धीरे धीरे खुल रही खाद्यान्न घोटाले की जांच: सीएम

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देहरादून । खाद्यान्न घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने दोहराया कि कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। अभी सिर्फ शुरुआती जांच हुई है। विस्तृत जांच में गहराई तक जाया जाएगा।

 

घपले के सभी भागीदारों तक सरकार पहुंचेंगी। सीएम आवास में हुए एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्यान्न घोटाले की परतें धीरे धीरे खुल रही हैं। प्रारंभिक जांच में ही आरएफसी की भूमिका सामने आने पर उनकी सेवाएं समाप्त की गईं। जबकि ये अभी शुरुआती जांच है। इस पूरे मामले में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं।

 

जो विस्तृत जांच में सामने आएंगी। सरकार इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कर पूरे मामले की गहराई में जाएगी। पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जाएगा, ताकि भविष्य में कोई भी आम जनता के राशन को खुर्द बुर्द करने की हिम्मत न जुटा पाए। कार्रवाई इतनी कड़ी होगी कि जो भविष्य के लिए एक सख्त संदेश बनेगी।

 

पहले ही दिन से ये साफ कर दिया गया है कि सरकार में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। इसको लेकर सरकार अपनी जीरो टालरेंस की नीति पर पूरी तरह अडिग है। किसी भी महकमे में भ्रष्टाचार को बख्शा नहीं जाएगा। खाद्यान्न घोटाले को लेकर एसआईटी की रिपोर्ट को खाद्य विभाग भी खंगाल रहा है। एसआईटी के तथ्यों की पड़ताल हो रही है। पूर्व के रिकॉर्ड की भी पड़ताल हो रही है। स्वयं प्रमुख सचिव खाद्य आंनद बर्द्धन पूरे मामले की कमान संभाल रहे हैं।

 

व्यापारियों को राहत देने को केंद्र की ओर से नीतियों में बदलाव का मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वागत किया। कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी पहले ही साफ कर चुके हैं कि आम व्यापारियों को कोई दिक्कत पेश नहीं आने दी जाएगी। नये बदलावों ने व्यापारियों के लिए दिवाली से पहले ही दिवाली ला दी है।

 

रोडवेज बसों की दरों में बढ़ावे पर सीएम ने कहा कि ये एक सामान्य प्रक्रिया है। परिवहन निगम के लिए सरकार ने सातवें वेतनमान की घोषणा कर दी है। निगम पर कर्मचारियों को नये बढ़े हुए वेतन देने का दबाव है।