udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news भारी बरसात ने रैंतोली के ग्रामीणों को किया खौफजदा

भारी बरसात ने रैंतोली के ग्रामीणों को किया खौफजदा

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रैंतोली-जसोली मोटरमार्ग के पुश्ते टूटने से खतरे की जद में 15 परिवार ,ग्रामीण जनता रात के समय घर छोड़ने को मजबूर,निर्माण के दौरान ही ग्रामीण जनता उठाती रही सवाल ,जिलाधिकारी ने बिठाई जांच कमेटी

रुद्रप्रयाग। विभागीय लापरवाही और ठेकेदार की कारस्तानी का खामियाजा आज ग्रामीण जनता को भुगतना पड़ रहा है। सड़क कटिंग और डामरीकरण से ठेकेदार ने तो लाखों रूपये कमा लिये, मगर गांव की जनता के लिए मुसीबत खड़ी कर दी। स्थिति यह आ गई है कि ग्रामीण जनता अब रात को सो नहीं पा रही है और हल्की बारिश होने पर भागने को विवश हो गई है।

 

जिले के धनपुर पट्टी को जोड़ने वाली रैंतोली-जसोली मोटरमार्ग के निर्माण से रैंतोली के 15 परिवार खौफजदा है। मोटरमार्ग के निर्माण में ठेकेदार द्वारा अपने फायदे के लिए घटिया पुश्तों का निर्माण किया गया, जिसका खामियाजा आज भोली भाली जनता भुगत रही है। ठीक रैंतोली गांव के ऊपर मोटरमार्ग गुजर रहा है और मार्ग के मोड़ों पर लगाये गये कच्चे पुश्ते बरसात में जवाब देने लगे हैं। कुछ माह पूर्व ही एडीबी विभाग ने आरजीबी बिल्डर्स कंपनी को मोटरमार्ग का कार्य सौंपा था।

 

कार्य के तहत कंपनी की ओर से मार्ग के पांच किमी पर डामरीकरण और चैड़ीकरण का कार्य किया जाना था। कंपनी की ओर से डामरीकरण और पुश्तों के निर्माण के साथ ही चैड़ीकरण का कार्य किया गया, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने निर्माण के दौरान ना ही डामरीकरण की गुणवत्ता देखी और ना ही घटिया सामग्री से लगाये गये पुश्तों की जांच की, जिस कारण आज रैंतोली के ग्रामीण परेशान है। मोटरमार्ग पर लगाये गये पुश्ते ढहने लगे हैं, जो सीधे गांव में आ रहे हैं। रात को हो रही बारिश के कारण पुश्तों का मलबा और बोल्डर गांव में आकर आफत खड़ी कर रहे हैं और ग्रामीण जनता भागने को मजबूर हो गई है।

 

ग्रामीण मंगला देवी, दीपक रावत, आशुतोष सिंह, दर्शन सिंह रावत ने कहा कि कईं बार मोटरमार्ग पर घटिया कार्य को लेकर शिकायत की गई। इतना ही नहीं कुछ दिन पूर्व मोटरमार्ग से दोपहर के समय भारी भरकम बोल्डर आकर एक महिला के सामने से गुजरा, जिससे उसकी जान बच गई। लेकिन अब ग्रामीणों को ज्यादा चिंता सताने लगी है। हर दिन बारिश आने से ग्रामीण रात को सो भी नहीं पा रहे हैं और रातभर जागकर बारिश बंद होने का इंतजार कर रहे हैं।

 

विभागीय लापरवाही और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पहले से ही सवालों के घेरे पर रही है। ग्रामीण जनता बार-बार शिकायत करती रही, मगर किसी ने नहीं सुनी। अब ग्रामीणों के सामने ऐसी स्थिति पैदा हो गई है कि वे अपने आशियना छोड़ने को मजबूर हो गये हैं। अगर प्रशासन की ओर से पहले ही इस ओर ध्यान दिया जाता तो ग्रामीण जनता को ऐसी स्थिति से नहीं गुजरना पड़ता, मगर यह भी रिकार्ड बनकर रह गया है कि जब तक कोई बड़ी घटना नहीं हो जाती, तब तक प्रशासन जागने का नाम नहीं लेता है।

 

वहीं जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि पूर्व में भी मोटरमार्ग की शिकायत आई थी और विभाग को कमियां दूर करने के निर्देश दिये गये थे, मगर अभी तक विभाग ने रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई है। उन्होंने मामले को गंभीर मानते हुए जांच कमेटी बिठाने के साथ ही पुश्ता निर्माण की बात कही।