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हरित क्रांति लाने में पंतनगर विश्वद्यालय के बीजों की महत्वपूर्ण भूमिका: ओली

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देहरादून। नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली, रविवार को दिल्ली से पूर्वाह्न 11:45 बजे पंतनगर हवाई अड्डे पर पहुंचे। हवाई अड्डे पर राज्यपाल डा.कृष्ण कान्त पाल, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद श्री भगत सिंह कोश्यारी तथा मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने उनका स्वागत किया।

इस अवसर पर उनके स्वागत में बालिकाओं ने कुमाउंनी परिधान में तिलक लगाकर उनका स्वागत किया तथा छोलिया व नेपाली नृत्य की प्रस्तुति दी। प्रधानमंत्री श्री ओली ने तराई भवन में अपनी पत्नी श्रीमती राधिका शाक्या के साथ रूद्राक्ष के पौधे का रोपण भी किया।

नेपाल के प्रधानमंत्री श्री ओली इसके पश्चात विश्वविद्यालय के प्रजनक बीज उत्पादन केन्द्र गये, जहां पर कुलपति प्रो.ए.के.मिश्रा व अन्य वैज्ञानिकों द्वारा उन्हें पंतनगर के विख्यात प्रजनक एवं केन्द्रीय बीज के उत्पादन की सम्पूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी गयी। नेपाल के प्रधानमंत्री ने भारत में हरित क्रांति लाने में पंतनगर के बीजों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।

श्री ओली की जैविक खेती में रूचि को देखते हुए यहां पर जैविक बीज उत्पादन की प्रक्रिया के बारे में भी उन्हें बताया गया। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि से सम्बन्धित तकनीकों व गतिविधियों के बारे में एक प्रदर्शनी भी केन्द्र पर लगायी गयी, जिसमें श्री ओली ने विशेष रूचि दिखायी।

प्रजनक बीज उत्पादन केन्द्र के भ्रमण के पश्चात नेपाल के प्रधानमंत्री ने विश्वविद्यालय में स्थापित समन्वित खेती मॉडल का भी अवलोकन किया, जहां पर एक कृषक परिवार द्वारा खेती के साथ-साथ मुर्गी पालन, गौ पालन, मछली पालन, बश्रख पालन, मशरूम उत्पादन, कृषि वानिकी, सब्जी उत्पादन इत्यादि का समन्वय करते हुए प्रगतिशील किसान के रूप में खेती की जा रही है, जिसे देखकर अन्य किसान अपनी आर्थिक स्थिती मजबूत कर सकते हैं।

इस अवसर पर राज्यपाल डा.कृष्णकान्त पाल, मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, कृषि मंत्री श्री सुबोध उनियाल तथा मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह एवं कुलपति प्रो.ए.के. मिश्रा भी उनके साथ थे। समन्वित खेती मॉडल देखने के बाद श्री ओली गांधी हॉल पहुंचे, जहां पर उन्हें विज्ञान वारिधि की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।