udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news बाबा कहेंगे तो राजनीति से सन्यास भी ले लूंगा: रावत

बाबा कहेंगे तो राजनीति से सन्यास भी ले लूंगा: रावत

Spread the love

केदारनाथ यात्रा का जायजा लेने पहुंचे पूर्व सीएम ,तीन दिनों तक यात्रा मार्ग का लेंगे जायजा ,केदार यात्रा के भीमबली, लिनचौली में होगा रात्रि प्रवास

रुद्रप्रयाग। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत रविवार प्रातः केदारनाथ के लिए रवाना हुए। सीएम रावत केदारनाथ की यात्रा पर आये हैं और वे पैदल चलकर पुर्निर्माण कार्यों का जायजा लेंगे। उन्हांेने रात्रि विश्राम भीमबली में किया और सोमवार को लिनचौनी में रात्रि प्रवास करेंगे। आठ मई को हरीश रावत केदारनाथ पहंुचेंगे, जहां बाबा के दर पर मत्था टेककर विकास कार्यों का जायजा लेंगे।

 

अगस्त्यमुनि में पत्रकारों से वार्ता करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा केवल टोटके बाजी कर रही है और केदारनाथ धाम में कार्याें को बढ़ाने के वजाय सिर्फ अपनी मार्केटिंग पर लगी हुई है। अभी तक पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा करवाये गये विकास कार्यों में भाजपा सरकार ने महज पत्थर बिछाने व मिट्टी खोदने का ही काम किया है और इनका ध्यान केदारघाटी के विकास पर नहीं, सिर्फ केदारनाथ पर है और वो भी अधूरा है।

 

कहा कि एक साल में सरकार ने बडे़-बड़े दावे किये हैं और बाबा के दर्शनों के साथ ही उन दावों को देखने के लिए केदारनाथ जा रहा हूंॅ। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के कसे गये तंज, पूर्व सीएम केदारनाथ तो जांय, पर राजनीति ना करें, पर उन्होंने कहा कि भाजपा वालों को ये सीख किसने दे दी राजनीति करने वालों को कभी दूसरों को उपदेश नहीं देना चाहिए।

 

कहा कि कांग्रेस सरकार में केदारनाथ में साठ फीसदी कार्य हो गया था और बडे प्रोजेक्टों को डीपीआर बनाकर केन्द्र सरकार को सौंप दिये थे। जिस पर केन्द्र सरकार ने भी हामी भरी थी। कहा कि भाजपा सिर्फ चुनावी नीति जानती है और कुछ नहीं। वहीं भाजपा नेताओं द्वारा किये गये आक्षेप कि हरीश रावत की अब उम्र हो गयी है उन्हें राजनीति नहीं बल्कि सन्यास ले लेना चाहिए के सवाल पर चुटकी लेते हुए श्री रावत ने कहा कि बाबा के दर पर जा रहा हूं अगर बाबा कहेंगे तो सन्यास भी ले लूंगा।

 

इस दौरान उनके साथ पूर्व राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा, केदारनाथ विधायक मनोज रावत, कांग्रेस वरिष्ठ कार्यकर्ता ताजबर सिंह खत्री, देवेश्वरी देवी, कुंवर लाल आर्य, देवेन्द्र झिंक्वाण समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।