udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news देहरादून में स्वाइन फ्लू ने दी दशतक,वायरस की पुष्टी

देहरादून में स्वाइन फ्लू ने दी दशतक,वायरस की पुष्टी

Spread the love

देहरादून। सर्दियों के जाते जाते जिले में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी । जाखन निवासी एक महिला के ब्लड सैंपल में स्वाइन फ्लू वायरस की पुष्टी हुई है। वैसे स्वास्थ्य विभाग ने प्रारंभिक लक्षण सामने आनेके बाद आठ संदिग्ध मरीजों का ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। जिसमें से सात जांच में नैगेटिव आए हैं। स्वाइन फ्लू की पुष्टी होते ही सीएमओ कार्यालय ने जिले भर में एलर्ट जारी कर दिया है।

 
अमूमन स्वाइन फ्लू की दस्तक नवंबर में सर्दियों की शुरुआत के साथ होती है। लेकिन इस बार फरवरी मध्य तक स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज सामने नहीं आया। लेकिन अब कई लोगों में स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण मिलने से स्वास्थ्य विभाग में बैचेनी नजर आ रही है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक 16 फरवरी को दून की जाखन निवासी एक महिला को मसूरी रोड स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

 

मरीज की ब्लड रिपोर्ट आई तो उसमें स्वाइन फ्लू की पुष्टी हुई। अस्पताल ने इसकी इत्तिला सीएमओ कार्यालय को दी है। जहां से सैंपल को उच्च जांच के लिए एनसीडीसी को भेजा गया, यहां भी महिला के ब्लड में स्वाइन फ्लू वायरस होने की पुष्टि हुई। इसके साथ ही विभिन्न अस्पतालों से ऐसे ही सात अन्य मामले जांच के एनसीडीसी को भेजी गई। हालांकि इनकी रिपोर्ट नैगेटिव आई है। इन सात मामलों में पांच देहरादून के थे, जबकि एक मामला हरिद्वार और एक ऋषिकेश सीएमओ डा. वाईएस थपलियाल ने इसकी पुष्टी की है।

 
स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू के लक्षण भी सामान्य एन्फ्लूएंजा जैसे ही होते हैं।
नाक का लगातार बहना, छींक आना।
कफ, कोल्ड और लगातार खांसी।
मांसपेशियां में दर्द या अकड़।
सिर में भयानक दर्द।
नींद न आना, ज्यादा थकान।
दवा खाने पर भी बुखार का लगातार बढऩा।
गले में खराश का लगातार बढ़ते जाना।

 
फ्लू और सामान्य सर्दी में भेद कैसे करें?
जब सामान्य सर्दी लगती है तो वह जल्द ही ठीक भी हो जाती है लेकिन फ्लू होने पर वह जल्दी ठीक नहीं होता और उसका प्रभाव अधिक घातक होता है। शरीर में कमजोरी आ जाती है, भूख नहीं लगती और बुखार आता जाता रहता है। सरदर्द होता है और गले में जलन भी।

 
स्वइन फ्लू से कैसे बचें
भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक जगहों पर जाने से बचें।
बिना मास्क पहने अस्पताल में न जाएं।
अनजान लोगों से हाथ मिलाने और गले मिलने से बचें।
खुली जगहों पर ना थूकें़
उन स्थानों का सफर ना करें, जहां स्वाइन फ्लू के मामले पाए गए हैं।
खांसते समय मुंह को ढंकना न भूलें।
खांसने, छींकने या नाक साफ करने के बाद आंख, नाक और मुंह पर हाथ कतई न लगाए। शारीर के ये हिस्से सबसे जल्दी फ्लू की चपेट में आते हैं।
ठंडा खाना, ठंडा पानी और भारी खाना खाने से बचें।