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बेरोजगारों ने सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन

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भर्तियों में पारदर्शिता और तय सीमा पर परीक्षा करने की मांग
चेतना रैली में उमड़े हजारों बेरोजगार, सरकार और आयोग के खिलाफ नारेबाजी

रुद्रप्रयाग। रोजगार सृजन, सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हो रही धांधलेबाजी एवं धोखाधड़ी के खिलाफ शुक्रवार को अगस्त्यमुनि में बड़ी संख्या में बेरोजगारो ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा गया कि सरकार को बरोजगारों के साथ मजाक करना बंद करना होगा। भर्तियांे में पारदर्शिता और तय समय सीमा में परीक्षा आयोजित करने को लेकर इस चेतना रैली में उमड़े बेरोजगारो ने प्रदेश सरकार और आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

शिक्षत बेरोजगार रैली को संबोधित करते हुए संयोजक अंकित पुरोहित ने कहा कि सरकार को समझना होगा कि भविष्य की आस संजोये हजारों युवा रात-दिन मेहनत करते हैं, लेकिन भर्ती परीक्षाओं को बार-बार स्थगित करने से उनका मनोबल टूटता है। युवा नेता हैप्पी असवाल ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा होने के बाद भी सरकारे गंभीर नही हैं। यह मुद्दा पलायन से भी जुड़ा है। राज्य बनने के बाद उत्तराखण्ड के नौनिहालों के साथ सरकारे लगातार धोखा करती आ रही हैं।

हर बार विज्ञप्तियां निकाल कर उन्हें स्थगित कर लिया जाता है। फिर साल दो साल और कभी-कभी तो कार्यकाल पूरा होने के बाद भी परीक्षाएं आयोजित नही की जाती हैं। हाल ही में आयोजित होने वाली फारेस्ट गार्ड और उद्यान विभाग की भर्ती परीक्षा फार्म भरवाने के बाद स्थगित की जा चुकी हैं। कई परीक्षाओ को आयोजित करवाने के नाम पर घोटाले बाहर आते हैं। पटवारी भर्ती घोटाला भी इसका बड़ा उदाहरण है। ये सब किसके लिऐ और क्यूं होता है किसी से छिपा नही है।

सरकार के कई मंत्री अपने चहेते को एडजस्ट करने के नाम पर भर्तियांे को कभी रद्द करवा देते हैं तो कभी संविदा के नाम पर उपनल या इस जैसे बैकलॉग रास्ते खोल कर करोड़ों अरबो रूपयों का वारा न्यारा कर लेते है। फिर परीक्षा पास कर नौकरी के सपने देखने वाला युवा खुद को ठगा महसूस करता है, जिसकी मनस्थिति समझने की फुरसत किसी नेता और सरकार को नहीं है। इसलिए रोजगार की आस संजोये बेरोजगारो को अब आन्दोलन करने को बाध्य होना पड़ रहा है। कहा कि युवा पहाड़ में नौकरी करना चाहते हैं, लेकिन सरकार बार-बार विज्ञप्तियों पर रोक लगा देती है।

बैकलॉग से होने वाली भर्तियांे में बाहरी व्यक्तियों को भरा जाता है। यह पहाड़ के युवाओ के साथ अन्याय है। उन्हांेने स्थगित की परीक्षाओं को दुबारा करवाने और रिक्तियों पर शीघ्र भर्ती आयोजित करने की मांग की। रैली में लक्ष्मण रावत, कुलदीप रावत, नीलम, प्रियंका, विनय, गिरीश समेत बड़ी संख्या में बेरोजगार मौजूद थे।