udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news एक बेटा अनपढ़ पर संस्कारवान रखो साहिब

एक बेटा अनपढ़ पर संस्कारवान रखो साहिब

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एक बेटा अनपढ़ पर संस्कारवान रखो साहिब, कम से कम साथ रह के सेवा देखभाल तो करे,
आस पास देखता हु, शिक्षित लोगो की ज्यादा पढ़ी लिखी सन्ताने, माँ बाप से दूर अपनी जिंदगी में मस्त, कोई परवाह नही ।
जबकि ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा पढ़े लिखे न सही पर माँ बाप के साथ तो रहते है ।
जरूरत जितना कमाओ, खर्च पर रोक लगाओ, माँ बाप के साथ रहो, क्यू की उन्होंने बुढ़ापे का सहारा मान आपको जीवन दिया, पाला पोसा बड़ा किया।

 

 

एक बेटा अनपढ़ पर संस्कारवान रखो साहिब, कम से कम साथ रह के सेवा देखभाल तो करे,आस पास देखता हु, शिक्षित लोगो की ज्यादा पढ़ी लिखी सन्ताने, माँ बाप से दूर अपनी जिंदगी में मस्त, कोई परवाह नही ।जबकि ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा पढ़े लिखे न सही पर माँ बाप के साथ तो रहते है ।जरूरत जितना कमाओ, खर्च पर रोक लगाओ, माँ बाप के साथ रहो, क्यू की उन्होंने बुढ़ापे का सहारा मान आपको जीवन दिया, पाला पोसा बड़ा किया।

Posted by अघोर तंत्र रहस्य on Thursday, 19 July 2018