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जंग के हालात : नॉर्थ कोरिया आग के गोले पर !  चेतावनी को कर रहा है दरकिनार !

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उदय दिनमान डेस्कः जंग के हालात : नॉर्थ कोरिया आग के गोले पर !  चेतावनी को कर रहा है दरकिनार ! शायद यह अकेला देश होगा इस संसार में जो गूगल युग में भी सब कुछ जानने के बाद भी सभी को नकार रहा है। इस देश को पता है कि परिणाम अगर युद्ध हुआ तो घातक होंगे। इसके बाद भी वह अन्य देशों की चेतावनी को दरकिनार कर रहा है।

 

 

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि नॉर्थ कोरिया और अमेरिका के बीच विवाद चरम पर है. एक ओर अमेरिका तानाशाह किम जोंग उन पर लगाम लगाने की कोशिश कर रहा है तो दूसरी ओर नॉर्थ कोरिया पाबंदी मानने को तैयार नहीं और हमले की धमकी दे रहा है. 18 अक्टूबर को तानाशाह परमाणु लैस मिसाइल टेस्ट करने वाला है, फिर जंग हो सकती है. जापान, साउथ कोरिया पहले ही आशंका जता चुके हैं.

 

उल्लेखनीय है कि विगत 9 अप्रैल को अमेरिका ने कोरियाई द्वीप के पास वेस्टर्न पैसेफिक ओशियन की ओर अपनी स्ट्राइक फोर्स भेजी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर दबाव बनाने की शुरुआत की. वे चाहते थे कि चीन नॉर्थ कोरिया पर एक्शन ले. यहां तक कहा था कि अगर चीन हस्तक्षेप नहीं करेगा तो अमेरिका अकेले इस समस्या का हल निकालेगा.

 

 

14 अप्रैल को संस्थापक किम सुंग के 105वें जन्मदिन पर परेड के दौरान नॉर्थ कोरिया की ओर से विध्वंसक हथियार का प्रदर्शन किया गया. इसमें KN-08 रॉकेट शामिल थे जो कि 7000 माइल्स उड़ान की क्षमता रखते हैं. ये हथियार लॉस एजेंलिस, न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन डीसी तक हमले में सक्षम हैं. हालांकि, बाद में यह सवाल उठा था कि शायद ही ये हथियार वास्तविक हों. इस परेड के बाद नॉर्थ कोरिया ने दावा किया था कि वे कभी भी हमले के लिए तैयार है.

 

इसके साथ ही कुछ तारीखों का यहां उल्लेख करेंगे कि अभी तक कोरिया और अमेरकिा सहित अन्य देशों के बयानों में क्या कहा गया है। असमें 15 अप्रैलः नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर मिसाइल टेस्ट किया. इसे अमेरिका ने उकसाने वाला कदम बताया.17 अप्रैल को यूएस के वाइस प्रेसिडेंट माइक पेंस ने कहा था- धैर्य का इंम्तिहान खत्म हो चुका है. उन्होंने किम जोंग उन को चेतावनी देते हुए कहा था- ट्रंप को टेस्ट मत करें. इसके बाद ही योजना से पहले साउथ कोरिया में डिफेंस सिस्टम भेजा गया.

 

 

19 अप्रैल को पेंस ने किम जोंग उन को चेतावनी दी थी कि अमरिका किसी भी हमले को नाकाम कर देगा. उन्होंने एयरक्राफ्ट करियर से भेजे गए सैनिकों से बात भी की. 28 अप्रैलः नॉर्थ कोरिया ने एक प्रोपैगेंडा फिल्म में दिखाया कि उसने कैसे अमेरिका के कैपिटोल में हमला कर दिया है. इसके बाद तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत हो गई.मई में किम जोंग उन ने चेतावनी दी कि जापान को परमाणु से वे केक के टुकड़ों में बांट देंगे. वहीं चेतावनी दी कि सपोर्ट करने वाले विरोधियों का भी वही हाल करेंगे. वही जून में नॉर्थ कोरिया ने धमकी दी कि वह ट्रंप का न्यूयॉर्क में घर ही उड़ा देगा.

 

जुलाई में नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर ब्लैस्टिक मिसाइल का टेस्ट किया. इसकी रेंज 6700 किलोमीटर बताई गई जिसका मतलब था कि अलस्का भी इसकी जद में था. हवसांग 14 इंटरकंटिनेंटल मिसाइल के टेस्ट को नॉर्थ कोरिया ने ऐतिहासिक बताया. ट्रंप ने ट्वीट कर कहा था- क्या यह शख्स (किम जोंग उन) जिंदगी में कुछ अच्छा कर सकता है?

 

8 अगस्त को ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर उत्तर कोरिया ने अमेरिका को धमकाना जारी रखा है तो उसे ऐसे विध्वंस का सामना करना होगा जो दुनिया ने कभी नहीं देखा होगा. 10 अगस्त को उत्तरी कोरियाई मीडिया ने कहा कि वह चार रॉकेट लॉन्च करने की योजना बना रहा था. 11 अगस्त को ट्रंप ने उत्तर कोरिया को चेतावनी दी कि अगर उत्तर कोरिया अविवेकपूर्ण कार्रवाई करता है तो परमाणु हथियार संपन्न देश के खिलाफ सैन्य समाधान के इस्तेमाल की तैयारी है.

 

29 अगस्त को उत्तर कोरिया ने जापान के ऊपर से मिसाइल दागी. यह मिसाइल 2700 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए उत्तरी प्रशांत महासागर में जाकर गिरी. वहीं 31 अगस्त को उत्तर कोरिया की ओर से जापान के ऊपर से मिसाइल गुजारने के बाद अमेरिका ने अपनी ताकत दिखाई. कोरियाई सीमा के पास भारी बम गिराए.

 

3 सितंबर को उत्तर कोरिया ने हाईड्रोजन बम का परीक्षण किया. ये पूरी तरह सफल रहा. यह बम उत्तर कोरिया की लंबी दूरी की मिसाइलों से भी दागा जा सकता है. इस धमाके की ताकत पिछले या पांचवें परीक्षण से 9.8 गुना ज्यादा थी. 4 सितंबर को अमेरिकी रक्षा सचिव जेम्स मैटीस ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उत्तर कोरिया अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए किसी भी तरह के नुकसान की स्थिति उत्पन्न करता है तो “भारी सैन्य प्रतिक्रिया” की जाएगी.

 

6 सितंबर को उत्तर कोरिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका को “विनाशकारी परिणाम” का सामना करना पड़ेगा. वहीं 15 सितंबर को उत्तर कोरिया ने अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र समेत दुनिया के देशों की चेतावनी को दरकिनार करते हुए फिर से बैलिस्टिक मिसाइल दागा है. यह मिसाइल जापान के ऊपर से गुजरी और प्रशांत महासागर में जा गिरी. दक्षिण कोरिया और जापान ने इसकी जानकारी दी.

 

19 सितंबर को UN के पहले भाषण में ट्रंप ने कहा कि अगर सुधरा नहीं उत्तर कोरिया, तो उसे नेस्तनाबूद कर देंगे. 25 सितंबर को उत्तर कोरिया ने अमेरिकी युद्धपोतों पर और डोनाल्ड ट्रंप पर हमला करने की धमकी दी.

 

1 अक्टूबर को ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरन किम जोंग साथ बातचीत करने की कोशिश कर “अपना समय बर्बाद कर रहे हैं”. 7 अक्टूबर को ट्रंप ने उत्तर कोरिया को खतरे की धमकी दी कि उत्तर कोरिया के साथ कूटनीतिक कोशिशें लगातार विफल हुई हैं, अब दुष्ट देश से निपटने पर “केवल एक चीज काम करेगी. 10 अक्टूबर को अमेरिकी मिलिट्री के बॉ़म्बर्स ने नॉर्थ कोरिया के पेनिसुला इलाके के ऊपर फ्लाई किया.

 

इन सभी घटनाक्रमों के बाद आप खुद ही सोचिए कि क्या होने वाला है और कितना नुकसान होगा अगर फिर से इस गूगल युग में अगर युद्ध होता है तो। उस देश के आम नागरिकों का क्या होगा जो अपना जीवन सामान्य रूप से जी रहे हैं और अगर उन पर युद्ध का भार पढ गया तो उनका जीवन नर्क हो जाएगा। पहले ही नार्थ कोरियों को दुनिका का नर्क कहा जाता है। फिर भी वहां के लोग खुद का जीवन जी रहे हैं शायद वह भी आराम से।