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ग्राहकों को एसएमएस अलर्ट भेज बैंक कर रहे हैं कमाई

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कोलकाता। एसएमएस अलर्ट भेजने के लिए बैंक जो चार्जेज वसूलते हैं, उससे ग्राहक की जेब पर तो ज्यादा असर नहीं पड़ता, लेकिन कई बैंकों के लिए यह बेहद फायदे का सौदा है। खासकर वहां जहां ग्राहक काफी कम लेन-देन करते हैं। हालांकि, बैंकों की तरफ से वसूले जाए जाने वाले ये चार्ज आरबीआई के निर्देशों के खिलाफ हैं।

आरबीआई ने बैंकों को फ्रॉड रोकने के लिए सभी ट्रांजैक्शन पर एसएमएस अलर्ट भेजने का आदेश दिया था। आरबीआई ने इसके लिए बैंकों को वास्तविक उपयोग के आधार पर चार्ज लगाने के निर्देश भी दिए थे लेकिन भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक समेत ज्यादातर बैंक इन नियमों का पालन नहीं करते।

कस्टमर्स के हित की सुरक्षा के लिए बैंकिंग इंडस्ट्री पर नजर रखने वाली एक स्वतंत्र संस्था, बैंकिंग कोडस ऐंड स्टैंडर्ड्स बोर्ड ऑफ इंडिया (बीसीएसबीआई) के एक अध्ययन के मुताबिक 48 में से 19 बैंक हर तिमाही अपने ग्राहकों से एसएमएस के लिए 15 रुपये वसूलते हैं जबकि एक ग्राहक को इस सेवा के लिए टैक्स के साथ 17.7 रुपये देने पड़ते हैं।

आरबीआई के निर्देशों के मुताबिक बैंकों को डेबिट कार्ड से होने वाले सभी ट्रांजैक्शन, एटीएम से नगद निकासी, नेफ्ट और आरटीजीएस ट्रांजैक्शन में बेनेफिशरी के खाते में पैसे क्रेडिट होने के बाद एसएमएस अलर्ट भेजना अनिवार्य है और यह सेवा फ्री है। इसके अतिरिक्त अन्य ट्रांजेक्शन के लिए बैंक जो अलर्ट भेजते हैं उस पर चार्ज वसूला जाता है।

नवंबर 2013 को जारी एक सर्कुलर में आरबीआई ने कहा था, बैंकों के पास उपलब्ध तकनीक और टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को देखते हुए उन्हें ग्राहकों से वास्तविक उपयोग के आधार एसएमएस अलर्ट के लिए चार्ज वसूलना चाहिए। आरबीआई और कई बड़े बैंक जिनमें एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक शामिल हैं, उन्होंने खबर लिखे जाने तक ईटी के पूछे गए सवालों के जवाब नहीं दिए थे। यस बैंक ने मेल का जवाब देते हुए कहा कि वह अपने ग्राहकों को फ्री में इस सेवा का लाभ दे रहा है।

2016 में बीसीएसबीआई के एक अध्ययन के मुताबिक 48 बैंकों में से 22 बैंक हर महीने या तिमाही ग्राहकों से एसएमएस अलर्ट के लिए एक तय चार्ज वसूलते हैं, जिनमें से तीन बैंक 15 रुपये से भी ज्यादा चार्ज वसूलते हैं जबकि बाकी 26 ग्राहकों से एसएमएस अलर्ट के लिए कम चार्ज करते हैं या फ्री में इस सर्विस को देते हैं। बीसीएसबीआई के चेयरमैन, एसी महाजन ने बताया कि हमने इस रिपोर्ट को आरबीआई को सौंपा है जिससे उन्हें इस मामले की जानकारी हो।

बैंक ज्यादातर ग्राहकों को एसएमएस अलर्ट भेजने के लिए किसी एजेंसी की सर्विस को सालाना कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर आउटसोर्स करते हैं। एसएमएस अलर्ट भेजना एक सिस्टम जेनरेटेड प्रक्रिया होती है जिसमें कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं होता है। एक एसएमएस भेजने पर 8 से 10 पैसे की लागत आती है। इस तरह बैंक अगर किसी ग्राहक को एक तिमाही में 100 एसएमएस भेजता है तो भी उसकी लागत महज 8 से 10 रुपये आएगी।