udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news बीडीसी बैठक को गम्भीरता से लें अन्यथा बीआरएस के लिए तैयार रहें अधिकारी

बीडीसी बैठक को गम्भीरता से लें अन्यथा बीआरएस के लिए तैयार रहें अधिकारी

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अगस्त्यमुनि की बीडीसी बैठक में सदस्यों ने जमकर काटा हंगामा,अधिकारियों के देर से आने पर डीएम ने लगाई फटकार

रुद्रप्रयाग। क्षेत्र पंचायत मन्दाकिनी (अगस्त्यमुनि) की बैठक हंगामेदार रही। बैठक प्रारम्भ होते ही एक ओर सदस्यों ने अपने पूर्व प्रस्तावों पर कोई कार्यवाही न होने पर आक्रोश व्यक्त करते हुए सदन के औचित्य पर प्रशन चिह्न लगाते हुए बहिष्कार करने की धमकी दी तो वहीं जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने अधिकारियों के देर से आने व सदस्यों के पूर्व बैठक में उठाये गये प्रश्नों पर एक माह के अन्दर जबाब न देने पर कड़ी फटकार लगाई।

 

उन्होंने सभी अधिकारियों कोे बीडीसी बैठक को गम्भीरता से लेने के निर्देश दिए अन्यथा बीआरएस के लिए तैयार रहने को कहा।   क्षेत्र पंचायत की त्रैमासिक बैठक निर्धारित समय से आधे घण्टे देर से क्षेत्र पंचायत प्रमुख जगमोहन सिंह रौथाण की अध्यक्षता में प्रारम्भ हुई। बैठक प्रारम्भ होते ही जैसे ही पिछली बैठक की कार्यवाही पढ़ी जाने लगी सदस्यों ने डॉ योगम्बर नेगी एवं शिशुपाल सिंह कण्डारी के नेतृत्व में हंगामा कर दिया।

 

सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बीडीसी बैठक को अधिकारी संजीदगी से नहीं लेते हैं और प्रस्तावों का प्रतिउत्तर देने की जहमत नहीं उठाते हैं। ऐसे में इस बैठक का कोई औचित्य नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने विभागवार नाम पुकारे तथा उनसे इस सम्बन्ध में स्पष्टीकरण मांगा और अनुपस्थित एवं देर से आने वाले अधिकारियों के साथ ही सदस्यों के प्रश्नों के प्रतिउत्तर समय पर न देने वाले अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए अधिकारियों की लापरवाही की सूचना सम्बन्धित विभाग के सचिवों को भेजने के निर्देश दिए।

 

साथ ही चेतावनी दी कि यदि बार बार यही गलती दोहराई गई तो वे ऐसे अधिकारियों की सिफारिश बीआरएस के लिए करेंगे। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सदस्यों के प्रश्नों के प्रतिउत्तर एक माह के अन्दर सम्बन्धित सदस्य एवं खण्ड विकास कार्यालय को दे दें। इसके बाद जैसे तैसे सदन की कार्यवाही प्रारम्भ हुई तो एक बार पुनः सदस्यों ने डीपीसी में उनके प्रस्तावों पर चर्चा न होने की बात उठाते हुए बैठक का बहिष्कार करने की धमकी दे दी।

 

एक बार पुनः जिलाधिकारी ने मोर्चा सम्भाला और सदस्यों को आश्वस्त किया कि अगली बार से डीपीसी बैठक से पूर्व ग्राम स्तर पर खुली बैठक का रोस्टर जारी किया जायेगा और वही से योजनाओं का चयन किया जायेगा। सदस्यों की मांग पर इस बार डीपीसी में पास हुए प्रस्तावों को सदन में पढ़ा भी गया। जिसके बाद सदन की कार्यवाही विधिवत चल पाई। सदन को सम्बोधित करते हुए क्षेत्र प्रमुख रौथाण ने सदस्यों से सदन की गरिमा को ध्यान में रखते हुए अनुशासन बनाये रखने की अपील की।

 

शिक्षा विभाग पर चर्चा करते हुए सदस्यो ंने विद्यालयों की जीर्ण शीर्ण स्थिति पर चिन्ता जताई तो प्रधान सन ऊषा चमोला ने विद्यालय मरम्मत पर लिखित में आश्वासन मांगा। जिलाधिकारी ने सदस्यों को विद्यालय मरम्मत के डेढ़ लाख रू0 तक के कार्य मनरेगा से करने का प्रस्ताव रखा। परन्तु प्रधानों ने मनरेगा में विगत भुगतान न होने से इसे खारिज कर दिया। प्रधान कणसिली रघुवीर लाल एवं प्रधान कण्डारा महावीर नेगी ने कृषि विभाग द्वारा मृदा परीक्षण के बाद उसकी रिपोर्ट कास्तकारों को न बताने पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जानकारी न होने से कास्तकारों को नुकसान उठाना पड़ा।

 

चौकी वर्सिल की प्रधान सुनीता राणा ने गेहूं की उन्नत किस्म बीएल 616 बोने की सलाह दी। स्वास्थ्य विभाग पर चर्चा करते हुए ऊषा चमोला ने विगत दिनों जिला अस्पताल में तीन गर्भस्थ शिशुओं की मौत का मामला उठाते हुए कहा कि जिले के अस्पताल केवल रैफरल सेण्टर बने हैं। इस पर जिलाधिकारी ने बताया कि इस सम्बन्ध में सीएमएस से स्पष्टीकरण मांगा गया है। बैठक में सदस्यो ंद्वारा पेयजल, सड़क, शौचालय से सम्बन्धित समस्याओं पर भी चर्चा की गई।

 

बैठक में सीडीओ डीआर जोशी, पीडी एनएस रावत, एसडीएम मुक्ता मिश्र, डीएफओ राजीव धीमान, बीडीओ धनेश्वरी नेगी, ज्येष्ठ प्रमुख प्रबल सिंह नेगी, प्रधान संगठन की अध्यक्षा राजेश्वरी थपलियाल, क्षेपंस माधुरी नेगी, प्रधान सौड़ भट्टगांव ऊषा गुसाईं, सुरेन्द्र बिष्ट, प्रदीप मलासी आदि मोजूद थे।