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बड़ी सफलता: पंजाब अंधेपन से मुक्त राज्य घोषित

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चंडीगढ़। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, पंजाब ने कोरनियल अंधापन के बैकलाग को ख़त्म करके राज्य को कोरनियल अंधापन मुक्त राज्य कर दिया है। यहाँ जारी एक प्रेस बयान के द्वारा मंत्री ने अपनी संतुष्टि व्यक्त करते हुए कहा कि नैशनल प्रोग्राम फॉर कंट्रोल ऑफ ब्लाइंडनैस अधीन राज्य में कोरनियल अंधेपन से पीडि़त मरीज़ों के व्यापक स्तर पर इलाज करके एक बड़ी सफलता हासिल की है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के अनुसार अब राज्य में एक भी कोरनियल अंधेपन का कोई मामला बकाया नहीं है। इस संबंधी घोषणा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सत्ता संभालने के बाद निश्चित समय में राज्य को कोरनियल अंधेपन से मुक्त राज्य बना दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश के कुल अंधेपन के मामलों में 0.90 प्रतिशत मामले कोरनियल अंधेपन के हैं और स्वास्थ्य विभाग पंजाब ने प्रयास करते हुए राज्य को कोनियल अंधेपन का बैकलाग मुक्त राज्य बनाने की योजना बनाई जिस अधीन अब तक 1350 से अधिक कोरनियल अंधेपन से पीडि़त मरीज़ों की पुतलियाँ बदलने का ऑपरेशन (कैराटोपलास्टीज़) किया गया।

 

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के कैराटोपलास्टीज़ केन्द्रों में मार्च 2017 से अप्रैल 2018 तक लिए गए 1119 कोरनियज़ द्वारा 735 कोरनियल ट्रांसपलांट ऑपरेशन किये गए। उन्होंने आगे कहा यह एक मुश्किल भरा लक्ष्य था कि राज्य में विभिन्न समुदायों के साथ तालमेल करके पंजाब को कोरनियल अंधेपन से मुक्त राज्य बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि समुदाय, ग़ैर -सरकारी संस्थाएं और सामाजिक संस्थाओं द्वारा अपनी जिम्मेवारियों को निश्चित समय में निभाया गया जिस कारण पंजाब को यह स्थान हासिल हुआ है।

 

डॉ. अरीत कौर स्टेट नोडल अफ़सर अंधापन कंट्रोल प्रोग्राम ने ग़ैर -सरकारी संस्थाओं विशेष तौर पर ‘रोटरी आई बैंक’ और आई डोनेशन एसोसिएशन, होशियारपुर का मानक और बढिय़ा सेवाएंं मुहैया करवाने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने आगे अमृतसर के डॉ. शकीन सिंह आई सर्जन द्वारा वर्ष 2017 में 219 मुफ़्त कैराटोपलास्टीज़ करने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आँखें दान करने के लिए राज्य स्तरीय मुहिम को और व्यापक स्तर पर चलाया जायेगा जिससे पंजाब में कोरनियल अंधेपन से पीडि़त मरीज़ों को अपने इलाज के लिए इंतज़ार न करना पड़े।

 

डॉ. राधिका टंडन प्रोफ़ैसर ओपथामोलोजी, आर.पी.सैंटर, एमज़ नयी दिल्ली से को -चेयरपरसन नेशनल आई बैंक ने कहा कि पंजाब में अब एक भी कैराटोपलास्टीज़ के लिए पुराना मामला बकाया नहीं है। अब केवल 178 मरीज़ों के नये मामले सजऱ्री के लिए बकाया हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पंजाब की अथक मेहनत और जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि इस प्राप्ति के लिए पंजाब राज्य देश के अन्य राज्यों के लिए मिसाल साबित होगा।