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बार में पिया कॉकटेल, पेट में हो गया छेद

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नई दिल्ली। आजकल युवाओं में नई चीजें ट्राइ करने का चलन बढ़ गया है लेकिन कई बार ऐसा करना खुदपर भारी पड़ सकता है। कुछ ऐसा ही हुआ दिल्ली के एक 30 साल के बिजनसमैन के साथ, जो एक पब में गया और वहां उसने ड्रिंक के साथ लिक्विड नाइट्रोजन पिया लेकिन इसके बाद वह सीधे अस्पताल ही पहुंचा।

 
बिजनसमैन सुमित प्रसाद (बदला हुआ नाम) गुडग़ांव के एक पब में अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने पहुंचे। जहां उन्होंने पब की लेटेस्ट लिक्विड नाइट्रोजन वाला कॉकटेल ऑर्डर किया, जिसे पीने से इस शख्स के पेट में छेद हो गया। बता दें कि ड्रिंक में लिक्विड नाइट्रोजन इसलिए इस्तेमाल किया जाता है ताकि उसे तुरंत फ्रीज किया जा सके।

 
दरअसल, ड्रिंक लेने के कुछ देर बाद ही सुमित को बेचैनी महसूस होने लगी। अस्पताल पहुंचने तक प्रसाद की हालत और खराब हो गई और उसका पेट फूल गया। प्रसाद के ब्लड टेस्ट से पता लगा कि उनके शरीर में ऐसिड का लेवल बहुत ज्यादा बढ़ गया था।

 
कोलंबिया एशिया अस्पताल के सर्जन डॉक्टर अमित गोस्वामी ने बताया, जब सुमित को लाया गया, तो उनका पल्स रेट बढ़ा हुआ था और ब्लड प्रेशर लो था। सीटी स्कैन से पता चला कि पेट का निचला हिस्सा फट गया है। हमने सर्जरी कर पहले इंटस्टाइन निकाली और फिर पेट के निचले हिस्से को काटकर बाहर किया। इस तरह पेट के करीब 45 पर्सेंट हिस्से को सर्जरी के जरिए बाहर निकालना पड़ा।

 
यह वाकया 13 अप्रैल को हुआ था। डॉक्टर गोस्वामी ने बताय, इस तरह के छेद आमतौर पर टांकों से सही हो जाता हैं, लेकिन प्रसाद के मामले में डॉक्टरों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ी क्योंकि छेद के आसपास के टिशू भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। सर्जिकल टीम ने प्रसाद के पेट के निचले हिस्से को हटाने और बाकी हिस्से को छोटी आंत से कृत्रिम तरीके से जोडऩे का फैसला किया।

 
उन्होंने बताया कि सर्जरी के बाद मरीज को 3 दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया था। डॉ. गोस्वामी के मुताबिक अब इस मामले को 2 महीने बीत चुके हैं और प्रसाद पहले बेहतर हैं। प्रसाद की सर्जरी की टीम में शामिल डॉक्टर मृगांका एस. शर्मा ने बताया, प्रसाद के पेट में इस छेद की सबसे बड़ी वजह लिक्विड नाइट्रोजन ही थी।

 

यह बेहद खतरनाक होता है। यहा अंटार्कटिका की ठंडी रातों से भी ज्यादा ठंडा होता है और मानव शरीर के टिशूज को तुरंत क्षतिग्रस्त कर देता है। इसके अलावा जब लिक्विड नाइट्रोजन लिक्विवड से गैस में बदलता है तो यह 500 गुना ज्यादा फैल जाता है। यह पेट में फट भी सकता है।