udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news जमकर बरसेगा बादल, किसानों को मिलेगा फायदा

जमकर बरसेगा बादल, किसानों को मिलेगा फायदा

Spread the love

नई दिल्ली । मॉनसून को लेकर भारतीय मौसम विभाग अपना अनुमान पहले ही जारी कर चुका है। अच्छे मॉनसून के अनुमान के बाद एक और अच्छी खबर है कि इस बार जून में मैडेन जूलियन ऑसीलेशन (एम.जे.ओ.) भी पूरे देश में अच्छी बारिश लेकर आएगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा खरीफ की बुआई करने वाले किसानों को मिलेगा।

 

दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून पूरे भारत के लिए बहुत अहमियत रखता है। समुद्र में होने वाली कुछ मौसमी घटनाएं दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के लिए जिम्मेदार होती हैं। समुद्र में होने वाली इन घटनाओं में अलनीनो और ला-नीना हैं। मैडेन जूलियन ऑसीलेशन (एम.जे.ओ.) भी दक्षिण-पश्चिम मानसून के बनने में अहम भूमिका निभाता है।

 

अस्थायी होता है एमजेओ
एम.जे.ओ. की पहचान 1971 में कोलोराडो के बोल्डर में राष्ट्रीय पर्यावरण शोध केंद्र के वैज्ञानिक रोलैंड मैडेन और पॉल जूलियन ने की थी। एम.जे.ओ. औसतन 30 से 60 दिन में पूरी दुनिया में घूम आता है और पृथ्वी को दो हिस्सों में बांट देता हे। एक जहां यह सक्रिय होता है और बारिश कराता है। दूसरा जहां यह मॉनसून को दबा देता है और बारिश नहीं होने देता।

 

यह 4 से 8 मीटर प्रति सैकेंड की रफ्तार से पूर्व की दिशा में बढ़ता है। एम.जे.ओ. भूमध्य रेखा के आसपास बारिश के लिए जिम्मेदार होता है। इस बार जून में यह दक्षिण एशिया पर सक्रिय होगा, जिससे पूरे भारत में अच्छी बारिश होगी। इसके अलावा इससे श्रीलंका, इंडोनेशिया और मालद्वी में भी अच्छी बारिश होगी।

 

मॉनसून में बारिश को बढ़ा देता है एमजेओ
मॉनसून के दौरान ला-नीना और एम.जे.ओ मिलकर बारिश को बढ़ा देते हैं। यहां तक कि एम.जे.ओ. अलनीनो के बारिश पर पडऩे वाले प्रतिकूल प्रभाव को भी खत्म कर देता है। एम.जे.ओ. का परिमाण इसकी केंद्र से दूरी के समानुपाति होता है। एम.जे.ओ. का एक अंदरूनी और एक बाहरी घेरा होता है। जब तक यह अंदरूनी घेरे में रहता है, इसका असर काफी कम रहता है। बाहरी घेरे में आते ही यह मौसम में बदलाव लाना शुरू कर देता है।