udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news ....और आजकल गंगा मां भी अमीर हो गयी,अब 500-1000 के नोट बह रहे हैं

….और आजकल गंगा मां भी अमीर हो गयी,अब 500-1000 के नोट बह रहे हैं

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ganga
आजकल गंगा में फूल प्रसाद के साथ 500 500 के नोट भी बह रहे है ऐसा लग रहा है कि मां गंगा अमीर हो यी है और आम लोग गरीब मानो की मां गंगा ने अपने भक्तों को श्रा्रप दे दिया है
काला धन रखने वालों पर प्रधानमंत्री ने चुटकी ली लेकिन यह सत्य है आजकल गंगा मां भी अमीर हो गयी है काला धन ठिकाने लगाने वाले अपने काले धन को नदी में वहा रहे है या आग लगा रहे ळै गंगा में काले धन के प्रवाह से तो ऐसा लग रहा है कि मां गंगा अमीर हो गयी

काले धन पर अंकुश लगाने के मकसद से 500 और 1000 रुपये के नोट बैन करने के फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार इस मुद्दे पर लोगों के सामने अपनी बात रखी. नोटबंदी के इस फैसले के बाद नकदी की किल्लत होने की वजह से लोगों में बढ़ते गुस्से के बीच पीएम मोदी ने साफ किया कि सरकार ने यह फैसला काले धन की सफाई के लिए लिया गया, किसी को तकलीफ देने के लिए नहीं.
जापान यात्रा पर गए पीएम मोदी ने वहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते 500 और एक हजार रुपये ने नोट को प्रचलन से हटाने के बाद की परेशानियों का जिक्र किया और 125 करोड़ भारतीयों के जज्बे को सलाम किया. उन्होंने कहा, तमाम दिक्कतों को बावजूद इस पहल को सफल बनाने के लिए देशवासियों का धन्यवाद देता हूं.

पीएम मोदी ने सरकार के इस कदम को देश का सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान करार देते हुए कहा, हम आजादी के बाद से अब तक के सारे रिकॉर्ड जांचेंगे, अगर मुझे बिना हिसाब-किताब की कोई नकदी मिलती है, तो किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा. उन्होंने साथ ही बताया कि ये रातोंरात लिया गया फैसला नहीं है, पहले हम एक योजना लाए. ऐसा नहीं है कि किसी को मौका नहीं दिया गया.
वहीं कई जगह में गंगा नदी में काला धन बहाने की खबरों को पर भी पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा, पहले गंगा में कोई एक रुपया भी नहीं डालता था, अब 500 और 1000 के नोट भी बह रहे हैं. बेईमानों को लगने लगा है कि बैंक में जाने से अच्छा गंगाजी में जाना है, पैसे मिले ना मिले पुण्य तो मिल जाएगा.

इसके साथ ही उन्होंने इस नोटबंदी से परेशान लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि 30 दिसंबर तक किसी को कोई तकलीफ नहीं होगी, जो आपका है आपको मिलेगा. ईमानदार लोगों के लिए सरकार सब कुछ करेगी, बेईमानी का हिसाब चुकता होता रहेगा.

500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने के फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन के खिलाफ और ज्यादा कदम उठाए जाने के संकेत दिए हैं। मोदी ने शनिवार को कहा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि 30 दिसंबर के बाद और कदम नहीं उठाए जाएंगे। बता दें कि सरकार ने लोगों को पुराने नोट जमा कराने के लिए 30 दिसंबर तक का वक्त दिया है।
जापान यात्रा पर पहुंचे मोदी ने कहा कि जिन लोगों के पास बेहिसाब धन है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि 30 दिसंबर के बाद और कदम नहीं उठाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने ईमानदार लोगों को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। मोदी ने कहा, मैं एक बार फिर यह घोषणा करना चाहूंगा कि इस योजना के बंद होने के बाद इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि कालाधन रखने वालों को ठिकाने लगाने के लिए (दंड देने के लिए) कोई नया कदम नहीं उठाया जाएगा।

मोदी जापान के शहर कोबे में आयोजित एक स्वागत समारोह में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे। मोदी ने कहा, मैं यह साफ करना चाहता हूं यदि बिना हिसाब वाली किसी चीज का पता चलता है तो मैं आजादी के बाद के सारे रिकॉर्ड की जांच करवाऊंगा। इसकी जांच के लिए जितने लोगों को लगाने की जरूरत होगी, लगाऊंगा। ईमानदार लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। जो मुझे जानते हैं, वे समझदार भी हैं। उन्होंने इसे बैंकों के बजाय गंगा में डालना बेहतर समझा।
मोदी ने इस मौके पर इस बात को रेखांकित किया कि दुनिया यह स्वीकार रही है कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और देश को ऐतिहासिक रूप से काफी ऊंचा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मिल रहा है।

मोदी ने कहा, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष, विश्व बैंक सभी एक आवाज में बोल रहे हैं। आईएमएफ ने कहा है कि भारत उम्मीद की किरण है। विश्व अर्थशास्त्री मानते हैं कि भारत सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मेरी एफडीआई की अपनी परिभाषा है। पहली परिभाषा है कि पहले भारत का विकास करो, दूसरी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है। मोदी ने बताया कि पिछले दो साल में सरकार की विभिन्न पहल से 1.25 लाख करोड़ रुपये का कालाधन बाहर आया है।

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