udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news पर्दे-घूँघट में मर्द, महिलाएं ऐश में ! वह भी मुस्लिम !

पर्दे-घूँघट में मर्द, महिलाएं ऐश में ! वह भी मुस्लिम !

Spread the love

अफ्रीका के नाइजर की महिलाओं को है फुल आजादी, करती हैं  ऐय्याशी

मुस्लिम शब्द सुनकर ही हमारी आंखों के सामने बुर्का पहनी महिलाए और दाडी और सफेद कपडो में मुसलमान नजर आते है। दुनिया में यह सब जगह नहीं होता है। भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान सहित मुस्लिम देशों में यह सब आम देखा और पढा जाता रहा है। हम आपके इससे उलट एक तस्वीर दिखाते है, जहां मुस्लिम महिलाए खुलेआम अयासी करती नजर आती हैं और मई पर्दे में रहते है। लग रहा है ना अजीब, लेकिन यह सत्य है और आप भी इसके बारे में जानकर हैरान होंगें यहां मै बात कर रहा हू अफ्रीका के नाइजर की। यहा की एक मुस्लिम जनजाती में यह सब खुलेआम है। यहां मर्द पर्दे में रहते हों और महिलाओं को हर तरह की आजादी है।

जानकर आप भी सोचने पर मजबूर हो जायेंगे

उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में हजारों सभ्यताएं निवास करती हैं सभी के अपने अलग अलग रीति रिवाज एवं संस्कृति हैं। दुनिया में ऐसी भी सभ्यताएं मौजूद हैं जिनके नियम कानून आम दुनिया में स्थित जनमानस के एकदम उलट हैं। बल्कि कह सकते हैं बेहद अजीबोगरीब भी। क्या आपने कभी ऐसे समाज के बारे में भी सुना है जहां मर्द पर्दे में रहते हों और महिलाओं को हर तरह की आजादी हो ?हम आज आपको एक ऐसी ही सभ्यता की बारे में बताने जा रहे हैं जिसके नियम कानूनों के बारे में जानकर आप भी सोचने पर मजबूर हो जायेंगे।

नियम आम इस्लामिक धारणाओं के एकदम उलट

यह जनजाति अफ्रीका के नाइजर के पास निवास करती है। इसे  तुआरेग जनजाति के नाम से जाना जाता है।कहने को तो यह एक मुस्लिम जनजाति मानी जाती है लेकिन इसके नियम आम इस्लामिक धारणाओं के एकदम उलट हैं। जहाँ इस्लाम में महिलाओं का शर्म-लिहाज और पर्दा ही उनका गहना माना जाता है। वहीं यहां पर महिलाओं को शादी से पहले कई मर्दों से संबंध बनाने की इजाजत होती है।तुआरेग महिलाओं को यह भी आजादी है कि, वो अपने मन से ही शादी करती हैं। उनकी आजादी में ये भी शामिल है कि वो शादीशुदा जिंदगी के बावजूद भी किसी और पुरुष से संबंध रख सकती हैं।
तलाक मिलने पर पत्नी के घरवालों का जश्न  आम

आपको जानकर हैरानी होगी कि, ये यहां का नियम है कि यहाँ पुरुषों को महिलाओं का काफी सम्मान करना होता है। जवान होते लड़कों को अपना चेहरा समाज से छिपाकर रखना होता है। यहां महिलाओं की शादियां और तलाक काफी आम है। तुआरेग महिलाएं जब भी चाहें तो पति को सदा के लिए छोड़ सकती हैं। यहां तलाक मिलने पर पत्नी के घरवालों का जश्न मनाना भी आम है। यही नहीं बल्कि तलाकशुदा पुरुषों को यहां महिलाएं कम ही भाव देती हैं।

तुआरेग जनजाति में स्त्रियाँ लड़कों को छेडती हैं

तुआरेग जनजाति में तलाक होने पर भी महिलाओं का ही फायदा देखा जाता है जिनको जो मांगना होता है वो मांगती हैं। यहां पर मर्दों को अपनी मर्जी से कुछ भी करने की आजादी नहीं है। यहां हर छोटे-बड़े फैसलों को लेने के लिए मर्दों को स्त्रियों की इजाजत लेनी होती है।हम अक्सर सुनते हैं कि लड़कियों के साथ आए दिन छेडछाड होती रहती है लेकिन यहाँ मामला अलग है। तुआरेग जनजाति में स्त्रियाँ लड़कों को छेडती हैं और जो पसंद आता है उससे जबरन संबंध भी बनाती हैं।

औरतें बेखौफ घूमती हैं और लड़के पर्दे में

तुआरेग औरतें इलाके में बेखौफ घूमती हैं और लड़के पर्दे में रहते हैं।  यहां की लडकियां शादी से पहले या शादी के बाद किसी भी पुरुष से अपनी मर्जी से संबंध बना सकती हैं l इस जनजाति की महिलाएं घूंघट भी नही पहनती जबकि पुरुषो को घूंघट के जैसा कपडा पहनते हैं lजिसमे आंख और नाक को छोड़ के बाकि का चेहरा ढका होता है। लड़के के थोडा सा बड़ा होने पर उसे इस तरह के कपड़े पहनने पडते हैं।इस जाति में यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।