से कुचलती है, जो हड्डी से बनी होती है।

अमेजन लैश ईटर्स –
यह अफ्रीकन मछली इंसान को निगल सकती है। यह जब हमला करती है, तो शरीर पर छुरा घोंपने जैसा निशान बन जाता है।