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भारी बारिश ने किया परेशान, हजारों अमरनाथ और कैलास यात्री फंसे

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पिथौरागढ़। भारी बारिश के चलते अमरनाथ और कैलास मानसरोवर यात्रा कर रहे हजारों यात्री जगह-जगह फंस गए हैं। शनिवार को जहां एक ओर पहलगाम और बालटाल दोनों ही मार्गों पर खराब मौसम के चलते अमरनाथ यात्रा रोकनी पड़ी वहीं, पवित्र कैलास मानसरोवर के 5वें यात्री दल के 31 यात्रियों को गुंजी नहीं ले जाया जा सका है।

इन यात्रियों को लेकर यहां से गुंजी रवाना हुआ हेलीकाप्टर छियालेख से ही पिथौरागढ़ वापस लौट गया। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के एक प्रवक्ता ने कहा कि बालटाल और पहलगाम दोनों ही मार्गों पर यात्रा रोकनी पड़ी क्योंकि वर्षा के चलते रास्ते में फिसलन हो गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी तीर्थयात्री को पैदल गुफा मंदिर की ओर बढऩे नहीं दिया जा रहा है, कुछ यात्री तीर्थयात्रा के लिए हेलीकाप्टर सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

गत 27 जून से ही रूक-रूककर हो रही मानसूनी वर्षा के चलते दक्षिण और मध्य कश्मीर के साथ ही राज्य के कई अन्य हिस्सों में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके चलते अमरनाथ यात्रा के दो आधार शिविरों गंदेरबल जिला स्थित बालटाल और अनंतनाग जिले के पहलगाम में हजारों तीर्थयात्री फंसे हुए हैं।

वर्षा से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को कई स्थानों पर भूस्खलन हुए हैं और पत्थर गिरे हैं। यद्यपि प्राधिकारियों द्वारा समय पर कार्रवाई से यह सुनिश्चित हुआ कि घाटी को देश के अन्य हिस्से से जोडऩे वाली 260 किलोमीटर लंबी यह सडक़ खुली रहे। अधिकारियों ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्से से पांच हजार से अधिक तीर्थयात्री यात्रा में हिस्सा लेने के लिए जम्मू पहुंच गए हैं।

लगातार वर्षा के बावजूद दक्षिण कश्मीर में 3880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा के लिए यात्रा 28 जून को तय समय से कई घंटे के विलंब से शुरू हुई। यद्यपि लगातार वर्ष के चलते यात्रा में बार-बार व्यवधान आया। 60 दिवसीय यात्रा का समापन 26 अगस्त को होगा जिस दिन रक्षा बंधन का त्योहार भी है।

कैलास यात्रियों का पांचवां दल फंसा –
शनिवार को कैलास मानसरोवर यात्रा के 59 सदस्यीय पांचवें दल के सदस्य केएमवीएन के टीआरएच से नैनीसैनी हवाई पट्टी पहुंचे। नैनीसैनी से दो हेलीकाप्टर 28 सदस्यों को लेकर गुंजी रवाना हुआ। दूसरी शिफ्ट में हेलीकाप्टर से 31 यात्री गुंजी के लिए रवाना हुए। लेकिन उन्हें छियालेख के समीप अत्यधिक मौसम खराब हो जाने के कारण वापस लौटना पड़ा। यात्रा के नोडल अधिकारी दिनेश गुरुरानी ने बताया कि सभी यात्री स्थानीय टीआरएच में हैं। वे अब मौसम के सही होने के बाद रविवार को हेलीकाप्टर से गुंजी जाएंगे।

आदि कैलास यात्रियों को भी परेशानी-
भारी बारिश के कारण कैलास मानसरोवर मार्ग व्यालेधार के पास 40 घंटे से बंद है। शुक्रवार को बंद हुआ यह मार्ग शनिवार देर शाम तक नहीं खुल सका। इस मार्ग का प्रयोग आदि कैलास जाने वाले यात्रियों द्वारा किया जाता है। मार्ग पर कई जगह मलबा आने और क्षतिग्रस्त होने से आदि कैलास यात्रियों समेत अन्य लोगों की भारी परेशानी हो रही है।

मानसरोवर पैदल मार्ग व्यालेधार के पास तीस मीटर से अधिक क्षतिग्रस्त हो गया है। शुक्रवार को मार्ग बंद होने के कारण 6वें आदि कैलास के यात्री दल को वापस पांग्ला लाया गया था। शनिवार को भी मार्ग बंद रहने के कारण इस दस सदस्यीय दल ने जोखिम उठाते हुए आगे की यात्रा की। देर शाम आदि कैलास यात्रियों का दल बूंदी पहुंच गया।