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जिला सेक्टर, राज्य सेक्टर, केन्द्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं की समीक्षा की

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देहरादून: मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को सचिवालय में वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिला सेक्टर, राज्य सेक्टर, केन्द्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री प्रकाश पंत एवं मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार िंसंह सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
विभागवार स्वीकृत बजट एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने विभाग एवं शासन स्तर पर तैयार किये गये आंकडो के मिलान पर भिन्नता पाये जाने को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिये कि सभी विभागाध्यक्ष अपने विभागीय बजट की गहनता से समीक्षा कर उसका मिलान शासन एवं राज्य योजना आयोग में करें ताकि आंकडो की समान स्थिति स्पष्ट रहे।
उन्होंने निर्देश दिये कि आगामी 5 दिनों के अन्दर सभी विभागाध्यक्ष अपने विभाग की गहन समीक्षा कर विवरण तैयार कर आंकडो का मिलान कर लें, उसके पश्चात पुनः इसकी विभाग वार समीक्षा की जायेगी। मुख्यमंत्री ने सभी प्रभारी सचिवों को निर्देश दिये कि वे सम्बंधित जनपदों का भ्रमण कर स्वीकृत बजट एवं भौतिक लक्ष्यों की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के साथ ही कार्यों की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने को कहा।
बैठक में सचिव वित्त श्री अमित नेगी ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया कि प्रदेश का कुल बजट प्राविधान 45585.08 करोड़ रूपए है तथा 25168.95 करोड़ रूपए की स्वीकृति जारी की गई है, बजट प्राविधान के सापेक्ष जारी स्वीकृति 55.21 प्रतिशत है। उन्हांने बताया कि जिला सेक्टर के अन्तर्गत में बजट 550.00 करोड़ रूपए है। 200.00 करोड़ की स्वीकृति जारी की गई है, कुल बजट के सापेक्ष जारी स्वीकृति 36.36 प्रतिशत है। राज्य सेक्टर में बजट 35924.97 करोड़ रूपए है। 22101.62 करोड़ की स्वीकृति जारी की गई है, बजट के सापेक्ष जारी स्वीकृति 61.52 प्रतिशत है।
उन्होंने बताया कि केन्द्रपोषित योजना में बजट 7597.84 करोड़ रूपए है। 2600.55 करोड़ रूपए की स्वीकृति जारी की गई है, बजट के सापेक्ष जारी स्वीकृति 34.23 प्रतिशत है। जबकि बाह्य सहायतित योजना में बजट 1512.27 करोड़ है। 266.78 करोड़ की स्वीकृति जारी की गई है, बजट के सापेक्ष जारी स्वीकृति का 17.64 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से सोमवार को सचिवालय में इंडियन मेडिकल एशोसियेशन एवं संयुक्त चिकित्सक महासंघ के प्रतिनिधियों ने भेंट कर प्रदेश में क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के प्राविधानों के तहत आने वाली समस्याओं से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास हमारी प्राथमिकता है, आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके इसमें सभी चिकित्सा संगठनों व चिकित्सकों को अपना सहयोग देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों की समस्याओं का संज्ञान लेते हुए अपेक्षा की कि प्रदेश के निजि चिकित्सकों इंडियन मेडिकल एशोसियेशन संयुक्त चिकित्सक महासंघ के पदाधिकारी जारी गजट नोटिफिकेशन का गहनता से अध्ययन कर इस सम्बंध में राज्य हित को ध्यान मे रखते हुए अपने सुझाव एक सप्ताह के अन्दर सचिव स्वास्थ्य को उपलब्ध कराये, प्राप्त सुझावों पर राज्य सरकार द्वारा इस सम्बंध में विचार कर कतिपय अन्य राज्यों की भांति इस सम्बंध में अपनायी गई प्रक्रिया का संज्ञान लेकर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने इंडियन मेडिकल एशोसियेशन द्वारा चिकित्सा सम्बंधी भवनों के बाईलाज को व्यवहारिक बनाये जाने की भी मांग की। मुख्यमंत्री ने इस सम्बंध में उपाध्यक्ष एमडीडीए को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य सलाहकर डॉ0 नवीन बलूनी, सचिव स्वास्थ्य श्री नितेश झा एवं इंडियन मेडिकल एशोसियेशन एवं संयुक्त चिकित्सक महासंघ के प्रतिनिधियों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग  के अधिकारी उपस्थित थे।