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अफ्रीका के भगोड़े, जीरो टॉलरेंस वाली उत्तराखंड सरकार के दुलारे !

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देहरादून : अफ्रीका के भगोड़े, जीरो टॉलरेंस वाली उत्तराखंड सरकार के दुलारे ! सूबे की जीरो टॉलरेंस वाली सरकार का यह कारनामा राज्य में चर्चाओं में है। क्योंकि सरकार ने ऐसे लोगों ो सुरक्षा दी है जिन लोगों ने एक देश की सत्ता में ही दखल दे दिया और वह उस देश में फरारी है और उत्तराखंड सरकार में इनकी खिदमत हो रही है। अर्थात यह लोग उत्तराखंड के मेहमान है। ऐसा सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आ रही है।

 

आपको बता दें कि उत्तराखंड में जेले भरी हुई है वह भी सामान्य चौरी करने वालों से। क्योंकि उत्तराखंड में चैन लूटने वाले और छोटी चोरी करने वालों को सीधे जेल भेज दिया जाता है और बडे़-बड़े कारनामें करने वालों ो यहां सुरक्षा दी जाती है। ऐसा ही एक जाता मामला सामने आया है जिससे जीरो टारगे वाली सरकार एक बार फिर से कटघरे में आ गयी है।

 

उल्लेखनीय है कि  दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा को अर्श से फर्श पर लाने वाले और अपने कारनामों से दक्षिण अफ्रीका में बदनाम हो चुके गुप्ता बंधुओं को बेशक दुनिया की कई मुल्कों की पुलिस तलाश रही हो। लेकिन आपको ये जानकर अचरज होगा कि देवभूमि उत्तराखंड में सहारनपुर से ताल्लुक रखने वाले गुप्ता ब्रदर्स को सूबे की जीरो टॉलरेंस वाली सरकार ने जेड श्रेणी की सुरक्षा मुहैय्या करवा रखी है।

 

कोई ये समझ नहीं पा रहा है आखिर दुनिया में बदनाम हो चुके कारोबारी गुप्ता बंधुओं पर राज्य की भाजपा सरकार इतनी मेहबान क्यों हुई कि, सरकार बनने के बाद 16 जून 2017 को उन्हे जेड श्रेणी की सुरक्षा देने के आदेश दे दिए गए।अब उत्तराखंड की सरकार को कौन समझाए कि यह क्या है और ऐसा क्यां। आपको बता दें कि कुछ दिन पूर्व उत्तराखंड में सियासी हलकों में मुख्यमंत्री के बदलने की चर्चाढ थी। राज्य में इस खबर के बाद सरकार की मीडिया में खूब किरकिरी हुई। इसके बाद यह नया मामला सामने आया है। इससे ीाी सरकार की खूब किरकिरी हो रही है।

गौरतलब है कि राज्य में राज्यपाल, सीएम, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, बाबा रामदेव, पूर्व जज धर्मवीर शर्मा के अलावा अपने कारनामो से कुख्यात हो चुके गुप्ता ब्रदर्श को ही जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। जबकि सूत्रों की माने तो गुप्ता ब्रदर्स के देहरादून स्थित आवास में उन्हें z श्रेणी की सुरक्षा देने के लिए न तो सूबे का पुलिस प्रशासन तैयार था और न ही सचिवालय प्रशासन।

 

सचिवालय के समीक्षा और अनुभाग खंड ने सरकार ने इस सुरक्षा पर प्रतिकूल टिप्पणी भी की थी। बावजूद इसके गुप्ता बंधुओं के 7 कर्जन रोड़ आवास पर एक पूरी गार्द, दो कमांडर, दो पीएसओ, 6 पुलिसकर्मी अब भी मौजूद हैं। जबकि दक्षिण अफ्रीका सरकार गुप्ता बंधुओं को उनके कारनामों के चलते फरार घोषित कर चुकी है।

 

हालांकि सूत्रों की माने तो गुप्ता बंधुओं पर सरकार की मेहरबानी मे एक ऊंची हैसियत रखने वाले कैबिनेट मंत्री की कृपा है। मंत्री जी के गुप्ता बंधुओं से करीबी रिश्ते हैं और अक्सर दक्षिण अफ्रीका आते-जाते रहे हैं। जबकि गुप्ता बंधुओं और उनके परिजनों के देवभूमि पधारने पर उनके शागिर्द ही उनकी आवभगत करते हैं।कहा जा रहा है कि उन रिश्तों की जांच हो जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।

 

जब राज्य में विजय बहुगुणा सरकार थी उस वक्त ही गुप्ता बंधुओं को Y श्रेणी सुरक्षा दी गई थी। जबकि उनके बहनोई अनिल गुप्ता को तब राज्य योजना आयोग में सदस्य बनाया गया था। वहीं 18 अप्रैल 2017 को जब त्रिवेंद्र सरकार ने राज्य में दी गई सुरक्षाओँ की समीक्षा की तो गुप्ता बंधुओं की वाई श्रेणी की सुरक्षा हटा दी गई थी।

 

लेकिन उसके दो महीने बाद ही सुरक्षा में इजाफा करते हुए उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा दे दी गई। ऐसे में किसी को समझ नहीं आ रहा है कि जीरो टालरेंस के दौर में अफ्रीका की नागरिकता रखने वाले बदनाम कारोबारी अतुल और अजय गुप्ता को कैसे जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई।इस राज्य में आम जन को सरकार से कोई लाभ तो नहीं मिलता जो भी मिलता है वह कागजों में मिलता है। ऐसे में सरकार के खिलाफ यह खबर आप खुद ही सोच सकते हैं।