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बीमार तीर्थयात्रियों के लिए देवदूत बना जिला प्रशासन

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रुद्रप्रयाग। चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं के लिए जिला प्रशासन देवदूत साबित हो रहा है। देश-विदेश से श्रद्धालु भारी संख्या में केदारनाथ, तुंगनाथ, मद्महेश्वर पहुंच रहे हैं और केदारनाथ पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को जहां हेली, घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी की सुविधा मिल रही है, वहीं मद्महेश्वर और तुंगनाथ धाम के लिए घोडे-खच्चर व डंडी-कंडी की ही सुविधा है। श्रद्धाभाव से आये कुछ श्रद्धालु पैदल ही चलना पसंद कर रहे हैं। ऐसे में पैदल पड़ावों पर रौनक देखने को मिल रही है। पैदल पड़ावों में श्रद्धालुओं की तबियत बिगड़ने पर जिला प्रशासन की ओर से हवाई एम्बुलेंस की सुविधा दी जा रही है, जिससे तीर्थयात्री की जान बच रही है।

इन दिनों चारधाम यात्रा ने तेजी पकड़ी हुई है। केदारनाथ यात्रा का आंकड़ा चार लाख तीस हजार के पार पहुंच गया है तो मद््महेश्वर और तुंगनाथ में हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान भोले की पूजा अर्चना कर रहे हैं। केदारनाथ में भगवान शिव की पुष्ठ भाग की पूजा होती है तो मद्महेश्वर में मध्य भाग व तुंगनाथ में भुजाओं की पूजा की जाती है। तीनों धामों की अलग-अलग मान्याएं है, जिससे श्रद्धालु भारी संख्या में पहुंचकर भगवान भोले से मनौतियां मांग रहे हैं। केदारनाथ पहुंचने के लिए हेली, घोड़ा-खच्चर व डंडी-कंडी की सुविधा यात्रियों को दी जा रही है, जबकि मद्महेश्वर और तंुगनाथ के लिए सेवा उपलब्ध नहीं है।

ऐसे में मद्महेश्वर और तुंगनाथ धाम की यात्रा ज्यादातर श्रद्धालु पैदल ही करते हैं। श्रद्धाभाव से आये तीर्थयात्री केदारनाथ की 18 किमी की खड़ी चढ़ाई पैदल करना पसंद करते हैं, उनका मानना है कि भगवान शिव के दरबार में आये हैं तो कष्ट सहकर ही जाना होगा, अगर आसानी से दरबार में पहुंच गये तो उसका फल नहीं मिल पाता है। श्रद्धालुओं की आस्था बर्फवारी और बारिश में भी कम नहीं हो रही है। यात्रा में आये बुजुर्ग तीर्थयात्रियों पैदल पड़ावों में तबियत खराब होने पर जिला प्रशासन की ओर त्वरित गति से राहत बचाव का कार्य किया जा रहा है, जिससे तीर्थयात्रियों की जान भी बच रही है।

तीर्थयात्री सूरज सिंह, महेन्द्र राज प्रताप, जगत सिंह, मीना कुमारी, शर्मिलानाथ ने जिला प्रशासन की ओर से हेली सेवा के जरिये स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया गया, जिससे परिजनों की जान बच पाई। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही है। पिछली यात्रा की अपेक्षा इस बार यात्रा में काफी सहूलियत मिल रही है। तीर्थयात्रियों की सेवा में हर समय पुलिस, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीम मौजूद है और यात्रा पड़ावों पर तबियत बिगड़ने पर हेली सेवा के जरिये रेस्क्यू किया जा रहा है। प्रशासन का यह कदम सराहनीय है।

हेली नोडल अधिकारी सुरेन्द्र सिंह पंवार ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से तीर्थयात्रियों की हरसंभव मदद की जा रही है। यात्रा पड़ावों पर रहने, खाने से लेकर तबियत तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि यात्रा खुलने से लेकर अब तक दो दर्जन तीर्थयात्रियों को केदारनाथ यात्रा पड़ाव के लिनचौली एवं मद्महेश्वर धाम से रेस्क्यू किया गया है, जिससे उनकी जान बच पायी है। बताया कि गरीब तीर्थयात्रियों की सेवा में जिला प्रशासन कोई कमी नहीं छोड़ रहा है। धामों में तीर्थयात्रियों की मौत होने पर हेली सेवा से शवों को गुप्तकाशी लाया जा रहा है। यहां से वाहन की सुविधा देकर तीर्थयात्रियों को हरिद्वार भेजा जा रहा है, जिससे वे समय से दाह संस्कार कर सकें।