udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news चमत्कार: हत्या के 5 दिन बाद मिला युवक जिंदा !

चमत्कार: हत्या के 5 दिन बाद मिला युवक जिंदा !

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उदय दिनमान डेस्कः चमत्कार: हत्या के 5 दिन बाद मिला युवक जिंदा !युवक का सिर पत्थर से कुचलकर गहरी खाई में फेंका दया गया वह भी इन सर्द भरी रातों में और उसके बाद भी वह युवक जिंदा मिला। यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। फिलहाल डाक्टर तो इसे चमत्कार ही मान रहे हैं।

हमारे शास्त्रों और पुराणों में लिखा हुआ है कि इस धरती पर जिसका जितना समय लिखा हुआ है वह उस समय तक यहां रहेगा ही। इसका जीता जागता यह उदाहरण सामने आया है। मध्य प्रदेश सागर के शाहगढ़ के रहनेवाले 20 वर्षीय मृदुल उर्फ मनु भल्ला का इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल में ईलाज जारी है जहां उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। पांच दिनों पहले एक युवक को अगवा करने के बाद उसका सिर पत्थरों से कुचल दिया गया था। जिसके बाद उसे इंदौर के नजदीक 500 फीट गहरी खाई में फेंक दिया गया था। वह युवक शुक्रवार को जिंदा पाया गया। उसकी सांसें चल रही थी।

सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के अनुसार, पुलिस के मुताबिक मृदुल इंदौर में बीसीए की पढ़ाई कर रहा है और अपने दोस्त सौरभ सेन के साथ परदेशीपुरा की कलर्क कॉलोनी में किराये के मकान में रहता है। मृदुल सात जनवरी से लापता था। सोमवार को जब सौरभ और उसके दोस्तों ने सोमवार को परदेशीपुरा पुलिस के पास जाकर मृदुल के लापता होने की शिकायत की तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन जब एक दिन बाद मंगलवार को मृदुल के पिता मोहित भल्ला सागर से पहुंचे तब जाकर पुलिस के मामले में गंभीरता दिखाई।

पुलिस की माने तो सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर और कुछ चश्मदीदों की मदद से पुलिस ने आकाश रत्नाकर और उसके दो साथियों रोहित उर्फ पीयूष और विजय को गिरफ्तार किया। तीनों आरोपियों की उम्र करीब 20 साल है।पुलिस की पूछताछ में आकाश ने बताया कि वह एक लड़की से प्यार करता जो मृदुल के घर के पास रहती थी। आकाश को शक था कि मृदुल की वजह से वह उस लड़की से दूर हो रहा है। मृदुल और वह लड़की देर रात तक चैटिंग करते थे।

इसलिए आकाश ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर मृदुल की हत्या की साजिश रची। रविवार सुबह आकाश अपने भाई की कार लेकर आया और मृदुल को बुलाकर उसने कहा कि लड़की के चाचा उससे मिलकर बात करना चाहते हैं।वे मृदुल को अपनी कार में बैठाकर इंदौर के करीब 35 किलोमीटर दूर पेडमी-उदयनगर रोड पर मुआरा घाट के जंगलों में ले गए। तीनों युवकों ने मृदुल के हाथ बांध दिए और फिर पत्थर से उसका सिर कुचल दिया।

इसके बाद उन्होंने उसे मरा हुआ समझकर रस्सी से बांधकर गहरी खाई में फेंक दिया।एएसपी प्रशांत चौबे ने बताय कि अपरहरणकर्ताओं के मुताबिक उन्होंने ‘मृदुल की हत्या कर दी थी।’ तीनों आरोपी युवक नौकरी करते थे। आकाश एक डॉक्टर की गाड़ी चलाता है, रोहित लोहे का काम करता है और विजय इलेक्ट्रीशियन है।मृदुल का ईलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक जब वह मिला था तब उसकी नब्ज 46 तक पहुंच गई थी और उसकी शरीर में गर्मी खत्म हो गई थी। उसके शरीर में ग्लूकोज की मात्रा लगभग खत्म हो चुकी थी।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक मृदुल का ईलाज कर रहे डॉ रवि बघेल का कहना है कि ‘यह एक चमत्कार है कि वह जिंदा है।’मृदुल के पिता मोहित भल्ला का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे को मरा हुआ मान लिया था और अपने सगे-संबंधियों को भी कह दिया था, जिसके बाद कई लोग इंदौर पहुंच गए थे। स्थानीय मीडिया को मोहित भल्ला ने कहा, ‘मैं भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं कि वह जिंदा है।’ऐसा यह पहला मामला नहीं है इससे पूर्व भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।