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अनादिकाल से होती है प्रकृति की पूजा: गोयल

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर जन जागरूकता रैली का आयोजन
जिला जज ने रैली को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
रुद्रप्रयाग। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में न्यायालय परिसर से नगर पालिका सभागार तक पर्यावरण बचाने को लेकर जन जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जिला जज हरीश कुमार गोयल ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिला जज श्री गोयल ने कहा कि शुद्ध पर्यावरण भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में जीवन एवं दैहिक स्वतंत्रता के रूप में मौलिक अधिकार है। उच्चतम न्यायालय ने अनेकों मामलों में अवधारित किया है कि हम लोग इस शुद्ध हवा के ट्रस्टी मात्र हैं।

अनादिकाल से भारतीय संस्कृति में प्रकृति की पूजा होती है और यहां गंगा एवं धरती को मां के स्वरूप में पूजा जाता है तथा बड़, पीपल एवं केले की पूजा होती है। पर्यावरण दिवस मनाने को मुख्य उद्देश्य अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करना और जंगलों के प्रबंध को सुधारने के लिए था। इस अवसर पर उन्होंने वनाग्नि के बढ़ते प्रकोप पर चिंता जाहिर की और लोगों से वनों में आग न लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वनाग्नि से केवल वन सम्पदा एवं जीव-जंतुओं का नुकसान नहीं होती है, बल्कि उपजाऊ मिट्टी के जल जाने से पोषण तत्व भी समाप्त हो जाते हैं। इसका सीधा दुष्प्रभाव मानव जीवन पर पड़ता है।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा, अपर जिला जज बीपी पाण्डेय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुलदीप कुमार, सिविल जज संजय सिंह, आरती सरोहा, मुख्य विकास अधिकारी दाताराम जोशी, अपर जिलाधिकारी गिरीश गुणवंत, उप वन संरक्षक मयंक झा, एसडीएम देवानंद, जिला शासकीय अधिवक्ता केपी खन्ना, जिला बार संघ अध्यक्ष हरीश किमोठी, विपुल पाण्डेय, रोशन लाल सहित कई मौजूद थे।

वहीं जीवन निर्माण एजुकेशन सोसाइटी द्वारा संचालित डॉ जैक्सवीन नेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं एवं अध्यापकों की उपस्थिति में जन जागरूकता रैली निकाली एवं जन जागरुकता के लिए छात्र-छात्राओं द्वारा गुप्तकाशी बाजार में नुक्कड़ नाटकों का प्रदर्शन किया गया। इन नाटकों के माध्यम से स्थानीय जनता एवं तीर्थ यात्रा पर जाने वाले विभिन्न तीर्थ यात्रियों को यह संदेश दिया गया कि केवल अपने प्रचार-प्रसार के लिये सफाई का दिखावा न करें, बल्कि अपने स्तर से पूर्ण इच्छा शक्ति के साथ प्रर्यावरण संवर्द्धन में अपनी भागीदारी दें।

गुप्तकाशी मुख्य बाजार में श्रीमती सुनीता देवी द्वारा निर्देशित इन दोनों नाटकों स्वच्छता के प्रति जागरूकता एवं पॉलिथीन का दानव नाटको का मंचन कर जनता को बाजारबादी संस्कृति के कारण मानव जीवन के लिए बढ़ते खतरों से जनमानस को आग्रह किया तथा नाटक के मंचन के माध्यम से लोगों को प्रदूषण रुपी मकड़जाल से बाहर निकलने के लिए जागरूक किया गया।

नाटक में शुभ शुक्ला, रोहित शुक्ला, सुधांशु, गौरव, सिमरन, श्रेयक, तनूजा, ऋषिका, सोनम, अंकुश, निखिल, श्रेयक, यश, साहिल, शार्दुल, हिमांशु, सौरभ, चन्दन, आर्यन, आयुश ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन, प्रबंधक मनोज बेंजवाल एवं चेयरमैन लखपत राणा जी ने किया। इस अवसर पर रामकृष्ण गोस्वामी, विनोद गैरोला, पंकज पंवार, हेमंती सजवाण, पूर्व प्रमुख ममता नौटियाल, पूर्व प्रधान कमल रावत, रविंद्र नेगी सहित, छात्र छात्राओं , स्थानीय जनता एवं तीर्थ यात्री भी उपस्थित थे।