udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news  दिन के 12 बजे ही हो गई रात ! बारिश से दो मंजिला मकान ध्वस्त !

 दिन के 12 बजे ही हो गई रात ! बारिश से दो मंजिला मकान ध्वस्त !

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हल्द्वानी। शहर में दुपहर 12 बजे मौसम ने अचानक करवट बदल ली। जिसके चलते आसमान में अंधेरा छाने के साथ ही तेज बारिश शुरू हो गई। दिन के 12 बजे अंधेरा छा जाने के कारण दिन में रात का नजारा नजर आने लगा। जिसके चलते वाहनों को लाइट जलाकर चलना पड़ा।

दुपहर 12 बजे तेज बारिश के साथ अंधेरा छा गया। तेज बारिश के चलते जहां शहर के तापमान में अचानक गिरावट आ गई। तापमान में गिरावट आने के साथ ही आसमान में अंधेरा छा जाने के कारण रात का एहसास होने लगा। लगातार एक घंटे से क्षेत्र में बारिश जारी है।

बारिश के चलते शहर के कई क्षेत्रों जल भराव हो गया है। वहीं खेट में कटी फसल पानी में डूब गई है। जिससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। वहीं आम की बोर गिर जाने से बागवानों को भी काफी नुकसान का अनुमान है। बेमौसम बारिश ने किसानों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है।

भिकियासैंण तहसील के तोक भटडुवा में अतिवृष्टि और भारी बारिश के चलते एक दो मंजिला मकान भरभरा कर गिर पड़ा। गनीमत रही कि घटना के दौरान कोई हताहत नहीं हुआ।

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही तेज बारिश से वहां के लोगों में एक भय का माहौल बना हुआ है। डढोली ग्रामसभा के तो भटडुवा में भारी बारिश से ललित कुमार पुत्र गंगा राम का दोमंजिला मकान की छत भरभरा कर गिर गई। हादसे के वक्त परिवार के सभी सदस्य भूतल में बने रसोईघर में भोजन बनाने की तैयारी करने जा रहे थे।

परिजनों के अनुसार तेज आवाज के साथ मकान की छत टूटने के बाद सभी लोग बाहर की ओर भागे। इससे किसी प्रकार की कोई जनहानि नही हुई। अलबत्ता राशन व अन्य सामान मलबे में दब गया। प्रभावित गृहस्वामी ने गांव में ही रहने वाले अपने बड़े भाई के मकान में शरण ली है।

उपजिलाधिकारी गौरव चटवाल का कहना है कि डढोली में मकान के क्षतिग्रस्त होने की कोई लिखित सूचना अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। सूचना मिलने पर क्षेत्र के पटवारी को मौके पर भेजा जाएगा। जिससे, मौका मुआयना कर वास्तविक क्षति का आंकलन किया जा सके।

भारी ओलावृष्टि से फसल चौपट
बागेश्वर के शामा,फरसाली क्षेत्र में हुई भारी ओलावृष्टि से फसल पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। फसल को भारी नुकसान होने से काश्तकारों में मायूसी छाई हुई है।बुधवार को सुबह शामा व फरसाली गांव में जमकर ओले गिरे। जिसे गेहूं ,जौ,सरसों,मसूर की फसल के साथ ही फलदार पेड़ों व सब्जियों को काफी नुकसान हुआ। बेमौसम ओले पडऩे से क्षेत्र के किसानों और काश्तकारों को भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने कृषि विभाग के अधिकारियों से काश्तकारों को नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।

झमाझम बारिश, ठंड से ठिठुरे लोग
चम्पावत जिले के पर्वतीय क्षेत्र में मंगलवार रात और बुधवार को हुई झमाझम बारिश से ठंड बढ़ गई है। ठंड बढऩे से लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। बारिश के चलते सुबह से ही बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। जगह-जगह जलभराव की समस्या से लोगों को जूझना पड़ा। जहां एक और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए यह बारिश आलू और गेहूं की फसल के लिए लाभदायक मानी जा रही है। वहीं मैदानी इलाकों में इससे फसलों को भारी नुकसान भी हुआ है।

मंगलवार रात बारिश के बाद बुधवार को सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ था, दोपहर 11.40 बजे के बाद से गरज के साथ बौछार शुरू हो गई। मंगलवार को चम्पावत में पांच एमएम और बुधवार को चम्पावत में चार एमएम जबकि पाटी में चार एमएम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान भिंगराड़ा, खेतीखान, सुई और अमोड़ी-स्वांला में ओलावृष्टि हुई। जिला उद्यान विभाग ने बारिश के प्राइमरी स्टेज में होने के चलते इसे खरीफ फसल के लिए मुफीद बताया।

पिछले सप्ताह के अंतिम दिन से हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी हो रही है। आगे भी आंधी-तूफान नहीं होने पर फसल अच्छी होगी। इस दौरान बारिश के साथ ओले गिरने से आम और लीची में फल ज्यादा मात्रा में लगे रहने से बौर गिरता है, इसके अलावा सिटरस फलों में फूल के 10 से 15 फीसद गिरने से फल की क्वालिटी बनी रहती है।
– एनके आर्या, जिला उद्यान अधिकारी चम्पावत