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एलिवेटेड बस का आइडिया देकर कंपनी ने किया घोटाला!

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पेइचिंग। चीन की एक कंपनी ने कुछ समय पहले ऐसी एलिवेटेड बस का प्रॉजेक्ट सामने रखा था, जो भीड़भाड़ वाली सडक़ और ट्रैफिक के बीच भी आसानी से चल सकेगा। इस बस का आइडिया कुछ ऐसा था कि इसे सडक़ पर चलती कारों के ऊपर से सरकते हुए गुजर जाना था।

 

बस के नीचे काफी जगह थी और इसकी वजह से गाडिय़ां इसके नीचे से गुजर सकती थीं। जिस कंपनी ने यह कॉन्सेप्ट पेश किया था, उसकी अब चीन में जांच चल रही है। प्रशासन इस कंपनी द्वारा फंड जुटाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों की जांच कर रहा है। खबरों की मानें, तो इस पूरे प्रॉजेक्ट की आड़ में कंपनी ने घोटाला करने की कोशिश की। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, इस प्रॉजेक्ट को रद्द कर दिया गया है।

 
कंपनी ने इसे सार्वजनिक परिवहन के भविष्य के तौर पर पेश किया था। पिछले साल अगस्त में जब इस प्रॉजेक्ट का विडियो सामने आया, तब दुनियाभर में इसे लेकर काफी चर्चा हुई थी। विडियो में एक बड़ी सी बस के नीचे से 2 कारें गुजर जाती हैं। कंपनी का कहना था कि सडक़ पर बढ़ते यातायात में इस तरह की बसें सार्वजनिक परिवहन को आसान बनाने का काम करेंगी।

 

कंपनी ने दावा किया था कि इन बसों की मदद से एक ही सडक़ को ज्यादा लोगों के इस्तेमाल में लाया जा सकता है। कंपनी का कहना था कि सडक़ पर बस की सफल जांच की जा चुकी है और इसी मौके का विडियो भी जारी किया गया था।

 
हालांकि उस समय भी कई लोगों ने इस प्रॉजेक्ट की व्यहारिकता पर संदेह जताया था। चीनी मीडिया ने इस प्रॉजेक्ट को मिलने वाली फंडिंग के स्रोत पर भी सवाल उठाया। रविवार को पेइचिंग पुलिस ने बकाया कि इस प्रॉजेक्ट को निवेश करने वाली कंपनी पर गैरकानूनी तरीके से फंड जमा करने का आरोप है और इस मामले की जांच की जा रही है।

 

पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी तक 32 लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा चुकी है। पुलिस ने हालांकि इन आरोपों को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है। बिजली से चलने वाली इस बस का प्रस्ताव सबसे पहले 2010 में किया गया था। इसे सडक़ पर चलने के लिए कम से कम 2 लेन्स की जरूरत पड़ती।

 

साथ ही, बाकी ट्रैफिक के लिए सडक़ पर एक और अतिरिक्क लेन बनाए जाने की भी बात कही गई थी। कंपनी के मुताबिक, इस तरह की एक बस में 1,400 यात्री बैठ सकते थे और इसकी अधिकतम रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा होने का अनुमान था। हालांकि कंपनी द्वारा जारी किए गए विडियो में बस की रफ्तार काफी कम नजर आ रही थी।