udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news हिमाच्छादित केन्द्रो पर हेलीकॉप्टर से जायेंगी पोलिंग पार्टी

हिमाच्छादित केन्द्रो पर हेलीकॉप्टर से जायेंगी पोलिंग पार्टी

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देहरादून आगामी १५ फरवरी को प्रदेश विधानसभा के लिये होने वाले चुनाव के लिये मतदानकर्मियों को सुदूर हिमाच्छादित मतदान केन्द्रों तक पहुंचाने एवं मतदान के बाद उन्हें मतपेटियों समेत वापस लाने के लिये हेलीकाप्टरों का प्रयोग किया जायेगा।

प्रदेश में अब तक ४८८ ऐसे मतदान केन्द्र चिन्हित किये गये हैं जिनके चुनाव के दिन हिमाच्छादित रहने की संभावना है।
मिली जानकारी के अनुसार अकेले गढ़वाल मण्डल में बर्फबारी वाले स्थानों में बर्फबारी के दौरान चार हेलीकाप्टर लगाये जाएंगे, जिसमें से दो चॉपर देहरादून में, एक-एक पौड़ी व उत्तरकाशी में तैनात किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस व प्रशासन की गाडिय़ों में यदि ध्वनि यंत्रों की व्यवस्था नहीं है तो उसे शीघ्र दुरुस्त किया जाए। १९ जनवरी से चुनाव आयोग की टीम पौड़ी जिले की सभी विधान सभा सीटों का भ्रमण करेगी।
गौरतलब है कि गढ़वाल मंडल के चमोली जिले के ३ विधानसभा क्षेत्रों में कम से कम ६ पोलिंग पार्टियों को मतदान दिवस से ५ दिन पहले ही दुर्गम क्षेत्रों के लिये रवाना किया जाता है। चमोली में घेस, बलाण, हिमनी, ग्वाण, सुतोल, रामणी, कनेाल, पाना, भयूंडार और डुमक जैसे २० केन्द्रों के हिमाच्छादित रहने की सम्भावना है। पौड़ी जिले में सबसे दुर्गम बसानी केन्द्र हैं। वहां पहुंचने के लिये १५ किमी पैदल चलना होता है। टीला केन्द्र पोड़ी जिले का सबसे ऊंचाई वाला मतदान केन्द्र है।

रुद्रप्रयाग जिले में गौंडार, मदमहेश्वर, चौमासी, चिलौंड एवं त्रिजुगीनारयण सबसे दुर्गम क्षेत्र हैं। देहरादून जिले की जनजाति सीट चकराता के ४५ मतदेय स्थलों पर मतदान मौसम पर ही निर्भर करेगा। जबकि सीमान्त जिला उत्तरकाशी में ऐसेे १०० से भी अधिक केन्द्र चिन्हित किये गये हैं। पिछली बार पुरौला के २८ मतदान केन्द्र बर्फबारी वाले चिन्हित किये गये थे। इन केन्द्रों तक पहुंचने के लिये पोलिंग पार्टियों को २५ कि.मी तक पैदल बर्फ में चलना पड़ सकता है। इनके अलावा गंगोत्री और यमुनोत्री क्षेत्रों में १३-१३ केन्द्रों के हिमाच्छादित रहने की आशंका है।