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बदरीनाथ धाम: श्रद्धालुओं को टोकन के लिए नहीं करना पड़ेगा घंटों इंतजार

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चमोली। अब बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं को टोकन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए बदरी-केदार मंदिर समिति ने सॉफ्टवेयर को अपडेट किया है। इससे टोकन जल्दी मिल सकेगा। इसके लिए टोकन काउंटर की संख्या भी चार से बढ़ाकर पांच कर दी गई है। टोकन में श्रद्धालु का नाम और पते के साथ ही दर्शन करने का समय भी अंकित होगा। इससे श्रद्धालु मंदिर में कतार में खड़े रहने की बजाए अपने वक्त का बेहतर उपयोग कर पाएंगे।

वर्ष 2012 में बदरीनाथ धाम में दर्शनों के लिए टोकन सिस्टम शुरू किया गया था। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर काउंटरों की स्थापना की गई, लेकिन अभी टोकन के लिए भी श्रद्धालुओं को इंतजार करना पड़ता है। बदरी-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि सॉफ्टवेयर पुराना होने के कारण कई बार सिस्टम हैंग हो जाता है, जिससे श्रद्धालुओं को भी दिक्कत होती थी। उन्होंने बताया कि नए सिस्टम से बेहद कम समय में अधिक श्रद्धालुओं के लिए टोकन जारी किया जा सकेगा। इसके अलावा टोकन काउंटर की संख्या में भी वृद्धि की गई है।

अब तक धाम में अभिषेक व महाभिषेक पूजा की पर्चियां मंदिर परिक्रमा परिसर में मंदिर समिति के अधिकारियों काट रहे थे। पूजा की पर्ची काटने के लिए भी श्रद्धालुओं को लंबी लाइन लगाकर इंतजार करना पड़ता था। मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह ने बताया कि इस बार मंदिर समिति ने टोकन काउंटरों पर ही पूजा की पर्चियां देने का निर्णय लिया है। इससे श्रद्धालुओं को दो बार लाइन में लगने से निजात मिल जाएगी।

कपाट खुलने की तैयारियों को लेकर मंदिर समिति सहित पेयजल, विद्युत विभाग बदरीनाथ धाम में जुटा है। कर्णप्रयाग में गाडू घड़ा (तेल कलश) यात्रा की तैयारियों को भी श्रद्धालु जुटे हैं। कलश यात्रा आज उमा देवी मंदिर में रात्रि पहुंचेगी। 11 से 26 अप्रैल तक गाडू घड़ा ङ्क्षडमर में लक्ष्मी नारायण मंदिर में रहेगा। 27 अप्रैल को जोशीमठ पहुंचेगा।

यहां से 28 अप्रैल को बदरीनाथ के कपाट खुलने को लेकर उत्सव डोली यात्रा में शामिल होकर पांडक़ेश्वर में रात्रि विश्राम करेगा। 29 अप्रैल को उद्धव जी कुबेर जी व शंकराचार्य जी की गद्दी यात्रा के साथ गाडू घड़ा भी बदरीनाथ पहुंचेगा।