udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news बर्फबारी से  सेब काश्तकारों के चेहरे पर खुशी की लहर

बर्फबारी से  सेब काश्तकारों के चेहरे पर खुशी की लहर

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उत्तरकाशी। मौसम के बदलने तथा गंगोत्री सहित हर्षिल, धराली, मुखबा आदि जगहों पर आधा से एक फिट के कारीब हुई बर्फबारी से काश्तकारों के चेहरे खिल उठे हैं।

 

काश्तकारों का कहना है कि फरवरी के अंतिम सप्ताह में हुई यह बर्फबारी सेब के बागानो के लिए संजीवनी का काम करेगी।इस साल सूखे के चलते सेब काश्तकारों को उनकी सेब की फसलों की चिंता सताने लगी थी। अब शनिवार को मौसम के बदलने तथा ऊंचाई वाले क्षेत्रों गंगोत्री, हर्षिल, धराली, मुखबा, सुक्की, झाला सहित मोरी के कई क्षेत्रों में बर्फबारी होने से उनके चेहरे खिल उठे हैं।

 

सेब काश्तकार संजय पंवार,उमेश पंवार, सचेन्द्र पंवार, तीरथ रौतेल आदि ने बताया कि इस समय होने वाली बर्फबारी वाटर स्नो होती है। जो कि ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाती है। काश्तकारों ने बताया कि जिस साल अधिक बर्फबारी होती है,उस साल सेब की पैदावार भी काफी अच्छी होती है।

 

कहा कि दिसंबर तथा जनवरी के महीने होने वाली पाउडर स्नो मार्च, अप्रैल तक रहती है। वहीं इन महीने होने वाली बर्फबारी जब इतने समय तक रहती है, तो सेब के पेड़ों के लिए नमी काफी अच्छी बन जाती है। जो कि आगे चलकर सेब की पैदावार को भी दोगुना कर देती है।

 

कहा कि यहां के काश्तकारों की आर्थिकी बागवानी से जुड़ी है। जिस कारण इस साल की बात करें तो बर्फबारी तो दूर की बात है,बारिश भी नहीं हो पाई। लेकिन शनिवार हुई बर्फबारी से फसल अच्छी होने की कुछ उम्मीद जागी है।