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घराट होंगे पर्यटकों के लिए नए आकर्षण केन्द्र-मुख्यमंत्री

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  •  देहरादून में 25 पनचक्कियों के विकास की योजना।
  •  देवभूमि प्रसाद योजना का विस्तार किया जाएगा।
  • मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हैस्को गांव शुक्लापुर अम्बीवाला देहरादून में रिवर रिचार्जिंग  रूरल टैक्नॉलोजी अप्रैजल का निरीक्षण किया।
देहरादून: मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि घराट हब  हमारी पारम्परिकता के संरक्षण के साथ ही पर्यटकों के लिए नए आकर्षण केन्द्र होंगे। घराट हब पहल से युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। देवभूमि प्रसाद योजना का हरिद्वार, अल्मोड़ा तथा राज्य के सभी धार्मिक स्थलों पर स्थानीय महिलाओं की मदद से विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को हैस्को गांव शुक्लापुर अम्बीवाला देहरादून में रिवर रिचार्जिंग रूरल टैक्नॉलोजी अप्रैजल का निरीक्षण किया।मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने खाद्य प्रसस्ंकरण, कौशल विकास, ग्रामीण उद्यम, महिला सशक्तिकरण, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन तथा पर्यावरण संरक्षण व वृक्षारोपण  हेतु हैस्को द्वारा किए जा रहे कार्यो की प्रंशसा करते हुए पूरी टीम को बधाई व शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु टीम भावना अति आवश्यक है। उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने में टीम स्प्रिट की अहम भूमिका है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों से बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं, युवाओं को जोड़ने से ही दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रो की प्रगति होगी। सामाजिक कार्य करने वाले लोगां तथा सरकार के मध्य समन्वय से राज्य को विकास के बेहतर परिणाम मिल सकते है।
राज्य सरकार द्वारा ब्लॉक स्तर पर 650 ग्रोथ सेन्टर की कार्ययोजना पर कार्य आरम्भ हो चुका है। सरकार द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहो को एलईडी प्रशिक्षण के साथ ही एलईडी बल्ब वितरण शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सरकार की देवभूमि प्रसाद पहल अति सफल रही है। अभी तक  महिला समूहों द्वारा श्री केदारनाथ धाम में 1 करोड़ 30 लाख रूपये का प्रसाद बेचा जा चुका है। देवभूमि प्रसाद योजना से महिला स्वालम्बन व सशक्तिकरण के साथ ही स्थानीय आर्थिकी के सुदृढिकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
अब हरिद्वार, अल्मोड़ा तथा राज्य के सभी धार्मिक स्थलों पर स्थानीय महिलाओं की मदद से इस योजना का विस्तार किया जा रहा है।  हमारी ग्रामीण महिलाओं में पारम्परिक रचनात्मक कौशल है। सरकार द्वारा स्थानीय पारम्परिक फसलों, जड़ी बूटियो व अन्य खाद्य उत्पादों पर आधारित उत्पादों के उत्पादन व मार्केटिंग पर विशेष फोकस किया जा रहा है। हमारे स्थानीय उत्पाद ही हमारी पहचान व अमूल्य धरोहर  है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि रिस्पना व कोसी नदियों का पुनर्जीवीकरण के तहत  जनभागीदारी से व्यापक वृक्षारोपण का अभियान शीघ््रा शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि  राज्य सरकार द्वारा जल्द ही अल्मोड़ा में एक घण्टे में एक लाख पौधे लगाने का रिकार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
रिस्पना व कोसी में सघन वृक्षारोपण द्वारा न केवल नदियो को पुनर्जीवीकरण किया जाएगा बल्कि इन स्थलों को नए पर्यटक आकर्षण केन्द्रो के रूप में भी विकसित किया जाएगा। शीघ््रा ही निरन्तर 365 दिन के कार्यरत दिनो (वर्किंग डेज) में सौंग बांध का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। सौंग बांध देहरादून में ग्रेविटी बेस्ड जल आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
इसके साथ ही लगभग 25 पनचक्कियों के विकास की योजना है। यह घराट हब  हमारी पारम्परिकता के संरक्षण के साथ ही पर्यटकों के लिए नए आकर्षण केन्द्र होंगे। घराट हब पहल द्वारा युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने हैस्को परिसर में वृक्षारोपण भी किया।
इस अवसर पर पर्यावरणविद् डॉ.अनिल जोशी तथा बड़ी संख्या में हैस्को से जुडे लोग उपस्थित थे।