udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news जीवन का सूत्र हैं उत्तराखंड की परंपराएं: बसंती बिष्ट

जीवन का सूत्र हैं उत्तराखंड की परंपराएं: बसंती बिष्ट

Spread the love

देहरादून। उत्तराखंड के समृद्ध सामाजिक परपराओं में जीवन के सूत्र छुपे हैं। धाद इन्हें नए रंग देकर सामने ला रही है। जो प्रशंसनीय है। उत्तराखंड की जागर गायिका और पद्मश्री सम्मान प्राप्त बसंती बिष्ट ने बुधवार को फुलदेई बाल उत्सव के एक कार्यक्रम में यह बात कही।

बिष्ट ने बुधवार को राजपुर रोड स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में धाद के फुलदेई कार्यक्रम में शिरकत की। उनके साथ नगर के प्रमुख अस्थि रोग विशेषज्ञ डा. जयंत नवानी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में 50 विद्यालयों के करीब सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

धाद की इस प्रस्तुति में हिमाचली और उत्तराखंडी लोकगीतों की खूब धूम रही। शानदार लोकनृत्य प्रस्तुत किए गए। इससे पूर्व चित्रांकन कविता कहानी में विद्यालय के 100 छात्रों ने प्रतिभाग किया।

गणमान्य लोगों का स्वागत करते हुए शैक्षिक एकांश की तरफ से नीलम बिष्ट ने कहा कि धाद शैक्षिक एकांश शिक्षकों की ओर से गठित वो समूह है जो शिक्षकों को अपने छात्रों के साथ उनके रचनात्मक क्रियाशीलता के लिए बनाया गया है।

इस अवसर पर ब्रिगेडियर केजी बहल, एसके त्यागी, विशम्भर बजाज,राजीव पांथरी, जगमोहन मेहंदीरत्ता, मनीषा ममगाईं, मीनक्षी जुयाल, दमयंती रावत, कल्पना बहुगुणा, मंजू काला, बीना कंडारी के अलावा कई अन्य लोग मौजूद रहे।