udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news गढ़वाली और कुमाउंनी गीतों को दर्शकों ने जमकर सराहा

गढ़वाली और कुमाउंनी गीतों को दर्शकों ने जमकर सराहा

Spread the love
पौड़ी:  पर्यटन विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान से आयोजित पर्यटन पर्व 2018 का सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन हुआ। कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा गढ़वाली और कुमाउंनी गीतों की शानदार प्रस्तुतियांें को दर्शकों ने जमकर सराहा।
इस मौके पर जिलाधिकारी ने वाॅल पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम रहे हरेंद्र कुमार को 51 हजार, द्वितीय नीरज कुमार को 21 हजार तथा तृतीय स्थान पर रहे राहुल कुमार को 11 हजार रूपये की धनराशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की। 
वृहस्पतिवार देर सायं शहर के रामलीला मैदान में ‘‘देखो अपना देश‘‘ थीम पर आयोजित पर्यटन पर्व 2018 के 12 दिवसीय कार्यक्रम के समापन समारोह मंें जिलाधिकारी सुशील कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने जिलाधिकारी को स्मृति चिन्ह, शाॅल तथा पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस मौके पर जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग तथा जिला प्रशासन की ओर से पर्यटन पर्व पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों को सराहनीय बताया।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार जनपद में 16 से 27 सितम्बर तक 12 दिवसीय पर्यटन पर्व का आयोजन किया गया। जिसमें माउंटेन बाइकिंग, ट्रैकिंग, वाल पेंटिंग, फूड फेस्टिवल, बर्ड़ वाचिंग, योगा समेत विभिन्न कार्यक्रम पूरे जनपद में आयोजित किये गये।
कहा कि पर्व के तहत सम्पन्न हुये साहसिक खेलों से जनपद को पर्यटन के क्षेत्र में नये आयाम प्राप्त होंगे। वहीं उन्होंने साहसिक खेलों में युवाओं के बढ़ते उत्साह को पर्यटन व्यवसाय के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित किये जाने पर जोर दिया।
कहा कि जनपद में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई रोमांचक स्थल हैं। जिन्हें तकनीकी रूप से विकसित किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पर्यटन पर्व 2018 के तहत पूर्व की संध्या में रंगमंच के कलाकारों द्वारा कई बेहतरीन प्रस्तुतियां भी दी गई।
कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से नयी पीढ़ी को अपने राज्य की पारंपरिक संस्कृति को जानने का मौका प्राप्त होता है। जिलाधिकारी ने युवाओं से अपनी पहाड़ी बोली को आत्मसात करने का आव्हान किया। 
सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत किशन महिपाल और साथी कलाकारों द्वारा बेहतरीन प्रस्तुतियां दी गई। जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। स्याली भम्पाली…, किंगरी का झाला घुघूती पांगर का डाला घुघूती…., रामखेता रामढोला…., की प्रस्तुतियों पर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जौनसारी गीत उदास मन मेरो…. की प्रस्तुति पर उप जिलाधिकारी सदर तथा पुलिस उपाधीक्षक भी मंच पर जाकर खूब थिरके।
इस मौके पर निवर्तमान पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जेआर जोशी, उप जिलाधिकारी सदर एसएस राणा, सीओ धन सिंह तोमर, सहायक परियोजना निदेशक सुनील कुमार, वरिष्ठ रंगकर्मी गौरी शंकर थपलियाल, पीई दीपक रावत, रंगकर्मी रेश्मा, तपेश्वर प्रसाद विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, रंगकर्मी तथा शहर की संभ्रान्त जनता उपस्थित रही। कार्यक्रम का संचालन गणेश खुगशाल गणी ने किया।