udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news जनता का इंसाफ: मासूम से दुष्कर्म के आरोपियों को बीच बाजार जिंदा जलाया !

जनता का इंसाफ: मासूम से दुष्कर्म के आरोपियों को बीच बाजार जिंदा जलाया !

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उदय दिनमान डेस्कः जनता का इंसाफ: मासूम से दुष्कर्म के आरोपियों को बीच बाजार जिंदा जलाया !जब देश की जनता को समय पर इंसाफ नहीं मिलेगा तो जनता ऐसे ही करेगी। इस मामले में जनता ने हमारी न्यायपालिका को खुली चेतावनी देने के साथ-साथ खुद इंसाफ कर यह संदेश दे दिया है कि अब बहुत हो गया। जो गलत करेगा उसे इंसाफ सीधे जनता देगी। आपको बता दें कि यह घटना अरूणांचल प्रदेश की है।

 

आपको बता दें कि  अरुणाचल प्रदेश में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है. यहां के लोहित जिले के तेजु में बच्ची से दुष्कर्म और मर्डर के आरोपियों को भीड़ ने पुलिस थाने से निकालकर पीटा और जिंदा जला डाला. आरोपियों की पहचान संजय सबर (30) और जगदीश लोहार (25) के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि आरोपी अरुणाचल प्रदेश के चाय बागानों में काम करने आए थे.

 

इस बारे में आईजी नवीन पायेंग ने बताया कि, ” 12 फरवरी को एक पांच वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या की गई थी. बच्ची का सिर धड़ से अलग था. उसका शव उसी चाय बागान में मिला, जहां ये दोनों आरोपी काम करते थे. बच्ची के शरीर पर कपड़े तक नहीं थे. शव मिलने के बाद से दोनों आरोपी फरार थे. पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाकर दोनों आरोपियों को असम से अरेस्ट किया था.”

 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा था. पुलिस के सामने दोनों आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल भी कर लिया था. दोनों को तेजू थाने में रखा गया था. इस बीच आरोपियों के गिरफ्तारी की खबर लोगों के बीच आग की तरह फैली. थाने के बाहर भीड़ जमा हो गई. देखते ही देखते भीड़ ने थाने में तोड़फोड़ करते हुए आरोपियों को लॉकअप से बाहर निकाला और पीटते हुए चौराहे पर लाए और जिंदा जला डाला.

 

उधर, मुख्यमंत्री पेमा खांडु ने इस घटना को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया है. उन्होंने कहा कि, “बच्ची से बलात्कार और हत्या की घटना ‘बर्बर और अमानवीय’ है. भीड़ का उग्र होना ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ है. मैंने इस घटना के जांच के आदेश दिए हैं.” बता दें कि इसी तरह की घटना 5 मार्च 2015 को नागालैंड के दीमापुर में हुई थी. यहां भी उग्र भीड़ ने रेप के आरोपी को जेल से बाहर निकालकर मार डाला और उसका शव बीच चौराहे पर टांग दिया था.

मीडिया में चल रही खबर के मुताबिक  थाने के बाहर देखते ही देखते सैकड़ों लोग जमा हो गए। भीड़ में शामिल कुछ लोग लॉकअप में बंद दोनों आरोपियों को खींचकर बाहर निकाल ले गए और उन पर हमला कर दिया। बाद में दोनों के शव बाजार में फेंक दिए गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 12 फरवरी को एक बच्ची का अपहरण कर लिया गया था और शव पांच दिन बाद एक चाय बागान से मिला था। शव नग्न हालत में था और सिर कटा हुआ था। पुलिस ने रविवार को दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था जहां से दोनों को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया था। जहां एक संदिग्ध ने कथित तौर पर पुलिस के समक्ष बच्ची का अपहरण और बलात्कार करने की बात कबूल कर ली थी।

 

इस बीच पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का एक मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है, लेकिन सोमवार देर शाम तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। इस घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव उत्पन्न हो गया है। मुख्यमंत्री पेमा खांडु इस घटना की जांच के आदेश दिये हैं। खांडु ने नाबालिग लड़की के बलात्कार और हत्या की घटना को ‘बर्बर और अमानवीय’ करार दिया। साथ ही उन्होंने भीड़ द्वारा दो लोगों की हत्या को भी ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया। सीएम ने कहा कि पुलिस घटना की जांच कर रही है और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

 

घटना के दौरान तेजु थाने में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है, वहीं लोहित जिले के पुलिस अधीक्षक का ट्रांसफर कर दिया गया है। आपको बता दें कि साल 2015 में ऐसी ही एक घटना नागालैंड के दीमापुर शहर में सामने आई थी। यहां भी भीड़ ने बलात्कार के आरोप मे केंद्रीय जेल में बंद एक शख्स को बाहर लाकर पीट-पीटकर मार डाला था। बाद में भीड़ ने शव को शहर के एक चौराहे पर लटका दिया था।