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दुनिया की सबसे अकेली चिडिय़ा की मौत

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न्यू जीलैंड। एक द्वीप पर पांच साल से पत्थर की सी-बड्र्स के बीच रह रही थी निजे…किसी इंसान की जिंदगी में तो ऐसे मोड़ आ सकते हैं, जब वह दुनिया के प्रति अपने मन में कड़वाहट भर अकेला हो जाए और किसी खास मकसद के लिए पूरी जिंदगी समर्पित कर दे, लेकिन न्यूजीलैंड में एक ऐसी समुद्री चिडिय़ा (गैनिट) थी, जिसे शायद दुनिया की सबसे अकेली चिडिय़ा कहा जा सकता था।

 

हाल में न्यूजीलैंड में निजेल नाम की इस सी-बर्ड की मौत हो गई। निजेल का कोई साथी नहीं था। न्यूजीलैंड की राजधानी वेलिंगटन से 25 किमी उत्तर-पश्चिम में माना द्वीप पर वर्ष 1990 में पर्यावरणविदों ने वन्य जीवों को आकर्षित करने के लिए कंक्रीट की कुछ नकली सी-बडर्स बनाई थी। निजेल पत्थर की इन्हीं सी-बडर्स को अपना साथी मानकर बेहद खुश थी और यहां से कहीं जाना नहीं चाहती थी।

 

निजेल पिछले 40 साल में अकेली ऐसी सी-बर्ड थी, जिसने माना द्वीप पर अपना बसेरा बनाया था। वह यहां वर्ष 2013 से अकेले रह रही थी। हालांकि, गैनिट को सामाजिक पक्षी माना जाता है, जो समूह में रहना पसंद करती है। दिसंबर 2017 में माना द्वीप पर तीन असली सी-बडर्स आए, लेकिन निजेल ने उनसे दोस्ती करना पसंद नही किया। यही नहीं, इन सी-बडर्स के माना द्वीप को अपना घर बनाने के कुछ ही हफ्तों बाद निजेल की मौत हो गई।

 

कंजर्वेशन विभाग के रेंजर क्रिस बेल ने बताया कि निजेल को कंक्रीट के बनाए उन सी-बडर्स से प्यार हो गया था, जो देखने में बिल्कुल उसी के जैसी थे। इन नकली जीवों का रंग भी उसकी तरह सफेद था। चोंच भी उसी की तरह पीले रंग की थी। बेल कहते हैं, ‘हमने निजेल को उन चिडिय़ों से खेलते और एकतरफा बातचीत करते बहुत बार देखा था। बेल ने अकेलेपन से प्यार करने वाली इस समुद्री चिडिय़ा का मृत अवशेष पिछले हफ्ते क्रंकीट के सी-बडर्स के बीच से बरामद किया।