udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news भीषण आपदा: 420 मौतें, 540 घायल, सैकड़ों मलबे में फंसे !

भीषण आपदा: 420 मौतें, 540 घायल, सैकड़ों मलबे में फंसे !

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जकार्ता: भीषण आपदा: 420 मौतें, 540 घायल, सैकड़ों मलबे में फंसे ! शायद यह दुनिया की सबसे बड़ी आपदा होगी इस साल की। यहां से प्राप्त तस्वीरों को देखे तो सभी यहीं कहेंगे और यहां से सोशल साइटों पर जारी वीडियो भी यही कह रहे हैं। चलिए आपको बताते है कि आखिर यह जलजला कहां आया और क्यों और कैसी है वर्तमान में यहां की तस्वीर-

इंडोनेशिया में भूकंप और उसके बाद आई सुनामी में मरने वालों की तादाद करीब 420 तक पहुंच गई। सबसे ज्यादा नुकसान सुलावेसी द्वीप के पालू शहर में हुआ। यहां करीब 10 से 17 फीट तक ऊंची समुद्री लहरों में लोग बह गए। हजारों की संख्या में बिल्डिंग गिर गई हैं। इनके मलबे में सैंकड़ों लोग फंसे हैं। शुक्रवार को रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.5 मापी गयी थी। भूकंप का केंद्र दोंगला से 56 किमी दूरी पर जमीन से 10 किमी नीचे था। दोंगला में भी सुनामी का खासा असर रहा।

शहर के बीच वाले इलाकों में जगह-जगह लाशें देखी गईं। पालू के बीच पर शुक्रवार शाम को फेस्टिवल चल रहा था। इससे ज्यादा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। राष्ट्रपति जोको विदोदो ने बताया, “मदद के लिए सेना को बुलाया गया है।” आपदा एजेंसी के मुताबिक, करीब 540 से ज्यादा लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। दोंगला शहर भी करीब-करीब तबाह हो गया है। यहां की आबादी 2.25 लाख है।

इंडोनेशिया की डिजास्टर एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो ने बताया कि ऊंची लहरों की वजह से कई घरों को नुकसान पहुंचा और कई परिवार अभी भी लापता हैं। सुतोपो ने कहा कि सुलावेसी में कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। अंधेरे की वजह से राहत और बचाव कार्य में मुश्किलें आईं। पालू एयरपोर्ट बंद हो जाने से इंडोनेशियाई सेना को मदद पहुंचाने में दिक्कत हो रही है।

 

पालू भूकंप के केंद्र से करीब 80 किलोमीटर दूर है। इंडोनेशियाई मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें समुद्री लहरों को तेजी से पालू में घुसते देखा जा सकता है। शुक्रवार सुबह भी इंडोनेशिया के कुछ इलाकों में 6.1 तीव्रता के भूकंप झटके महसूस किए गए थे। इसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी और 10 लोग घायल हुए थे। कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा था।

इसी साल जुलाई में इंडोनेशिया में एक हफ्ते के अंतराल में दो भूकंप के झटके आए थे। लोम्बोक में 7 और बाली में 6.4 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था। इनमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी। इंडोनेशिया दुनिया में सबसे ज्यादा प्राकृतिक आपदाओं वाला देश है। यह ‘रिंग ऑफ फायर’ पर मौजूद है। यहां धरती के अंदर मौजूद टेक्टॉनिक प्लेट्स आपस में टकराने से भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट की घटनाएं ज्यादा होती हैं।

2004 में इंडोनेशिया के सुमात्रा में 9.3 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके बाद हिंद महासागर के तटीय इलाकों वाले देश सुनामी की चपेट में आ गए थे। तब भारत समेत 14 देश सुनामी से प्रभावित हुए थे। दुनियाभर में 2.20 लाख लोगों की जान गई। इनमें 1.68 लाख लोग इंडोनेशिया के थे।