udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news मकान पर प्लस्तर कराना पड़ा भारी 3 बच्चों समेत 5 की मौत

मकान पर प्लस्तर कराना पड़ा भारी 3 बच्चों समेत 5 की मौत

Spread the love

लोनी। राहत एनक्लेव कॉलोनी में सोमवार देर रात एक मकान ढहने से 3 बच्चों और एक महिला समेत 5 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, इस मकान की दीवारें गारे और मिट्टी की चिनाई करके बनाई गई थीं, जबकि उसपर सीमेंट का पलस्तर कर दिया गया। वहीं, पास ही बह रहे नाले से सीलन आने के कारण यह हादसा हो गया।
मूलरूप से जमालपुरा निवासी इमरान उर्फ पप्पन (40 वर्ष) लोनी थाना एरिया स्थित राहत एनक्लेव कॉलोनी में करीब 10 साल से रह रहा था। पानीपत में रहने वाली उसकी साली हसीन अपने पति नासिर और 4 बच्चों के साथ छुट्टियां मनाने 2 जनवरी को उसके घर आई थी। सोमवार रात खाना खाने के बाद सभी सो गए थे।
इस दौरान मकान के ग्राउंड फ्लोर पर हसीन (35 वर्ष) अपनी बेटी शबा (10 वर्ष), आलिया (7 वर्ष) और बेटे दानिश (5 वर्ष) के अलावा बड़ी बहन रेशमा उर्फ कबूतरी (40 वर्ष) के साथ मौजूद थी। वहीं, फर्स्ट फ्लोर पर इमरान अपने बेटे अदनान, अमन, अनस, रेहान के साथ था। रात करीब 12:30 बजे पूरा मकान ढह गया।
इस हादसे में ग्राउंड फ्लोर पर सो रहे सभी लोगों की मौत हो गई, फर्स्ट फ्लोर पर सो रहे सभी लोगों गंभीर रूप से घायल हो गए। रेहान को दिल्ली के जीटीबी हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है।
आसपास के लोगों ने हटाया मलबा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मकान गिरने से कॉलोनी में तेज आवाज हुई और चारों तरफ धूल का गुबार फैल गया। आसपास मौजूद लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस टीम के आने से पहले ही मोहल्ले वालों ने मलबा हटाना शुरू कर दिया। वहीं, सुबह 4 बजे तक डेडबॉडभ्वा और घायलें को बाहर निकाल लिया गया।
पिता के साथ गया तो बची जान
जानकारी के मुताबिक, हसीन के बच्चों की छुट्टियां 15 जनवरी तक थीं। ऐसे में बच्चों ने मौसा के घर जाने की जिद की थी, जिसके चलते वह अपने पति नासिर व चारों बच्चों के साथ 2 जनवरी को लोनी आ गई थी। वहीं, सोमवार को नासिर ने उससे पानीपत चलने के लिए कहा, लेकिन हसीन तैयार नहीं हुई। ऐसे में वह अपने बड़े बेटे समीर को लेकर चला गया और हसीन बाकी तीनों बच्चों के साथ यहीं रुक गई।
कच्ची दीवारें बनीं हादसे का कारण
लोगों ने बताया कि इमरान के मकान में 4 इंच की दीवारें गारे व मिट्टी की चिनाई से बनी हुई थीं और उन पर सीमेंट का पलस्तर किया गया था। वहीं, आसपास पानी की निकासी नहीं होने की वजह से नींव में लगातार पानी रिस रहा था। पड़ोसियों की मानें तो मकान के अगले हिस्से की दीवार भी सीलन की चपेट में आ चुकी थी। ऐसे में मकान की दीवारें छत का बोझ नहीं झेल सकीं और मकान ढह गया।
पोस्टमॉर्टम में की गई देरी!
नासिर का कहना है कि सोमवार देर रात हुए इस हादसे में जान गंवाने वाले पांचों लोगों का पोस्टमॉर्टम मंगलवार दोपहर तक नहीं हुआ था। ऐसे में परिजनों ने नाराजगी जाहिर की। इस मामले में लोनी एसएचओ ने बताया कि सुबह 11 बजे कागजी कार्रवाई करके रिपोर्ट गाजियाबाद भेज दी गई थी। शायद इस वजह से देरी हुई होगी।